भारत में नमूनों की कमी नहीं है। एक ढूंढो तो सौ मिलते है। लेकिन ये नमूने दूसरों के जीवन से भी खेलते है।
ये ट्रक का विंड ग्लास पूरा स्टीकर से भरा हुआ है। पता नहीं ड्राइवर को साफ व्यू कैसे मिलता होगा।
भगवान के नाम पर ट्रक चला रहा है ये भगवान ही जाने कब खुद शिकार होगा और दूसरे का भी शिकार करेगा।
ये वही पांच क्रांतिकारी आरोपी है जिन्होंने CJP वाले अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारे थे। इनका जमानत मिलने पर फूल माला से स्वागत किया जा रहा है।
ये युवा शक्ति के ग्लूकोज पेपर लीक करने वालो को मारने नहीं गए। लेकिन जो पीड़ितों की आवाज उठा रहा है उसको ही कूटने चले गये।
यदि ये अंग्रेजी हुकूमत में पैदा होते तो भगत सिंह को खुद ही मार देते।
ऐसा क्या हुआ है जो छाती पीट रहे हो? ये जीत कैंडिडेट की रणनीति और अर्थनीति की जीत है।
ये क्यों नहीं सोचते हो इनकी जीत के असली लाभार्थी तो इंडिया गठबंधन के विधायक ही तो है।
ऐसी मालदार पार्टी राज्यसभा के चुनाव में रोज रोज नहीं आती है। बस थोड़ा सा अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट करना पड़ता है।
प्रणव झा की जगह किसी ST कैंडिडेट को प्रत्याशी बनाते तो जीत भी सकते थे।
गरीबों को गरीबी ही पसंद आती है,
देखो सुनील ग्रोवर गंगा के घाट पर कैसे निष्फिक्र सो रहा है,बहुत महान इंसान है। यही सब लोग बोल रहे है।
सुनील ग्रोवर एक क्रिएटिव आर्टिस्ट है। यदि वो भीड़ में आम लोगों के बीच में नहीं जायेगा तो उसके कैरक्टर खत्म हो जाएंगे।
उसके नए नए कैरेक्टर इसी भीड़ से आते है। जो लोगो को अपने नजदीक लगते है और काफी पसंद भी करते है।
स्क्रिप्ट के सहारे चलने वाले लोग हसा नहीं पाते हैं। गोविंदा स्क्रिप्ट से ऊपर परफॉर्म करता था। जिसको लोग आज भी याद करते है।
राहुल गांधी का आज जन्म दिवस है। आज वे पूरे 56 वर्ष के हो चुके है।
पीएम नरेंद्र मोदी 51 वर्ष की उम्र में मुख्यमंत्री बन चुके थे। शायद उस वक्त राहुल गांधी 30 वर्ष के रहे होंगे।
चाहते तो राहुल गांधी 2009 में पीएम बन सकते थे लेकिन उन्होंने संघर्ष का रास्ता चुना। वे खुद के बलबूते चुनाव जीतकर पीएम बनना चाहते है।
अगले लोकसभा चुनाव तक वे 59 वर्ष के हो जाएंगे।
यदि 40 साल तक के युवा को नौकरी नहीं मिलती तो वो अपने हथियार डाल देता है। लेकिन राहुल गांधी अभी भी लगे हुए है। ये अच्छी बात है।
राहुल गांधी को जन्मदिन और भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं।
ये यूपी बिहार की जनता क्यों रेल के धक्के खा रही है,
जब जलमार्ग वाली सुविधा उपलब्ध है तो इससे क्यों नहीं जाती है।
ये तो 2016 में ही चालू हो गई थी। मीडिया ने तो किराया भी तय कर दिया था।
ये सब जहाजरानी मंत्री की देख रेख में हुआ था।
आम आदमी का सारा लफड़ा ही एक चुटकी सिंदूर के बाद शुरू होता है,
इसकी कीमत महीने के एक लाख रूपये तक पहुंच जाती है।
कार की किश्त और घर की किश्त से लेकर बिजली पानी के बिल से लेकर राशन और बच्चों के स्कूल की फीस लाख रूपये तक पहुंच जाती है।
दो मिनट के सुख से लेकर सात जन्म के चक्कर में सातवें आसमान के तारे उसको नजर आने लगते है।
इससे रमेश, रोमेश और रमीज सब पीड़ित है।
ये पता नहीं जज लोग किसको बोलते है और कौन इनकी सुनता है।
ना तो वो नगर निगम सुनेगा जिसको फुटपाथ देखना है,
ना वो गाय सांड और ठेले वाले सुनेंगे जिन्होंने फुटपाथ घेर रखा है।
ना तो वो भाईजान सुनेगा जो गाड़ी फुटपाथ पर चलाता है।
10 दिन लन्दन क्या घूम आए तो फुटपाथ की वैल्यू समझ आ गई होंगीं। वहा आराम से पैदल जो घूमे होंगे।
45 वर्षीय पिता जयंत त्यागी को दो बेटियों ने अपना किड़नी और लीवर दिया।
लेकिन ये काम बेवकूफी वाला है। पिता ने दोनों बेटियों का जीवन भी खतरे में डाल दिया है यूं कहे कि छोटा जीवन कर दिया है।
पहले एक की जान रिश्क पर थी अब तीन जाने रिश्क पर आ गई है।
दोनों डोनर को बेहद ही हाइजिन और प्रिकॉशन लेकर जीवन जीना पड़ेगा।
किडनी और लीवर ट्रांसप्लांट किए लोग भी ज्यादा जी नहीं पाए है ऐसा पहले देखने को मिला है।
कोरोना काल में सक्षम लोग गरीबों की मदद नहीं किए वे गरीब दर दर की ठोकरें खाते रहे,
मजदूर के पास रोजी और रोटी दोनों ही नहीं थी। जिससे अपना पेट भर ले।
लेकिन यही सक्षम लोग राम मंदिर में भर भर के दान देकर आए। आज वही सब दान की चोरी होने की खबरें आ रही है।
भगवान चोरी होने से तो नहीं रोक पाए लेकिन एक इंसान दूसरे इंसान के कष्ट जरूर दूर कर सकता था।
फिल्म कॉकटेल और प्रणीत मोरे जैसे स्टैंडअप कॉमेडियन के ऑडियंस वर्ग एक जैसी होती है।
इनका प्यार व्यार में कोई इंटरेस्ट नहीं होता उससे ऊपर वाले एक्सपेरिमेंट में ज्यादा मजा आता है।
दिन में सच्चा प्यार किसी ओर से करते है और रात में लूडो खेलना किसी ओर के साथ अच्छा लगता है।
ये नृपेंद्र मिश्रा है 1967 बैच के IAS अधिकारी रहे है। पीएमओ में प्रिसिपल सेक्रटरी तक रह चुके है।
संवैधानिक व्यवस्था में रहे है। लेकिन राम मंदिर के चंदा आरोपियों को सजा सतयुग वाले तरीके से देना चाहते है।
इनका कानून और संविधान में शायद विश्वास नहीं है इसलिए अभी तक एक FIR भी दर्ज नहीं करवा पाए है। ये 7 वंश बर्बाद होने का श्राप दे रहे है।
सर्जिकल स्ट्राइक के समय ये पीएमओ में थे चाहते तो पाकिस्तान को श्राप से बर्बाद कर सकते थे। इतना पैसा और सैनिकों को रिश्क में डालने से बचा जा सकता था।
यदि हमजा अली मजारी NEET का पेपर देता तो NTA उसका सेंटर ल्यारी ना देकर अबूधाबी दे देता;
जहां हमजा ऑयल रिफाइनरी में मजदूर बन कर रह जाता।
नकली नोट बनाने वालों और 9/11 का बदला कौन लेता। NTA को पता नहीं है ऐसी सरकार बार बार नहीं आती है।
टिन्नू की जांच पूरी हो गई हो तो ऊपर बैठे चुन्नू और बुन्नू की भी जांच कर लो।
सही से जांच नहीं करोगे तो तुम भी 60 हजार साल तक मल के कीड़े बनोगे और सात वंश का नाश होना भी संभव है।
एक का नाम भरत तिवारी है और दुसरे का नाम आदित्य शर्मा है। दोनों ब्राह्मण समाज से आते है।
एक के पास अवैध बंदूक थी। पुलिस टुकड़ी पर बंदूक दिखाने का आरोप है। इसी कारण से पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया ऐसा बोला जा रहा है।
दूसरा मर्चेंट नेवी में था और अमेरिका द्वारा शिप पर मिसाइल हमले में मारा गया। एक बेगुनाह की जान चली गई।
लेकिन आवाज सिर्फ भरत तिवारी के लिये उठाई जा रही है। आदित्य शर्मा के लिए मीडिया में चुप्पी छाई रही।
बिहार सरकार के लिए इतनी नाराजगी और अमेरिका के लिये इतना प्यार कहा से लाते हो।
धूप से दिल्ली का पानी सूख गया।
डबल पार्किंग चार्ज करने से प्रदूषण ठीक हो गया।
यमुना जी की आरती से दिल्ली में पानी नहीं भरेगा।
वाकई दिल्ली दिल से सोचती है दिमाग से नहीं।
ये एक नया बवासीर है। 7 नई बुलेट ट्रेन को मंजूरी मिल गई है।
भारत के 20% लोगो के लिए लाख करोड़ रूपये कर्ज लेकर फूक दिए जाएँगे।
80% लोग तो वंदेभारत एक्सप्रेस में भी नहीं बैठ पा रहे है। उनकी ट्रेन तो ओवर क्राउडेड चल रही है।
वैसे भी ये 20% लोग फ्लाइट से जाने वाले लोग है वे क्यों बुलेट से चलेंगे।
बुलेट ट्रेन में लोको पायलट और TC ही यात्रा करेंगे।
किंग खान सांसद सुप्रिया सुले की बेटी की शादी में परफॉर्म कर रहे है।
शादी रोज रोज नहीं होती है उसको यादगार बनाया जाता है। किंग खान को शादी में नचवाना कोई बच्चों का खेल नहीं है। करोड़ो रूपये उनकी फीस है। फीस का आंकड़ा 5 करोड़ से 10 करोड़ भी जा सकता है।
इस हिसाब से देखा जाए तो शादी का बजट भी 50 से 100 करोड़ तक गया होगा।
आम आदमी तो अपने बच्चों की शादी शौक से नहीं कर पाता है वो तो सिर्फ अपने सिर से सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा करता है।