कुछ अपने होकर भी यहाँ अजनबी से लगे,
कुछ अजनबी मिले तो दिल के क़रीब लगे।
इन चार सालों में बस इतना ही समझ आया—
कॉलेज में हर किसी की अपनी एक कहानी होती है।
इस ख़ूबसूरत सी दुनिया में बहुत सी ख़ामियाँ देखी हैं,
इस कॉलेज के हर मोड़ पर एक नई कहानी देखी है।
चेहरों पर हँसी, मगर आँखों में नमी देखी है,
��ीड़ से भरे इस कैंपस में भी तन्हाई देखी है।.......