कांग्रेस के सारे इंफ़्लुएंसर्स बीजेपी से पैसा लेकर सपा के ख़िलाफ़ पेड पोस्ट कर रहे है
ये मात्र संयोग नहीं है बल्कि ये सोची समझी साजिश है।
बस इसी षड्यंत्र की वजह से कांग्रेस सत्ता से दूर हो गई है, न इसकी कोई विचारधारा है न PDA समाज के प्रति कोई लगाव है।
सुनो भाजपा वालों
ये AI का बच्चों वाला झूठा खेल खेलना बंद करो, समाजवादियों ने तो अभी सच्चा खेल खेलना अभी शुरू भी नहीं किया है,
देखो भाई, ये सोशल मीडिया है, आप शुरुआत करेंगे तो हमारे पास आपके 10 सालों का पूरा हिसाब किताब है, आप एक बनाओगे तो हमारे क्रिएटिव कार्यकर्ता और समाजवादी समर्थक आपके सारे किए धरे पर पानी फेर देंगे
फिलहाल ये पहला जवाब ले लो, अगला जवाब झेल भी नहीं पाओगे
भाजपाई JPNIC जैसी अद्भुत सिग्नेचर बिल्डिंग को सिर्फ़ बेच सकते हैं, उतना बड़ा कभी सोच नहीं सकते हैं क्योंकि भ्रष्टाचार ने उनकी सोच को संकीर्ण, कुंठित और संकुचित कर दिया है।
भाजपा जाएगी, बड़ी सोच आएगी!
आज रक्षाबंधन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कई सौ बहनों से राखी बंधवाया।
इसके साथ ही सबको ₹1001 के शगुन के लिफाफे दिए।
इन बहनों की उम्र 5 साल भी थी,
और 50 साल भी थी,
क्योंकि अखिलेश यादव सबके “भईया” हैं ❤️
📍सैफई
भाजपा सरकार है या दुकानदार?
अब उप्र की भाजपा सरकार ने लखनऊ के JPNIC (जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय कैबिनेट में ले लिया है।
अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है।
‘कमीशन’ भ्रष्ट भाजपा की गाड़ी का तेल-पानी है और ‘निजीकरण’ उसका जुगाड़।
इसे ही गांवों में कहा जाता है कि "काम न काज के ढाई शेर अनाज के।"
लखनऊ में विश्व प्रसिद्ध JPNIC जो अखिलेश यादव जी के शासनकाल में शुरू हुआ एक ऐसा प्रोजेक्ट था जिसके पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश और लखनऊ ही नहीं
पूरे देश और विदेशों तक इसकी चर्चा होती लेकिन
अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इसे निजी हाथों में देने जा रही है।
इस विश्वप्रसिद्ध JPNIC का काम सपा सरकार में लगभग 80% पूरा हो चुका था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद ये राजनीतिक भेंट चढ़ गया।
इसमें वो वर्ल्ड क्लास सुविधाएं जैसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ओलंपिक साइज का स्विमिंग पूल, लग्जरी गेस्ट हाउस, रूफ टॉप और हेलीपैड के अलावा बहुत सारी चीजें इसी JPNIC में मिल जातीं।
अखिलेश यादव द्वारा बनवायी गई ऐतिहासिक JPNIC बिल्डिंग को आदित्यनाथ सरकार बेचने जा रही है
आदित्यनाथ दस साल में एक भी ऐसी इमारत नहीं बना सके, बनाने की छोड़िये इनके सपने में भी ऐसी इमारत नहीं आई होगी
यूपी का दुर्भाग्य है की आदित्यनाथ सीएम है।