माननीय महोदय, गोकलपुरी फ्लाईओवर के नीचे हरियाली एवं पौधारोपण से संबंधित मेरी शिकायत संख्या PWD202607230015 को वास्तविक स्थल की स्थिति बताए बिना लोनी गोलचक्कर फ्लाईओवर की फोटो लगाकर बंद किया जा रहा है, जबकि शिकायत स्पष्ट रूप से गोकलपुरी फ्लाईओवर के नीचे की है।
यह अत्यंत गंभीर विषय है। कृपया गलत तथ्य एवं गलत स्थल की फोटो प्रस्तुत कर शिकायत बंद करने वाले संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए, इन जैसे अधिकारियों द्वारा विभाग और PWD मंत्री महोदय का नाम जानबूझ कर खराब किया जा रहा है ।
@DelhiPwd@p_sahibsingh@CMODelhi@gupta_rekha@LtGovDelhi@LokNiwasDelhi@SandhuTaranjitS
@Sunil__Ind@drumeshpal चुनाव नज़दीक आने दो…
जनता इस बार बदलाव के लिए बगावत पर उतरेगी।
अब जनता सिर्फ वादे नहीं,
काम और जवाबदेही चाहती है।
समय आने दीजिए,
जनता अपने वोट से जवाब देगी।
डिजिटल युग में सरकार के एक महत्वपूर्ण लोक शिकायत आयोग का हाल:-
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य:-
1. डिजिटल सुविधा की निरंतरता आवश्यक थी
नया पोर्टल विकसित करना प्रशासनिक आवश्यकता हो सकती है, परंतु जब तक नई प्रणाली पूर्णतः विकसित, परीक्षणित, सुरक्षित एवं operational न हो जाए, तब तक पुरानी ऑनलाइन व्यवस्था को जारी रखना नागरिक-केंद्रित एवं प्रशासनिक रूप से अधिक तार्किक होता। पुराने पोर्टल को पहले ही बंद कर देना service continuity एवं ease of access की भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
2. PGC के उद्देश्य के विपरीत स्थिति
PGC का मूल उद्देश्य सार्वजनिक शिकायतों का शीघ्र एवं प्रभावी निवारण तथा प्रशासन को अधिक पारदर्शी एवं responsive बनाना है। ऐसे में ऑनलाइन शिकायत सुविधा को बीच की अवधि में समाप्त करने से नागरिकों की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रभावित होती है। अतः नई व्यवस्था लागू होने तक प्रभावी वैकल्पिक डिजिटल व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना अपेक्षित था।
3. प्रशासनिक निर्णय गैर-मनमाना एवं तर्कसंगत होना चाहिए
संविधान के अनुच्छेद14 के तहत राज्य की प्रशासनिक कार्रवाई मनमानी नहीं हो सकती। यदि नया पोर्टल अभी विकासाधीन था, तो पुराने पोर्टल को तत्काल बंद करने की वास्तविक प्रशासनिक आवश्यकता एवं उसके औचित्य को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है, विशेषकर तब जब इससे नागरिकों की सुविधा प्रभावित होती हो।
4. नागरिकों की Legitimate Expectation
लंबे समय से उपलब्ध ऑनलाइन शिकायत प्रणाली पर नागरिकों की accessibility एवं continuity की उचित अपेक्षा बनना स्वाभाविक है। सरकार प्रणाली बदल सकती है, लेकिन ऐसा परिवर्तन निष्पक्ष, तर्कसंगत, पारदर्शी और नागरिक हितों को ध्यान में रखकर होना चाहिए, ताकि संक्रमणकाल में नागरिक शिकायत-निवारण की सुविधा से वंचित न हों।
@CMODelhi@gupta_rekha@PMOIndia@AmitShahOffice@LtGovDelhi@SandhuTaranjitS@LokNiwasDelhi@ns31820@PunjVirendra@rahulreports@DrMunishRaizada@Dillisocial@knpss_@GulshanRKhatri@YUDHAMANYU93583@kunalkashyap_st@iamprabhat28@theAnupPandey@sagarmalik1985@RamNareshindian@NavbharatTimes
Thooo h esi company pr @HPCL
Har baar ka ronaa kabhi in saalo se time pr gas cylinder time se deliver nhi kiya jaata, naa saale phone uthate h office jao to saalo ke alg hi drame hai in madr€h@do se koi ummid krna hi bekar h, gujara ye desh bho$dik@ tarraki karegaa
@MoPNG_eSeva
@HPCL again and again ... Aap kyo nhi apni service sudharte. Almost 1 week guzar gya lekin ab tk cylinder delivery nhi kiya gya tyohaar wale din bhi chulha jalane ko majboor hai..
@MoPNG_eSeva please help
मेरी औकात यही है कि मेरे बाप नौ बार के सांसद नहीं थे बल्कि ‘लाल कार्ड’ धारक किसान रहे और मैंने अपनी प्रतिभा के बल पर वह सब पाया, जो तुम्हारे चिराग जी नौ बार के सांसद पिता के पुत्र हो कर भी कभी पा नहीं सकते। उनको खड़े होने के लिए डंडा चाहिए, चलने के लिए बैसाखी, बोलने के लिए बासी लेख।
@HPCL again and again ... Aap kyo nhi apni service sudharte. Almost 1 week guzar gya lekin ab tk cylinder delivery nhi kiya gya tyohaar wale din bhi chulha jalane ko majboor hai..
@MoPNG_eSeva please help
@HPCL again and again ... Aap kyo nhi apni service sudharte. Almost 1 week guzar gya lekin ab tk cylinder delivery nhi kiya gya tyohaar wale din bhi chulha jalane ko majboor hai..
@MoPNG_eSeva please help
CPGRAMS में शिकायत के असंतोषजनक निस्तारण के बाद अपील की व्यवस्था तो है, लेकिन व्यवहार में अपीलकर्ता को सुनने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। हर मामले में नोडल अधिकारी अपनी तरफ से शिकायत पर सिर्फ अपना पक्ष रखकर अपील को निरस्त कर देता है और शिकायतकर्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है क्योंकि इतने बड़े पोर्टल पर जो कि सीधे PMO के अंतर्गत चलता है जब यहॉं भी सिर्फ शिकायत संख्या को कम करने पर बल दिया जायेगा तो जनता कहाँ जाएगी?
इस तरह अपील की पूरी प्रक्रिया मात्र औपचारिकता बनकर रह जाती है।
भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है और जनता शासन की वास्तविक शक्ति का स्रोत है। सरकारी अधिकारी जनता के सेवक हैं, इसलिए नागरिक की शिकायत को निष्पक्ष रूप से सुनना और उस पर कारणयुक्त निर्णय देना सुशासन का मूल सिद्धांत है।
ऐसी व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता एवं निष्पक्षता के सिद्धांत तथा अनुच्छेद 19(1)(a) में निहित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भावना के अनुरूप होनी चाहिए।
अतःCPGRAMS की अपील व्यवस्था में अनिवार्य सुनवाई, शिकायतकर्ता के प्रत्येक बिंदु पर बिंदुवार उत्तर, स्वतंत्र समीक्षा तथा कारणयुक्त आदेश की व्यवस्था की जाए। केवल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अपील बंद करने की प्रक्रिया समाप्त होनी चाहिए।
लोकतंत्र में जनता मालिक है और अधिकारी जनता के सेवक। यदि मालिक की बात ही न सुनी जाए, तो ऐसी व्यवस्था लोकतांत्रिक सुशासन की भावना के विपरीत है।
@PMOIndia@DARPG_GoI@narendramodi@BJP4India@RahulGandhi@priyankagandhi@INCIndia@PunjVirendra@rahulreports@DrMunishRaizada@Dillisocial@knpss_
@GulshanRaiNBT
@YUDHAMANYU93583@kunalkashyap_st@iamprabhat28@theAnupPandey@sagarmalik1985@PressSubodhJain@iamprabhat28@RamNareshindian
माननीय महोदय,
मेरी कॉलोनी में स्थित पार्किंग पिछले लगभग 3 वर्षों से बंद पड़ी हुई है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर जनहित की समस्या के समाधान हेतु मेरे द्वारा लगभग 6 माह पूर्व जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक इस शिकायत पर कोई प्रभावी एवं संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान देने के बजाय केवल शिकायत संख्या उपलब्ध करा दी जाती है और शिकायत लंबे समय तक लंबित रहती है। यदि देश की राजधानी दिल्ली में नागरिकों की मूलभूत समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए बनाए गए सरकारी पोर्टल पर ही शिकायतें महीनों तक लंबित रहें, तो ऐसी व्यवस्था का आम नागरिक के लिए क्या औचित्य रह जाता है?
DUSIB जैसे संबंधित विभाग की यह कार्यप्रणाली जनसुनवाई की मूल भावना के विपरीत प्रतीत होती है। जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना या शिकायत संख्या जारी करना नहीं, बल्कि शिकायत की जांच कराकर समयबद्ध, पारदर्शी और वास्तविक समाधान उपलब्ध कराना होना चाहिए।
अतः मेरा अनुरोध है कि:
1. उक्त पार्किंग को पिछले 3 वर्षों से बंद रखने के वास्तविक कारणों की जांच कराई जाए।
2. पिछले 6 माह से जनसुनवाई पोर्टल पर लंबित मेरी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
3. संबंधित DUSIB अधिकारियों से शिकायत को इतने लंबे समय तक
लंबित रखने के संबंध में जवाबदेही तय की जाए।
4. पार्किंग की वर्तमान स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर उसकी मरम्मत/पुनर्विकास एवं पुनः संचालन की समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।
5. मुझे शिकायत पर की गई कार्रवाई की Action Taken Report (ATR) एवं संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
6. जनसुनवाई पोर्टल पर महीनों तक शिकायतों के लंबित रहने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए, ताकि नागरिकों को केवल शिकायत संख्या देकर उनकी समस्याओं को अनिश्चितकाल तक लंबित न रखा जा सके।
यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं बल्कि स्थानीय निवासियों से जुड़ा सार्वजनिक हित का विषय है। सरकार द्वारा नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल उपलब्ध कराया गया है, इसलिए उस पोर्टल पर दर्ज शिकायत का वास्तविक एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
यदि देश की राजधानी में नागरिकों की समस्याएं सुनी ही नहीं जाएंगी और शिकायतों का समाधान करने के बजाय केवल शिकायत नंबर देकर उन्हें महीनों तक लंबित रखा जाएगा, तो आम नागरिक का ऐसी जनसुनवाई व्यवस्था पर विश्वास कैसे कायम रहेगा?
अतः अनुरोध है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए DUSIB के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए, मेरी शिकायत का तत्काल निस्तारण कराया जाए तथा बंद पड़ी पार्किंग को शीघ्रातिशीघ्र जनता के उपयोग हेतु पुनः खोला जाए।
गिरधर सिंह बिष्ट
दिल्ली
@dusibdelhi@CMODelhi@gupta_rekha@ashishsood_bjp@PMOIndia@narendramodi
Complaint no. 40042260000004
ज्ञान सिंह पूर्व फौजी, उम्र 82 वर्ष, सोनिया विहार थाना सभापुर गांव निवासी जिनका कोई बेटा नही, 7 बेटियां है, सबको संपत्ति बांट दी लेकिन घर को हड़पने के लिए बेटियां बुजुर्ग को पिटती है, घर मे कल से कब्जा करे हुई है, @DelhiPolice आई लेकिन कोई मदद नही मिली।
@CPDelhi@DCPNEastDelhi
🚨 अत्यंत गंभीर सुरक्षा समस्या – शिव विहार 33 फुटा, काली मंदिर के पास
शिव विहार 33 फुटा रोड पर काली मंदिर के पास बने नाले की दीवार से सरिया बाहर दिखाई दे रहा है तथा दीवार भी एक ओर झुकी हुई प्रतीत हो रही है। यह स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है @bishtmla
DM साहब
शिव विहार तिराहे पर पुलिया निर्माण का कार्य 2-3 महीने से बंद पड़ा है। करण दिल्ली जल बोर्ड की पाइप। जल बोर्ड पाइप शिफ्ट करे तो काम आगे बढ़े।
आप इसका कोई हल निकालिए
@dm_northeast
@MoPNG_eSeva ये इस एजेंसी के साथ हर बार का रोना है , कभी टाइम से सिलिंडर डिलीवर नहीं करना । अभी 7 दिन हो गए बुकिंग किये लेकिन अभी तक कोई जबाब नहीं।एजेंसी बदलने के लिए भी एप्पलीकेशन दिया लेकिन कुछ नहीं। @HPCL@hpgasservices@MoPNG_eSeva
@MoPNG_eSeva why this is happen all the time. Booking before 5 days and still waiting
This is hard to survive in delhi..
Shri mohan gas agency is cheaper by its services. No respond, no gas delivery what is wrong with you @hpgasservices@HPCL
Dear General category, open your eyes now and stand against this hypocrisy of the govt.
We kept struggling for 2 months just to get permission for a UGC protest, but CJP got it within 1 hour.
Just because they say Jai Bhim?
And what are we punished for saying Jai Shree Ram?