मुझे लगता है कि भारत भूषण के एनकाउंटर पर विरोध और प्रदर्शन कर रहे लोगों को अपनी मांग में एक और मांग जोड़नी चाहिए ।
भ्रष्टाचार ,जिम्मेदारी और पारदर्शिता को लेकर एक सशक्त तंत्र की मांग करनी चाहिए ।
अन्यथा केवल एनकाउंटर की जांच करने से उस लड़के के उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी ।
केंद्र सरकार के समक्ष दो मांगे रखी जानी चाहिए ।
1. पुलिस कंप्लेन ऑथोरिटी का गठन हो , जिसके कर्मचारी और अधिकारी IAS IPS PCS न होकर अलग सेवा और परीक्षा से चुने जाते ।
2. हर तरह के कार्य की समयावधि निर्धारित हो और जनता की भ्रष्टाचार की शिकायत पर उसकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाय ।
पैसा का रोना मत रोना, क्योंकि इतने पैसे फर्जी खर्च कर रहे तो सुधार के लिए खर्च कर दोगे तो पैसे का सदुपयोग ही होगा ।
ऐसी गुलामी भी झेली है हमने....
एक बंगाली महिला अपनी पीठ पर एक अंग्रेज को ढ़ो रही है...
यह तस्वीर 1903 ईस्वी में ली गई थी, जब भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश शासन अपने चरम पर था।