पुराना लखनऊ आज भी अपनी गलियों में कई कहानियां समेटे है,
कहीं पुरानी इमारतें हैं तो कहीं बाजारों की वही चहल-पहल,
इन गलियों से गुजरते हुए लगता है,
जैसे शहर का पुराना दौर आज भी यहीं कहीं मौजूद है।
लखनऊ में अगर राधा-कृष्ण के दर्शन के साथ खूबसूरत वास्तुकला देखनी हो, तो श्री राधा माधव देवस्थानम् जरूर देखिए।
लौलाई में स्थित यह मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना है।
परिसर में कमल से सजा सरोवर और पवित्र पीपल का वृक्ष इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।
गोमती के किनारे बना इंदिरा डैम, लखनऊ की खूबसूरत तस्वीर का एक खास हिस्सा है।
शाम के वक्त यहां का नजारा और भी अलग दिखाई देता है।
बहता पानी, खुला आसमान और आसपास की हरियाली, शहर के बीच प्रकृति को करीब से देखने की एक अच्छी जगह।
अब लद्दाख जाने के लिए हज़ारों किलोमीटर दूर जाने की क्या जरूरत, जब हमारे अपने नवाबों के शहर लखनऊ में ही ‘मिनी लद्दाख’ जैसी खूबसूरत जगह बन चुकी है! शाम ढलते ही यहाँ की ठंडी हवा, खूबसूरत लाइटिंग और मरीन ड्राइव का ये शानदार किनारा किसी जन्नत से कम नहीं लगता।
लखनऊ एयरपोर्ट अब सिर्फ सफर का पड़ाव नहीं, शहर की बढ़ती पहचान का हिस्सा बन चुका है।
नया टर्मिनल-3 आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री अनुभव के साथ लखनऊ की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार दे रहा है।
टर्मिनल-3 के पहले चरण में सालाना 80 लाख यात्रियों की क्षमता है।