अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला हिंदू नहीं है तो मोहन भागवत जी बताएं, ऐसे लोगों को @RSSorg अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करती?
मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत फैलाने, मॉब लिंचिंग और हिंसा का समर्थन करने, आर्थिक एवं सामाजिक बहिष्कार की अपील करने, मस्जिदों, मदरसों एवं शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने तथा मुसलमानों की नागरिकता और संवैधानिक अधिकारों को संदेह के घेरे में लाने वाले आखिर कौन लोग हैं? उनके खिलाफ RSS ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है, लेकिन इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने इस विचार को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं, तो उन्हें नफरत फैलाने वालों से खुले तौर पर दूरी बनानी चाहिए और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करके यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है।
भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों को मानने वालों का साझा वतन है। किसी भी विचार की सच्चाई भाषणों से नहीं, बल्कि उसके अमल से साबित होती है। इसलिए सवाल सीधा है—नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और संविधान में मिले समान अधिकारों की रक्षा जमीन पर कब दिखाई देगी?
#ArshadMadani
#India #RSS #MohanBhagwat #ReligiousHarmony #UnityInDiversity
On the blessed occasion of Eid-e-Milad-un-Nabi ﷺ, let us reflect on the timeless example of the Holy Prophet ﷺ — his exalted character, kindness, compassion and love for humanity.
May Allah bless all humanity with peace, harmony and tranquility.❤️🤲☝️
#MyProphetMyHonourﷺOn
Freedom is not just a word,
It is the priceless gift earned through our heroes’ sacrifices. ❤️
Let’s stay united and make our nation proud.🫡
Happy Independence day 🇮🇳
‘फूल देने गए तो लाठी मारी...'
जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान हुए लाठीचार्ज पर शख़्स ने क्या बताया?
Full Report: https://t.co/ae3EgC86LP
Jantar Mantar | Protest
मध्य प्रदेश के छतरपुर में आदिवासी अपने अधिकारों के लिए चिता पर लेटकर 'जल-सत्याग्रह' कर रहे हैं, लेकिन BJP सरकार को उनकी चीखें सुनाई नहीं दे रहीं
'केन-बेतवा परियोजना' के नाम पर आदिवासियों की ज़मीन छीनना, घर उजाड़ना और उनकी आवाज़ अन्याय है
इसे विकास का फ़र्ज़ी नाम देना पाप है