@richaanirudh मैं आपको बहुत नेगेटिव लग सकता हूं लेकिन ये हमारे समाज की सच्चाई है जो नेता अफसर डॉक्टर भ्रष्ट है वो इस पद पर पहुंचने से पहले हमारे बीच में बड़ा हुआ और इसी समाज ने उसे ये सिखाया है। भारत को इस राजनीतिक आंदोलन की जगह सामाजिक सुधार आंदोलन की ज्यादा जरूरत है
@richaanirudh जिस समाज में नेताजी की काली कमाई की फॉर्चूनर गर्व का विषय है वो समाज इसी लायक है। कोरोना में हर घर से कोई न कोई पीड़ित रहा लेकिन अगले चुनाव में सब नेताजी की रैली में पूड़ी खाने गये किसी ने ये नहीं पूछा कि अगली बार ऐसा कुछ हुआ तो क्या इंतजाम है
@richaanirudh अगर भ्रष्ट नेता अफसर डॉक्टर को समाज के लोग मुँह पर बोले तुम भ्रष्ट हो उसका सामाजिक बहिष्कार करे तो आधे से ज्यादा भ्रष्ट शायद सुधार जाए लेकिन हम गर्व से बताते है कि चाचा pwd में है और बड़ा बंगला बना लिया या फिर फलां रिश्तेदार सांसद के खास है कोई भी काम हो हम करवा देंगे।
@richaanirudh सिस्टम तो भ्रष्ट है ये बात तय है लेकिन जिस एक चीज पार कोई ध्यान नहीं देता वो यह है कि भारतीय समाज मौलिक रूप से भ्रष्ट है। केजरीवाल और मोदी जी ने सिस्टम के अगेंस्ट सिस्टम खड़ा किया लेकिन वो पिछले वाले से ज्यादा भ्रष्ट निकला। समस्या की जड़ हमारे समाज और हमारे घर के अंदर है
@Saurabh_Pinch@reliancejio@airtelindia भी घटिया नेटवर्क के मामले में @reliancejio को टक्कर देने की ठान ली है प्रायोरिटी 5g के नाम पर सिर्फ सेलेक्टिव कंज्यूमर की अच्छी सर्विस देने के चक्कर में बाकी सामान्य लोगों को बहुत ही घटिया सर्विस दे रहे हैं
@TheNewspinch@Raunak_194 भारत एक तमाशा प्रधान देश है। कुछ नहीं होगा। लोग शाम को अपना रोना रोयेंगे सुबह बीजेपी को वोट देंगे। आप भी अपना खून न जलाये। ठंडी बियर पीजिए सर्कस का मजा लीजिए
I’ve figured out India’s number one problem: false pride.
When a society becomes more interested in defending its image than fixing its problems, progress stops. Pride without self-reflection is not strength-it’s denial.
@IRCTCofficial using AI for better seat allotment but out of 282 seat which equals to around 4 coaches they can't provide single lower birth. Can you imagine around 4 coaches are vacant but not a lower birth. What a joke has @IRCTCofficial become
वाय ही इज माई फेवरिट!!
तमाम चुनावी हार और सांगठनिक समस्याओं के बावजूद यह शख्स मेरा फेवरिट पोलटिशियन है।
लोग कहते है कि तुम्हे इसमे दिखता क्या है??
ओके, तो आज बताता हूँ, कि मुझे राहुल में क्या नजर आता है।
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गिनीज बुक वाले अगर चेक करें, तो पाएंगे, कि मानव इतिहास के 5000 साल मे, किसी का सबसे ज्यादा अपमान, लानत- मलामत की गई, तो वह शख्स राहुल है।
जबकि वे कोई हिटलर, चंगेज या ईदी अमीन नही। उसने कोई अमानवीय, अकरणीय काम नही किया।
कमी यही कि एक खास खानदान में जन्मे है। उन्हें हटाने, हिलाने, गिराने के लिए, एक वेल फंडेड, वेल कोर्डिंनेटेड, ऑर्गनाइज्ड कैम्पेन- बरसों बरस से जारी है। और भीतर की मजबूती देखिए..
बंदा हिलता नही।
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दुनिया मे कौन है जिसके पिता, माता, बहन, के साथ दादा, दादी, परनाना और लकड़नाना तक जाकर गालियां दी गयी।
पुरखो की गंदी कहानियां बनाई। और जवाब छठी पीढ़ी के बालक से मांगा???
अनप्रिसिडेंट इन ह्यूमन हिस्ट्री!!!
लेकिन यह शख्स हंसता रहता है। पलटकर जवाब नही दिया, तल्खी नही दिखाई। किसी के लिए मुंह से एब्यूज न निकाला, बदला नही चुकाया।
मोहब्बत की दुकान की बात करता है। गाली देने वालो को गले लगाता है। धोखा देने वालो को भी शुभकामनाएं देता है। ऐसे व्यक्ति से कोई नफरत कैसे कर सकता है?
मैं तो नही।
लेकिन कारण और भी है।
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आप इमरजेंसी को क्यो याद करते हैं, क्यो??
इसलिए कि राहुल डेमोक्रेटिक है।
अपनी मर्जी पर भी दूसरों की इच्छा चलने देते हैं। मित्रों की सुनते मानते हैं। सामने वाले की तानाशाही को जस्टिफाई करने के लिए यह कहना सम्भव नही कि- अरे, तुम खुद भी तो तानाशाह हो।
क्या करें? तो याद दिलाओ, इमरजेंसी..
"कि अरे, तुम नही तो क्या, तुम्हारी दादी तानाशाह थी"
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नेहरू की औरतों के साथ तस्वीरे लगाते हैं, क्यो?
क्योकि स्नूपिंग करने वाले, अपनी बीवी को छोड़, दूजी महिलाओं को गंदी निगाह से ताड़ने वाले नेता के बचाव में, आप ये नही कह सकते- कि राहुल, तुम भी तो चरित्रहीन हो!!
उसके दो दशक के राजनीतिक कॅरियर में चरित्रहीनता का लेशमात्र भी आरोप नही। अब अगर तुम चरित्रहीन नही- तो तुम्हारा परनाना तो था।
ये देख फेक फ़ोटो।
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1947 से लेकर बोफोर्स तक घोटालों की लम्बी सूची दिखाते है। क्यो??
इसलिए कि 2004 से लेकर केंद्र और राज्यो की तमाम सरकारों को एक फोन लगाकर, बड़े से बड़ा काम करवाने की हैसियत राहुल की थी-
एंड डोंट माइंड- 2014 के बाद भी है।
लेकिन ठेका, रुपया, कमीशन, आय से अधिक सम्पत्ति भ्रष्टाचार का चिन्दी भर भी आरोप राहुल पर नही। तब आप 1957 और 1987 के आरोप दोहराते हो- तू नही..
तेरा बाप तो करप्ट था।
अब अलग बात की वे केस भी हवाई निकले थे।
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आप 84 के दंगे याद करते हो-क्यो?
क्योकि UPA से लेकर अब तक MP, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, हिमाचल जैसी सरकारे दंगामुक्त रही। झारखंड महाराष्ट्र में उसकी समर्थंक सरकारों पर भी दाग नही।
याने दंगाई संस्कृति के लोग, राहुल की सरकारों पर दंगापरस्त होने का आरोप नही लगा सकते।
तो जा- तेरा बाप तो दंगापरस्त था।
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जो अवगुण राहुल में नही, वो पुरखो में खोजे जाते हैं। और पुरखो पर इतने सारे अवगुण थोपे गए है, शायद कोई अपकर्म शायद बचा न होगा।
रिट्रोस्पेक्ट मे आप मान लें, की हर वो मानवीय, या राजनीतिक अवगुण, जिस जिसकी कोई कल्पना कर सकता है- एक भी राहुल में नही मिला।।
इनफैक्ट, बार बार नेहरू, इंदिरा, राजीव, औरंगजेब, गजनवी, गौरी, पृथ्वीराज चौहान के गीत गाने का मतलब ही यही है..
कि सामने खड़े राहुल में कोई कमी, तो उनके चैलेंजर्स भी नही खोज पा रहे।
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वो भी तब, जबकि ये लोग 12 साल से दिन रात राहुल के इर्द गिर्द आईबी, रॉ और फूल छाप कांग्रेसी घुसाकर निगरानी रखते है। पेगागस लगाकर उसके फोन तक में घुसे रहते है-
उन्हें अगर 12 साल के बाद भी कोई चारित्रिक, भ्रष्टाचार, पैसे के लेनदेन या और कोई भी लूज पॉइंट नही मिल सका। तो मान लीजिये कि ऐसे शख्स के जोड़ का मनुष्य ..
इस धरती पर तो मौजूद नही।
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ऐसे में भारतीय राजनीति के राक्षसी जंगल मे..
गन्दे दांतो, लम्बी दाढ़ी, और टकले सर वाले तमाम रक्तपिपासु दैत्यों के बीच, यदि कोई एक श्वेतवर्णी मुनि दिखाई देता है-
तो वह राहुल है। एंड दैट इज वाय
ही इज माई फेवरिट!!
❤️
@sauravyadav1133 इससे भी बड़े आश्चर्य की बात यह है कि लल्लनटॉप के पत्रकार ने अनुराग जी को बीजेपी के किसी नेता का मीट की दुकान बंद करने का कोई पुराना वीडियो क्यों नहीं दिखाया फिर उनको काउंटर क्यों नहीं किया । जवाब देने वाला अपने काम में निपुण है सवाल पूछने वाला थोड़ा कमजोर है