भुवनेश्वर में केंद्र सरकार के MMDR एक्ट के ख़िलाफ़ बीजेडी का प्रोटेस्ट। नवीन पटनायक भी शामिल हुए। इसके ख़िलाफ़ झारखंड में भी जेएमएम-कांग्रेस की बड़ी रैली हो चुकी है। ये राज्य केंद्र सरकार के नए क़ानून को अपना हक़ वापस लेना बता रहे हैं। यहाँ बीजेपी डिफेंसिव मोड में
#BREAKING | Indian Express has taken upon itself to expose Modi govt.
The latest MeitY takedown seems to be targeting “Gyanesh Kumar resignation” topic.
अच्छा हुआ की बैंककर्मिओं ने अपनी हड़ताल टाल दी! लेकिन अब उनकी बात सुनी जानी चाहिए!
जिस तरह बैंक कर्मिओं के काम का मजाक बनाया जाता है एयर ऐसी छवि बनाई जाती है की उनके पास कोई काम नहीं है,हकीकत इसके अलग है! उनकी काम की स्थिति अब बहुत तनावपूर्ण है! वे अपने कामकाज के दबाव से बहुत परेशान हैं। कई बेहतर विकल्प के तलाश में हैं। सरकार को इनसे संवाद करनी चाहिए। जबरन दबाव और टारगेट का तनाव कम करना चाहिए। अच्छी स्थिति नहीं है। टारगेट की कोशिश में सरकारी बैंकों में भी नौकरी को अमानवीय बना दिया गया है। बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों को लोगों का काम करने से अधिक इंश्योरेंस और बाक़ी प्रोडक्ट बेचने का दबाव है। तनाव बढ़ता जा रहा है। कई ब्रांचों से ऐसी खबरें आ रही हैं।कुछ राहत उन्हें मिलनी चाहिए। कई बैंक कर्मियों ने स्ट्रेस से जान दी। अच्छी स्थिति नहीं है।
सोशल मीडिया में नीचता की हद पार कर है आप जैसे कुछ लोग अभिषेक!
सौरभ @saurabhtop के उपर नीचता पूर्ण आरोप लगाने से पहले रिश्तों की सच्चाई जान लेते तो बेहतर होता।
Another bombshell from THE INDIAN EXPRESS on the Modi govt's social media crackdown.🚨
Between March and July 2026 nearly 1.95 lakh blocking orders were sent to Instagram, Facebook and YouTube — around 1275 per day.
This Government is so afraid of criticism that it keeps trying to silence the internet.
जब आप बुलंदियों पर पहुँचते हैं और सफलता,फैंस,लाइमलाइट से घिरे रहते हैं तब आपके पास अपनी जड़ को भूलने का सबसे अधिक खतरा रहता है और इसके साथ आपकी स्ट्रेंथ भी गायब हो जाती है! आज मैं यहाँ खड़ा होकर खेल रहा हूँ और मुमकिन था मैं नहीं भी हो सकता था! होने और नहीं होने के बीच ही हम सबकी पूरी यात्रा होती है! यहाँ धैर्य की परीक्षा होती है! खोने पाने के बीच हम खुद को डिस्कवर करते रहते हैं!
-विराट कोहली ने जो मैच के बाद कहा उसका सार!
विराट को पूरा सुनिए! किसी भी नए स्टार को उनकी हर बात को सुननी चाहिए! उनका शतक अधिक खूबसूरत था या मैच के बाद कही बातें? तय करना मुश्किल! शानदार बोले!
कुलदीप यादव ने बहुत ख़राब बोलिंग की! दस ओवर में सिर्फ चार विकेट लिए! सारे दस विकेट नहीं ले सके!
ऐसा ख़राब परफॉरमेंस काफी है सिलेक्टर और गौतम गंभीर के लिए उन्हें अगले मैच में फिर निकाल देने का!
शेयर बाजार में हाहाकार!
करोड़ों इन्वेस्टर परेशान! दिनों दिन हालत ख़राब होती जा रही है!
UPA दिनों में ऐसी सूरत में मीडिया वित्त्त मंत्री से कड़े सवाल पूछती थी और सरकार भी ऐसे मौकों पर आकर जवाब देती थी!
आपने अंतिम बार कब सुना शेयर बाजार के ऐतिहासिक गिरावट पर वित्त मंत्री या सरकार के किसी मंत्री को? या मीडिया के सख्त सवाल को?
मीडिया तो खैर सवाल करना तो दूर,कोई सवाल करे उसे ही काटने "सोर्स" हथियार के साथ उतर आती है!
वहीँ कोई हिन्दू मुस्लिम का कोण निकल जाए यह राहुल गाँधी का मसला,यही सारे मंत्री इसी मीडिया के सामने निकल आते हैं बात करने!
दरसअल आम लोगों की भी दिक्कत है! वे भी सवाल करना भूल गए हैं! सवाल तो दूर,अब ऐसे लोग भी मिल जाएंगे जो सवाल करने वालों को बुली कर देंगे!
और कुछ सरकार के "एजेंट" मार्किट एक्सपर्ट हैं,जो आज भी टीवी पर "आल इज़्ज़ वेल" बताते दिख जाएंगे! उन्हें भी अब हकीकत का सामना करवाना होगा!
वैसे सरकार को अंदाजा नहीं है की यह कितना बड़ा मसला बन रहा है! विपक्ष भले इस मुद्दे को नजरअंदाज करे लेकिन इसका शिकार सबसे अधिक करोड़ों युवा हैं जो पिछले कुछ सालो में इस बाजार में आए हैं जो नुकसान झेल रहे हैं! उनका गुस्सा जल्द दिखेगा!
मूल समस्या शेयर बाजार का ऐसा ध्वस्त होना नहीं है! बड़ा मुद्दा है की यह सरकार के लिए कोई मुद्दा ही नहीं है!
सरकार और बीजेपी नेता जो हर इधर उधर के गैर जरुरी मुद्दा पर बोलते रहते हैं,इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप हैं!
पता नहीं श्रेयसी सिंह को खेल मंत्रालय क्या दिया गया । दीपक कुशवाहा या निशांत कुमार इनसे लाख गुना अच्छा रिजल्ट दे चुके होते । हमलोग इनको पढी लिखी समझ रहे थे लेकिन ये तो
@_ShreyasiSingh
एक दो बातें विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह (@_ShreyasiSingh) को समझ लेनी चाहिए.
वो लड़के मॉरल पुलिसिंग करने नहीं, बलात्कार करने गए थे.
और समाज में सभ्य या असभ्य, किसी किस्म की मॉरल पुलिसिंग का रोल नहीं होता है.
समाज में बस पुलिसिंग का रोल होता है, और वो बिहार में ग़ायब है.
एक दो बातें विधायक और मंत्री श्रेयसी सिंह (@_ShreyasiSingh) को समझ लेनी चाहिए.
वो लड़के मॉरल पुलिसिंग करने नहीं, बलात्कार करने गए थे.
और समाज में सभ्य या असभ्य, किसी किस्म की मॉरल पुलिसिंग का रोल नहीं होता है.
समाज में बस पुलिसिंग का रोल होता है, और वो बिहार में ग़ायब है.
मैं बार बार कह रहा हूँ बिहार में लोकल स्तर पर लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है। लोकल स्तर पर काम काज ध्वस्त है।
बिना “ऊपरी सेवा” के कोई काम नहीं होगा।
और लोकल स्तर की यह अराजकता के प्रति अब गुस्सा अब इस स्तर तक पहुँच रहा है कि उसकी आग से सरकार ऐसी झुलसेगी कि कई सालों तक उसका दर्द महसूस होगा। जैसा अभी आरजेडी को इतने सालों के बाद भी झेलना होता है। अभी अलग तरह का “जंगल राज” चल रहा है बिहार में ।
@SonuNigamSingh खुशी की बात ये है कि मोदी एण्ड कंपनी को पूरा खोला जा रहा है ।इस पूरी कंपनी को इतना नंगा कर दो कि जब ये जा॓ए तो इतिहास में हंसने के लिए इनका जिक्र हो।
@nishikant_dubey खुशी की बात ये है कि मोदी एण्ड कंपनी को पूरा खोला जा रहा है ।इस पूरी कंपनी को इतना नंगा कर दो कि जब ये जा॓ए तो इतिहास में हंसने के लिए इनका जिक्र हो।
@AcharyaPramodk खुशी की बात ये है कि मोदी एण्ड कंपनी को पूरा खोला जा रहा है ।इस पूरी कंपनी को इतना नंगा कर दो कि जब ये जा॓ए तो इतिहास में हंसने के लिए इनका जिक्र हो।