#SatishMahana माननीय मन्त्री जी;आपके द्वारा कैन्ट के निर्माणाधीन उपरगामी पुल के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सर्विस रोड को दुरुस्त करने के निर्देश दिये थे।
शुक्लागंजवासियों के लिए अब दोनों छोरों से आनेजाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।कृपया मुक्ति दिलवायें।
आज जन्मदिन पर
यारो ने पूछा
क्या लोगे उपहार
बताओ मेरे यार
मैने कहा
मुझे और क्या चाहिए
बनी रहे परमेश्वर परमेश्वरी की कृपा और
हंसता खेलता रहे मेरा परिवार
ऐसे ही बने रहें जिंदादिल मेरे दोस्त यार
जै जै श्री कृष्णा
जै जै श्री राधे
खुश रहें सारा संसार
नीचे दिए गए सवालों और उसका जवाब पढ़िये और फैसला कीजिए?
1. NEET का पेपर किसने लीक किया?
सिस्टम में बैठे टीचर्स / प्रोफेसर्स ने।
2. उन्होंने इसे लीक किसको किया?
कोचिंग माफिया को।
3. टीचर्स / प्रोफेसर्स को पैसा किसने दिया?
कोचिंग माफिया ने।
4. कोचिंग माफिया को पैसा किसने दिया?
उन माता-पिता ने जो शॉर्टकट चाहते थे।
5. कोचिंग माफिया को किसने पकड़ा?
सरकार ने।
6. NEET परीक्षा दोबारा किसने करवाई?
सरकार ने।
7. उन टीचर्स / प्रोफेसर्स के खिलाफ सीबीआई जांच कर उन्हें गिरफ्तार किसने करवाया?
सरकार ने।
8. इस स्थिति का फायदा किसने उठाया?
जॉर्ज सोरोस ने।
अपने साथियों अभिजीत डिपके, सौरव दास, सोनम वांगचुक के जरिए।
9. उनके साथी किसके इस्तीफे के पीछे पड़े हैं?
शिक्षा मंत्री के।
10. सेलिब्रिटीज और विपक्षी पार्टियां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के पीछे क्यों पड़ी हैं?
सरकार लोकसभा सीटों में FCRA एक्ट में संशोधन और परिसीमन ला रही है।
11. FCRA एक्ट कांटा क्यों है?
यह उन NGOs की अवैध फंडिंग को रोकेगा जो इसका इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और हिंदुओं का धर्म परिवर्तन के लिए करते हैं, खासतौर से गरीब दलितों और आदिवासी लोगों की।
12. इस कथित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को उपद्रव और अराजकता में किसने बदला?
उन्हीं NGOs ने और कुछ विपक्षी नेताओं ने डीप स्टेट और सत्ता से बाहर बैठे लेफ्ट स्यूडो के इशारे पर काम करते हुए। गुंडों और आवारा तत्वों से संसद पर धावा बुलवाकर।
13. किसके चेहरे पर कालिख पुत गई है?
उन बेवकूफों के जो सोचते हैं कि यह एक ऑर्गेनिक विरोध है। 😌
आखिरी सवाल: क्या इस बार भी पेपर लीक करने वालों को न्यायालय द्वारा जमानत दे दी जाएगी और केस सालों तक लटका रहेगा?
@ajeetbharti ॐ शान्ति ॐ
परमेश्वर परमेश्वरी त्रैलोक्य स्वामी उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें, और आपको इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें।
"800 साल पहले,
भारत में, उन्होंने कोणार्क सूर्य मंदिर का निर्माण किया था"
और हम एक सड़क तक नहीं बना सकते तो जो सर्दियों मे चल सके"
👉गोरा भारत के कोणार्क सूर्य मंदिर को देख के चकित रह गया
ध्वज प्रणाम के समय मोदी जी के कांपते हाथों को किसने देखा ?
वह क्या था कुछ समझे..?
उन कांपते हाथों ने मुझे TV के सामने उन्हें करबद्ध प्रणाम करने पर मजबूर कर दिया। आंखें नम हो गई और भाव विभोर मन मोदी जी के चट्टानी संकल्प शक्ति को नमन करने पर मजबूर हो गया।
वो कंपकपाहट मोदी जी के भीतर उमड़ रहा उत्साह, आनंद, श्रद्धा, भक्ति और हिंदुत्व के पुनरुत्थान के हर्ष को रोके रखने के शरीर और आत्मा को द्वंद का प्रकटीकरण था।
हम कितने भाग्यशाली है कि हम उस कालखंड में जी रहे है जिसमें गुलामी का समूल नाश होते हम देख रहे है।
हम एक अवतार के साक्षी बन सके।
मोदी जी मानव नहीं महामानव है।
आज सम्पूर्ण सनातन समाज मोदी का ऋणी हो चुका हैं
सिर्फ स्वार्थी, सत्तालोलुप और संक्रमित दूषित रक्त से सिंचित नाम मात्र के सनातनियों को छोड़कर।
जय श्री राम 🙏🚩
मोदी जी का ये भाषण सुनिए
ऐसा लगेगा कि कोई राजनेता नहीं बल्कि कोई ऋषि या धर्मशास्त्र का ज्ञाता बोल रहा है
हिंदी और संस्कृत के अद्भुत तालमेल के साथ प्रभु श्रीराम के चरित्र को जीवंत किया है
- राम यानी आदर्श
- राम यानी मर्यादा
- राम यानी जीवन का सर्वोच्च चरित्र
प्रवहु श्री राम का ऐसा वर्णन सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे, आंखें नाम हो जाएंगी, भावनाओं का ज्वार उमड़ने लगेगा
ऐसी भावना आपके अंदर प्रज्वलित होगी कि श्रीराम मंदिर का 500 वर्षों का संघर्ष और बलिदान आंखों के सामने जीवंत हो उठेगा
धन्य है वो मां जिसने @narendramodi जी जैसे सपूत को जन्म दिया
धन्य है भारतमाता जिसकी माटी में मोदी जैसा सपूत पला बढ़ा
धन्य है वो RSS जिसने नरेंद्र मोदी जैसे चाय बेचने वाले बेटे के अंदर धर्मपथ पर चलते हुए राष्ट्र सेवा के ऐसे संस्कार पैदा किए
हमारे जीते जी अयोध्या में हमें श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण समारोह देखने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ! हमारे लिए इससे बड़े सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है! मोदी जी के काँपते हाथ और आँखो में अश्रुओं की हल्की से धारा हज़ारों लाखो श्रद्धालुओं और राम भक्तों के बलिदान की गाथा कहते है! जय श्री राम! राम राम। हरे हरे!🙏🕉❤️
उन्होंने जब मंदिर तोडा तब पूरा नहीं तोडा...
ऐसा नहीं था कि पूरा नहीं तोड सकते थे...
उन्होंने जानबूझकर कोई मंदिर पूरा नहीं तोडा। कहीं मूर्तियाँ भग्न की, कहीं खंडित की, किंतु पूरी नष्ट नहीं की।
उन्होंने मंदिर के अवशेष पूरे ढँके या छुपाए भी नहीं कभी, उन्हें पूरी तरह भग्नावस्था में तुम्हारे आँखों के सामने रखा, ताकि तुम्हें और तुम्हारी आनेवाली असंख्य पीढ़ियों को रोज अपमानित करते रहें, खून के आँसू रुलाते रहे, उनकी धाक और खौफ तुम्हारे दिलों में ताजा रख सकें और हर रोज हर पल हर क्षण तुम्हारे आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, आत्मबल पर अप्रत्यक्ष चोट करते रहे!
वे चाहते तो क्या नन्दी को भग्न नहीं कर सकते थे? उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया ताकि तुम याद रखो नन्दीश्वर कहां है और रोज रोज तरसों, तड़पो और दर्शन की अभिलाषा लिए तिल तिल मरो!
बहुत भयानक होती है ऐसी मौत क्योंकि इसमें व्यक्ति नहीं उसका स्वाभिमान, धर्म और राष्ट्र मर रहा होता है। हर आक्रांता का परम आनंद होता है ऐसी मौत देखना।
उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि यही अधमरे, आत्माभिमान शून्य लोग कभी एकत्रित हो जाएंगे और अपनी विरासत वापस मांगने लगेंगे।
उन्होंने कभी सोचा ही नहीं था कि उनके समाजिक और मानसिक स्तर पर इतनी चोट के बाद भी हम कभी संगठित हो पाएंगे!
उन्होंने सोचा ही नहीं था इन सोए मुरझाए लोगों को झकझोरकर जगाने कोई मोदी आएगा...
और फिर जो भग्नावशेष इन्हें अपमानित करने के लिए बाकी छोड़े थे वे ही उनके अत्याचारों की गवाही देने लगेंगे!
बहुत वर्षों के अपमान झेलने के बाद कोई आया है जिसने स्वाभिमान जगाया है, जिसकी वजह से नन्दी की पथराई आँखों में आशा की किरण जागी है, कोई आया है जिसने राष्ट्र में राम वापस लाया है।
उसे किसी कीमत पर मत खोना, उसकी कमजोरी नहीं उसकी ताकत बनकर अडिग खडे रहना। उसने वचन दिया है वो देश नहीं झुकने देगा, और मुझे पता है वो वचन का पक्का है।
मोदी को खो दिया तो तुम्हारा इंसाफ कयामत के रोज होगा। याद रखना। मोदी के साथ रहे तो संतो, महंतों के साथ ब्रह्मा विष्णु महेश के कृपा पात्र रहोगे।