@kmrvivek14 PET एग्जाम में कॉमन कट ऑफ बननी चाहिए TET एग्जाम की तरह
सर हमें आपसे बहुत उम्मीद है। आप जरूर UPSSSC आयोग में सुधार करवाने में छात्रों का सहयोग करेंगे
@kmrvivek14 नमस्कार सर
सबसे पहले सर भारती का एक कैलेंडर जारी होना चाहिए
उसके बाद एक निश्चित दूरी पर एग्जाम सेंटर की करनी चाहिए ताकि छात्र जो पेपर देने जाए उसको आसपास के जिलों में सेंटर देना चाहिए ताकि बच्चा मेंटली डिस्टर्ब ना हो
UPSSSC आयोग को PET एग्जाम में कॉमन कट ऑफ बननी चाहिए जिससे
उत्तरप्रदेश की सरकारी नौकरियों की प्रणाली में क्या-क्या सुधार आवश्यक हैं, कृपया सभी अपनी-अपनी राय दें 🙏 उचित स्तर तक पहुंचाने का प्रयास रहेगा 🙏
#upsssc#upprpb
क्या कहेंगे आप इस व्यवस्था के लिए, जहाँ बच्चों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है?
सरकार को भलीभाँति सोचना चाहिए था कि अगर परीक्षा सेंटर पास में बनाए जाते तो व्यवस्था बेहतर और सहज हो सकती थी, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
75 जिलों के छात्रों की परीक्षा सिर्फ़ 48 जिलों में कराई गई है।
तो क्या बाक़ी जिलों में परीक्षा कराने की क्षमता नहीं है?
या फिर सरकार की मंशा ही छात्रों को परेशान करना है?
पड़ोसी ज़िले में सेंटर देने में आखिर क्या समस्या थी ?
#upsssc_pet_2025 #upssscpet
Desh ka yuva Saiyaara naam ki film dekh kar toot toot kar ro raha hai. Isko roka jaana chahiye. I think cops storming in for a quick lathicharge during the end credits might help snap them back to reality.
घर से करोड़ों मिले, फिर भी कहते हैं 'ये मेरे नहीं' चोरी ऊपर से सीना जोरी! न्यायपालिका जैसे पवित्र संस्थानों पर जब ऐसे दाग लगते हैं, तो आम जनता का भरोसा हिलता है। सच्चाई सामने आनी चाहिए, वरना लोकतंत्र मज़ाक बनकर रह जाएगा।
@ArunKosli उस दिन जब श्रद्धालु को पीटा गया था तब कौन सा दुकानदार उसको बचाने आया था उसे बुरे दुकानदार का सपोर्ट भी तो इन्हीं सब दुकानदारों ने किया था क्या इन दुकानदारों का कर्तव्य नहीं था कि उस श्रद्धालु को बचाए उससे
जय खाटू श्याम बाबा
इलाज ऐसा करो कि 7 पीढ़ी याद रखे
खाटू श्याम में बारिश से बचने के लिए लोग खड़े थे तभी दुकानदारों ने मारपीट की थी
आज कोई भी वहां से प्रसाद नहीं ले रहा है
दुकानें खाली पड़ी हैं..अच्छा सबक हिंदुओं द्वारा
आख़िर सरकार आख़िरी दवा की भी MRP क्यों नहीं तय करती?
MRP 120₹, असल में वही दवा कहीं 8₹ में बिक रही।
हम 90₹ में लेकर खुश हो जाते हैं कि 25% डिस्काउंट मिल गया!
इस संसद सत्र में दवाओं के दाम तय करने का क़ानून बने — यही माँग है।
मिलिये अनिरुद्ध आचार्य से ❤️⬇️
- रोज़ाना एक लाख लोगो को भंडारा
- 1000 वृद्ध महिलाओं को फ्री सेवा
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- 500 धार्मिक गुरुओं की रोज़ फ्री सेवा
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- कोई निजी बैंक अकाउंट नहीं
- हर साल 100 कन्याओं का फ्री विवाह
मुफ्तखोर इनका कितना भी मज़ाक़ उड़ा ले, क्या इनके पैरो की धूल बराबर भी है ?