अगर खेती का भविष्य बैलगाड़ी है, तो फिर विकास के दावों का मतलब क्या है?
महंगाई, डीज़ल-पेट्रोल के बढ़ते दाम और खेती की बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों को राहत देने के बजाय अब बैलगाड़ी चलाने का संदेश दिया जा रहा है।
महोबा में DSP का बैलगाड़ी चलाना “सतत खेती” का संदेश कम और सरकार की नीतिगत विफलताओं पर पर्दा डालने की कोशिश ज़्यादा लगता है।
सवाल यह है कि किसानों को आधुनिक, सस्ती और लाभकारी खेती उपलब्ध कराई जाएगी या उन्हें फिर से अतीत की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया जाएगा?
यूपी और उत्तराखंड सरकारों के आदेश "कांवड़ यात्रा दौरान ढाबों, होटलों को बोर्ड पर मालिक का नाम लिखना जरूरी" को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित कर दिया है। अब बोर्ड पर मालिक का नाम नहीं लिखना होगा ; Mr Nishant Varma
'कुछ जानना न कौड़ी' खाला वही पुराने और सड़े दाँव 'महिला अपमान' पर उतर आयी है,स्टूडियो में हर पुरुष जो सरकार की करतूतें उजागर करे उसका अपमान करते वक्त कभी सोचा कि महिला होने का नाजायज लाभ ले रही हो वरना.. ..
If the accused in these files were from third-world countries, we would have seen international sanctions and military actions. But because they are Western leaders, the facts are erased in cold blood.
अगर एक निर्वाचित सांसद यह कहने को मजबूर हो जाए कि "मुझे मारने की कोशिश की गई", और मामला अदालत व राज्यपाल तक ले जाने की नौबत आ जाए, तो यह सिर्फ़ राजनीतिक विवाद नहीं रह जाता।
लोकतंत्र में मतभेद का जवाब हिंसा नहीं, संवाद और कानून होना चाहिए। सत्ता हो या विपक्ष, किसी भी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और राजनीतिक अधिकारों पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
सवाल सिर्फ़ अभिषेक बनर्जी का नहीं है, सवाल यह है कि क्या राजनीति अब बहस से आगे बढ़कर टकराव और डर की भाषा में बदलती जा रही है?
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत असहमति है, और उसकी सबसे बड़ी हार हिंसा।
कानपुर में B.Ed की परीक्षा देने आए बच्चे नाले में गिर गए।
कुछ देशद्रोही कहेंगे कि ये भ्रष्टाचार की वजह से हुआ है.आप इन लोगों का मत सुनिए.
मेलोडी खाइए, भूल जाइए 😉
योगी सरकार को लगा वो मुकदमे दर्ज करके लेखपाल अभ्यर्थियों को डरा देंगे
कल प्रयागराज में हजारों अभ्यर्थियों ने पेपर में हुई गड़बड़ी के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे
युवा ही इस तानाशाही सरकार के अंत की कहानी लिखेंगे
उत्तर प्रदेश –
जिला फिरोजाबाद में मासूम बच्चे को 8 बार जमीन पर पटककर मौत के घाट उतारने वाला जितेंद्र पाठक गिरफ्तार, दोनों पैरों में गोली लगी है, लेकिन जिंदा है, सुरक्षित है।
बच्चे की मां ने शादी से मना कर दिया था, इस पर जितेंद्र ने उसके बेटे को मार डाला।