UGC रोल बैक के विरोध में पिछले 3 दिनों से बनारस काशी में भूख हड़ताल पर बैठे है हमारे साथी कृपया आप सभी रिपोस्ट कमेंट करे ताकि ये खबर सरकार तक पहुँच सके और हमारी मांगे पूरी हो सके
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
"जानवरोंके लिए भी पशुक्रूरता संरक्षण एक्ट है लेकिन सवर्णों के संरक्षण के लिए नहीं "....
निषाद पार्टी के डॉ संजय निषाद ने कड़वी सच्चाई बोल कर देश को चौंका दिया ।
संजय निषाद जी के कहने का अभिप्राय था कि सवर्णों को जानवरों से भी बद्तर स्थिति में देश की सरकारों ने पहुंचा दिया है!
सोचिए, मात्र 22 साल का लड़का था देवा द्विवेदी। 22 साल क्या age होती है? कॉलेज का लड़का, पढ़ने-लिखने वाला और ब्राह्मण था और मोदी एक्ट, जिसे SC-ST Act भी कहा जाता है कुछ लोगों के द्वारा, उसमें उसे फँसाया गया और अंत में उसने आत्महत्या कर ली।
अब एक और नाम याद आता है, विष्णु तिवारी का। विष्णु तिवारी वो भी 22 ही वर्ष के थे। जब वो आगरा सेंट्रल जेल से बाहर निकले तो 45 के हो चुके थे।
माता-पिता, दो भाई की मृत्यु हो चुकी थी, परिवार की ज़मीन बिक गई और रिहाई के बाद उनके सामने फिर से जीवन आरंभ करने का प्रश्न खड़ा हो गया।
सरकार को समझना चाहिए कि सबके सहने की एक सीमा होती है, और उसके बाद आम नागरिक क़ानून अपने हाथ में लेने लगता है।
प्रतिभा किसी आरक्षण की मोहताज नहीं होती,,,देखिए कैसे बिना आरक्षण के ये होनहार लड़की 100% mark लाई है, अब इन जैसे होनहार बच्चों के पैरों में आरक्षण की
बेड़िया बाँधी जा रही है और मायनस - वालों को डॉक्टर बनाया जा रहा है???
#UGC_काला_कानून_वापस_लो#ugc_rollbeack
किसान के बेटे की दलीलों और तर्कों से नाराज राजस्व अधिकारी ने सीधे SC-ST एक्ट लगाने की धमकी दे दी
सवाल है—क्या अपने हक की बात रखना भी अब अपराध है?
हरदोई के सखौरा में गाटा संख्या 510 की पैमाइश के दौरान किसान के बेटे से बहस के बाद अधिकारी द्वारा SC-ST एक्ट की धमकी दी
@myogiadityanath आपकी सरकार को ऐसे लोग बदनाम करते है आशा है आप कार्रवाई करेंगे
अधिकारी: कौन जात हो?
किसान: हम पांडे, वो पासी!
अधिकारी: ले चलो इसको, SC वाला लगाओ!
कितने आराम से SC/ST एक्ट प्रसाद जैसा बांटा जा रहा है और मामूली वादविवाद में लगाया जा रहा है, ये वीडियो उसका उत्कृष्ट नमूना है!
हमें लगा था कि IIT में जो बवाल हुआ उसके बाद सरकार को थोड़ी बहुत लज्जा होगी और कुछ आश्वासन देगी की प्रतिभा का मर्दन ना हो!
बच्चे ना मरें इस मोदी एक्ट के चक्कर में।
NCERT में जो रद्दी पढ़ाई जा रही है सामाजिक न्याय और समाज सुधारकों के नाम पर, विशुद्ध ब्राह्मण घृणा बेची जा रही है, वह अनन्य है! भाजपा नेताओं से ले कर सपा तक, निर्लज्जता से भरे बयान दिए जा रहे हैं।
जब कश्मीर में कश्मीरी मुस्लिम आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों का खुले आम नरसंहार किया, उस समय भी सुप्रीम कोर्ट चुप था।
आज जब SC ST Act के जरिये सवर्ण हिंदुओं का नरसंहार करवाया जा रहा है,उस पर भी सुप्रीम कोर्ट चुप है।
सवाल यह है कि जब यह कानून ही संविधान के विरुद्ध है तो सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे कानून को ही उठाकर कूड़ेदान में क्यों नही फेंका?
क्या भारत का संविधान इस तरह के कानून बनाने की इजाज़त देता है ?
जबाब है : नही
सवर्ण हिंदुओं का नरसंहार इस असंवैधानिक कानून के जरिये 1989 से ही जारी है।
लाखों सवर्ण इस कानून के चलते अपनी जान गंवा बैठे हैं।
वे कौन से निर्लज्ज सवर्ण हैं तो इस कानून का समर्थन करने वाली पार्टियों को वोट दे रहे हैं ?
BJP ने रासुका में जेल से बाहर निकलवाया !!
BJP ने पोलिटिकल पार्टी बनवाई !!
BJP ने सांसद बनवाया 200 करोड़ का बंगला दिया Y+ सिक्योरिटी दी !!
2 साल से मेरी FIR नहीं होने दी बीजेपी !!
Thankyou @AmitShah 😂
गरीबों की हाय कभी नहीं लेनी चाहिए बीजेपी विधायक ने एक गरीब महिला की जमीन पर कब्जा किया...
कोर्ट ने स्टे लगा दिया लेकिन प्रशासन फिर भी कब्जा दिलाने पहुंच गया क्योंकि ऊपर से नीचे तक बीजेपी का राज है इसलिए कोर्ट के आदेश को नहीं माना होगा शायद...
महिला चीख चीखकर बददुआ दे रही है और ये बददुआ खाली नहीं जाएगी।
कोर्ट के स्टे के बावजूद कब्जा...
BJP विधायक पर बड़ा आरोप।
फर्रुखाबाद के अमृतपुर से जुड़ा एक जमीन विवाद चर्चा में है।
भाजपा विधायक सुशील शाक्य के भूमि विवाद में सिविल कोर्ट के स्टे के बावजूद प्रशासन ने जमीन पर कब्जा दिलाया।
इस मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, महिला पक्ष के परेशान होने का भी दावा किया जा रहा है।
देश के PM का यह फ़र्ज़ होता है कि वह देश के सभी नागरिकों के सामूहिक विकास के लिए काम करे।
मोदी ने क्या किया ?
SC ST OBC और Muslims का विकास-सवर्णों का विनाश !!!
मोदी जी शायद देश के पहले ऐसे PM हैं जो खुले आम अपनी बेशर्मी का ढिंढोरा पीट रहे हैं कि उन्होंने "हर सेक्टर में सिर्फ SC ST OBC के लिए ही काम किया है"
सवर्ण अपने हक की बात न करने पाए इसके लिए उसे बिना किसी जांच के Modi Act के तहत जेल भेजने का इंतज़ाम तो मोदी पहले ही कर चुके हैं।
BJP IT Cell के दलाल इन सब बदमाशियों को 12 सालों से "मोदी का Masterstroke" बताकर सवर्णों को मूर्ख बनाये जा रहे थे।
सवर्ण एक बार फिर से कान खोलकर सुनें
देश मे आरक्षण रहेगा या नही ?
SC ST Act खत्म होगा या नही ?
UGC Notification वापस होगा या नही ?
इन सब सवालों का जबाब और समाधान सिर्फ 55% आबादी वाले सवर्णों के पास है
उसके लिए सभी सवर्णों को एकजुट होकर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से बराबर की दूरी बनानी होगी और हार जीत की चिंता किये बिना सवर्ण पार्टी और उसके सवर्ण प्रत्याशी को ही वोट देना होगा।
सवर्णों को पहला मौका 2027 के UP विधानसभा चुनावों में मिलेगा
UP के चुनावों में ही अगर सवर्णों ने अपनी एकजुटता दिखा दी तो आरक्षण, Modi Act और UGC Notification खुद ब खुद हट जाएंगे।
बिना झटका खाये यह सरकार सुधरने वाली नही है।
वाराणसी धरने को पुलिस द्वारा बलपूर्वक हटा दिया गया है, जिस पर परशुराम दल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
आपको बता दें कि वाराणसी में UGC व आरक्षण के खिलाफ 27 दिन से धरना चल रहा था।
!! सवर्ण समाज के सभी लोग सावधान हो जाएं !!
सरकार की ओर से अगले कुछ दिनों में UGC Notification को रद्द करने का ऐलान किया जा सकता है
सरकार यह झुनझुना UP चुनावों में अपनी संभावित हार को देखते हुए कर रही है
हमे इस सरकारी छलावे में नही आना है
हमारी तीनों माँगें एकदम स्पष्ट हैं जिसके लिए हमने सरकार को 30/09/2026 तक का समय दिया हुआ है
अगर 30 सितम्बर 2026 तक हमारी तीनों माँगे नही मानी गयीं तो देश की 55% आबादी वाला सवर्ण समाज हार जीत की चिंता किये बिना, अपनी पार्टी बनाकर सभी सीटों पर सवर्ण प्रत्याशी खड़े करेगा।
2027 और 2029 के चुनावों में BJP अपनी दुर्गति के लिए खुद जिम्मेदार होगी
UGC और SC ST एक्ट जैसे मुद्दों को लेकर ज़मीन पर काम कर रहे पंकज धवरैया को बिकने का ऑफर मिला है। वीडियो में वो स्वयं ऐसा दावा कर रहे हैं।
कौन सवर्ण नेताओं को ख़रीद कर आंदोलन को बर्बाद करना चाहता है?
पंकज धवरैया दिल्ली में सवर्ण बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं। मंदिरों में सोते हैं।
@ChiefRspDhavrai@SawarnParishadO
Big News 🚨
वाराणसी के शास्त्री घाट पर भूख हड़ताल कर रहे गौतम मिश्रा, बृजेश मिश्रा और सनातनी चंदन को तड़के 4 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
लाइटें बंद कर दी गईं, महिलाओं के साथ बदसलूकी हुई और धरना स्थल के टेंट-पंडाल उखाड़ दिए गए।
Support UGC Rollback andolan 💪🔥🚩
बनारस में आरक्षण, मोदी एक्ट एवम् UGC नियमावली के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को कल रात्रि पुलिस ने जबरन हटा दिया। उनके टेंट आदि उखाड़ लिए गए।
मेरी बनारस के लोगों से प्रार्थना है कि अपने सांसद का कार्यालय और सांसद प्रतिनिधि से जा कर पूछिए कि क्या प्रदर्शन के मौलिक अधिकारों का हनन ऐसे ही होता रहेगा?
BHU के युवाओं से अनुरोध है कि आप लोग प्रदर्शन के लिए निकलिए। एक दिन का ही रखो, पर भीड़ ले कर जाइए और केवल इतना पूछिए कि परीक्षा पर चर्चा करने वाले प्रधानमंत्री विद्यार्थियों के प्रश्नों से कब तक भागेंगे? UGC का अभिशाप आप पर ही पड़ेगा।
IIT बॉम्बे को आधार बना कर कि ‘आज भी दलित आत्महत्या कर रहे हैं’, @PMOIndia की योजना यही है कि UGC नियमावली को अंततः हर कैमप्स में लागू किया जाए। यदि यह योजना नहीं है तो सरकार सात महीने में दूसरी डेट क्यों ले रही है सुप्रीम कोर्ट से? क्या यह यूपी चुनाव तक टाल कर, इसे जैसे का तैसा अप्रैल से लागू करने का षड्यंत्र नहीं है?
आप यदि इसे कोई छोटी प्रतिक्रिया मान कर चुप बैठेंगे तो सारे लोगों का मनोबल टूटेगा। हमें वह नहीं होने देना है। आप चुप बैठेंगे, समाज शांत हो जाएगा। बहुत परिश्रम और मूल्य चुकाने के उपरांत आज हम इस स्थिति में हैं कि चर्चा हो रही है।
इसे समाप्त मत होने दीजिए।