"हम सबसे पहले और अंत में भारतीय है" 🔥🔥🔥
बाबासाहेब अंबेडकर से बड़ा देश भक्त दूजा कोई नहीं हो सकता, उनके रोम रोम में भारत बसता था, बाबासाहेब आंबेडकर "भारत भाग्य विधाता" है,
उन्होंने देश की आधी आबादी कही जाने वाली महिलाओं को दासतापूर्ण जीवन से मुक्त किया,
बाबासाहेब अंबेडकर ने देश के करोड़ो शोषितो पीड़ितों वंचितों को आत्मसम्मान लौटाया,
बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान रचकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त किया,
देश के प्रत्येक नागरिक को Equality, Dignity and Social justice दिया,
स्वतंत्रता दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं, जय भीम, जय भारत ✊
क्या गरीब की बेटी IAS IPS नहीं बन सकती ?
शिक्षा हमारा अधिकार सर है वो हमसे ना छीने।
सर आपने गरीबों के घर तोड़े जनता ने उफ्फ तक नहीं की
लेकिन अब लड़कियों की शिक्षा पर बात आई है तो बोलेंगे।
अब इनमें क्या कमी ढूंढोगे ? क्या प्रोपोगेंडा बनाओगे ? चलो इनपर भी फंडिंग के आरोप लगा दो घटिया मीडिया वालों।
दिल्ली के पपरावट गांव का ये वायरल वीडियो देखिए। जातिसूचक गालियां और खुलेआम जाटव व वाल्मीकि समाज के लोगो को माँ बहन की गाली दे रहा है, और अपनी दोलत का रसूक दिखा रहा है।
@DelhiPolice तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ SC/ST Act के तहत मुकदमा दर्ज करे और कड़ी कार्रवाई करे।
नहीं तो हम वाल्मीकि और जाटव समाज के लोग मिल कर इसका इलाज कर देंगे।
@CPDelhi@LtGovDelhi
🇮🇳 15 अगस्त से एक नई शुरुआत सरकारी स्कूलों की बदहाली अब छिपेगी नहीं।
पानी, बिजली, शौचालय, मिड-डे मील जैसी बुनियादी सुविधाओं की होगी जाँच।
क्योंकि जहाँ बच्चों का हक रुकेगा, वहाँ आवाज़ उठेगी।
अखिलेश जी 2007 से 2012 तक बाबा साहब, ज्योतिबा फुले, शाहू जी महाराज, अन्य संतों, बहुजन महापुरुषों और गुरुओं तथा मान्यवर कांशीराम साहब का भयंकर अपमान करते रहे थे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि अब अपमान से नहीं, सम्मान से वोट मिलेंगे, तो वे सम्मान करने लगे।
इतने रंग तो गिरगिट भी नहीं बदलता।
राजनीति में अपने विचारों और सिद्धांतों पर स्थायी रूप से कायम रहना चाहिए, न कि चुनाव देखकर अपना रुख बदलना चाहिए।
ब्राह्मणवादियों का ओवररिप्रजेंटेशन ही आजाद भारत के विकास के राह में रोड़ा अटकाता रहा है। इसे इतिहास से समझे।
बाबा साहब जब हिंदू कोड बिल लाए थे तब के कुछ कार्टून देखे जो उस समय पेपर में छपे थे।
चित्र 1: बाबा साहब बच्चियो को स्कूल कॉलेज से हक अधिकार की ले जा रहे वही सुतलीधारी रास्ते में छुप के बैठा है गड़ासा लेकर।
2. सुतलीधारी समस्त औरतो को ताड़ना करना अपना राइट बता रहा है और महिलाओं को इक्वल राइट्स न मिले इसलिए बाबा साहब को रोकने का प्रयास कर रहा है।
3. बाबा साहब महिलाओं को सुतलीगैंग की गुलामी से आजादी दिलाने के लिए प्रयास करते हुये।
4. हिंदू कोड बिल न पास करवाकर सुतलीगैंग ने बाबा साहब के प्रयास को बांध कर हँसी ठठा करते दिखाया गया है।
यानी आजाद भारत की उस समय की मीडिया ने भी यह माना की सुतलीगैंग का ओवररिप्रजेंटेशन ही भारत के विकास में हमेशा से रोड़ा अटकाता आया है।
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद बीजेपी पर जमकर फायर हुए उन्होंने कहा
किसने किया शुद्धिकरण? कौन सी पार्टी के लोग थे? भारतीय जनता पार्टी के लोग।"
"बताइए, कब तक इस देश में जो है दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों का इस तरह का अपमान सहना पड़ेगा? हम अलग-अलग पार्टी से हैं, लेकिन अगर आप इस तरह से जाति के आधार पर अपमान करेंगे, तो यह अन्याय हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका जवाब देना पड़ेगा सरकार को कि उन्होंने ऐसा क्यों किया?"
"होना चाहिए था कि उनके अपमान पर जो है, उनकी पार्टी के लोग सवाल पूछते सरकार से। तकलीफदेह है कि उनके साथ उनका जो अपमान हुआ, न उनकी पार्टी के लोग बोले, न सरकार ने जवाब दिया। वरिष्ठ नेता हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार... मैं इसको सही नहीं मानता। इसके खिलाफ भारतीय संविधान में जो है, भारतीय संविधान इन्हीं सब चीजों के
खिलाफ आया था और आज भी भारतीय संविधान की मूल भावना का सम्मान बड़े पैमाने पर नहीं हो रहा है, यह तकलीफदेह है। यह गलत है, मैं इसका घोर विरोध करता हूँ और निंदा भी करता हूँ।"
@BhimArmyChief