यह आज की न्यूज है यूपी के लखनऊ में लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। घटना पारा इलाके की बताई जा रही है, यहां एक मुस्लिम युवक ने अपनी पहचान छिपाकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और फिर जब शादी करने की बात सामने आई तो युवती को आरोपी की मां की तरफ से इस्लाम कबूल करने के लिए कहा गया।
शादी का दबाव बनाने पर पीड़िता को ज़ुबैर की सच्चाई पता चली। ज़ुबैर की मां ने पीड़िता को बुर्का पहनाया और कलमा पढ़ने को भी कहा। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी की मां ने कहा कि इस्लाम कबूलने पर 12 लाख रुपए मदरसे से मिलेंगे। जब पीड़ित युवती ने इन बातों का विरोध किया तो पीड़िता के साथ मारपीट की गई। पीड़िता के मुताबिक, ज़ुबैर ने करीब ढाई लाख रुपये और चार-पांच लाख रुपए के जेवर भी हड़प लिए। मामले में ज़ुबैर अंसारी, उसके पिता जुनैद, मां महरून निशा और बहनों मुस्कान,खुशनुमा पर एफआईआर दर्ज की गई है और FIR दर्ज कर आरोपी ज़ुबैर को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली के अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के कुक केशव नेगी की गिरफ्तारी के संबंध में आज दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से बात की और सीएम रेखा गुप्ता ने निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया और
साथ ही केशव नेगी जी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है
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21 मौतों का असली गुनहगार कौन? सिस्टम या ग़रीब रसोइया?”
मालवीय नगर के होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई, लेकिन लगता है पूरा सिस्टम अपने गुनाहों का बोझ एक गरीब रसोइए के कंधों पर डालकर साफ़ बच निकलना चाहता है।
जिस व्यक्ति का काम महज़ रोटी बनाना था, उसे इस त्रासदी का मुख्य अपराधी बना दिया गया। लेकिन सवाल है कि अवैध निर्माण किसकी नाक के नीचे हुआ? बिना लाइसेंस होटल कैसे चलता रहा? फायर सेफ्टी के नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं और जिम्मेदार विभाग भजिया तलता रहा? अधिकारी क्या कर रहे थे?
एमसीडी शोले के गब्बर के अंदाज़ में कह रही है उसे कुछ नहीं पता। फायर विभाग खुद सफ़ेद चादर की तरह बेदाग बता रहा है। पर्यटन विभाग आंखें मूंदे बैठा है। मासूम और भोले होटल मालिक की कोई चर्चा नहीं अन्य संबंधित अधिकारी भी लगभग चर्चा से बाहर है।
यानी जिन संस्थाओं और अधिकारियों का काम ही निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करना था, वे सब बच निकलें और सारा दोष उस व्यक्ति पर डाल दिया जाए जो गांव से आकर रोजी-रोटी के लिए नौकरी कर रहा था?
यह सिर्फ एक अग्निकांड नहीं, जवाबदेही के नाम पर गरीब का मज़ाक उड़ाते हुए उसको बलि का बकरा बनाने की पुरानी व्यवस्था का एक और उदाहरण है।
अगर 21 लोगों की मौत के बाद भी सिस्टम के बड़े जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछे जाएंगे, तो फिर हर हादसे के बाद कोई न कोई कमजोर आदमी ही कटघरे में खड़ा किया जाता रहेगा और असली गुनहगार फाइलों और कुर्सियों के पीछे छिपे रहेंगे।
न्याय तब नहीं होगा जब सबसे कमजोर को सजा मिलेगी। न्याय तब होगा जब सत्ता, प्रशासन और नियम लागू कराने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय होगी।
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उड़ता पंजाब 🤔🤔🤔🤔🤔🤔
पाकिस्तान से आया हुआ drugs हमारे पंजाब को बर्बाद कर रहा है..
इसका solution वो नहीं जो आप लोग सोचते हैं, के नशा छुड़वा दो... इसका एक ही सलूशन है के पाकिस्तान पर कब्जा करो... ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी
मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंडी समाज ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय, नाइंसाफी और गलत कार्रवाई को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा। किसी भी बेकसूर को बलि का बकरा बनाने की कोशिश के खिलाफ समाज एकजुट होकर खड़ा है।
सामाजिक कार्यकर्ता बृजमोहन उप्रेती (बिट्टू) जी के नेतृत्व में उत्तराखंड समाज के अनेक प्रतिनिधियों ने शेफ केशव नेगी जी के परिजनों से मुलाकात की और उनकी पुत्री अधिवक्ता कनिष्क नेगी को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा उत्तराखंडी समाज उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है तथा न्याय की लड़ाई में हर संभव सामाजिक और कानूनी सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री @pushkardhami द्वारा दिल्ली की मुख्यमंत्री @gupta_rekha से बातचीत कर मामले में पारदर्शी जांच और सत्य को सामने लाने की अपेक्षा व्यक्त की गई है, ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो। वहीं उत्तराखंड के जनप्रतिनिधियों और सांसद @tsrawatbjp और @anil_baluni ने भी संबंधित अधिकारियों से बात कर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा संदेश यह है कि जब समाज एकजुट और संगठित रहता है, तो संकट में घिरे व्यक्ति और उसके परिवार को हौसला, सहारा और न्याय की उम्मीद मिलती है।
आइए, हम सभी अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखें, सत्य का साथ दें और समाज की इस एकता को और मजबूत बनाएं। किसी भी निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनने दिया जाएगा।
सत्यमेव जयते।
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दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के श्री केशव नेगी जी की गिरफ्तारी के संबंध में आज दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha जी से वार्ता हुई।
श्रीमती रेखा गुप्ता जी ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा तथा जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी।
साथ ही केशव नेगी जी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
राजधानी लखनऊ में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। हर रोज करीब 200 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में रेबीज रोधी इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध है। निजी अस्पतालों में इसके लिए 350 से 500 रुपये तक लिए जाते हैं। बलरामपुर अस्पताल में प्रतिदिन 60-70 नए मरीज आते हैं।
पूरी खबर: https://t.co/e5T89HI54X
#AmarUjala
3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में कई लोगों की असमय मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना करता हूँ।
लेकिन इस दुखद घटना के बाद उत्तराखंड निवासी केशव नेगी जी को गिरफ्तार किए जाने और उन्हें बलि का बकरा बनाने की कोशिश गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि वे एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सुरक्षा व्यवस्थाओं में हुई चूक व वास्तविक जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
दुर्घटना की आड़ में किसी निर्दोष को परेशान करना न्याय नहीं है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के बजाय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और दोषियों पर कार्रवाई करे।
यह प्रश्न किसी उत्तराखंड के युवक या किसी अन्य राज्य के व्यक्ति का नहीं है। प्रश्न दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टेज़ होटल में लगी आग और उस आग के लिए वास्तविक रूप से जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही का है।
आग लगने की इस घटना में होटल के मालिक, प्रबंधन और जो भी इसके वास्तविक कर्ता-धर्ता थे, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि एक छोटे से शेफ को दोषी ठहराकर बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह न्याय की भावना के विपरीत है और इससे जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
हम किसी क्षेत्र या राज्य के आधार पर नहीं, बल्कि न्याय के आधार पर अपनी बात कह रहे हैं। यह व्यक्ति उत्तराखंड का न होकर झारखंड या देश के किसी अन्य राज्य का होता, तब भी मैं उसके साथ न्याय की मांग करता। किसी निर्दोष को दोषी बनाकर वास्तविक अपराधियों को बचाना न न्याय है और न ही कानून के शासन के अनुरूप।
जांच का उद्देश्य किसी एक कमजोर व्यक्ति को बलि का बकरा बनाना नहीं, बल्कि वास्तविक दोषियों तक पहुंचकर उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करना होना चाहिए।
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मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में हमारी देवभूमि उत्तराखंड के श्री केशव नेगी जी की गिरफ्तारी के संबंध में मेरी एवं गढ़वाल सांसद श्री @anil_baluni जी की दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता हुई है। हमने मामले की निष्पक्ष, गहन एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने को कहा है,...
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दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
केशव दिल्ली में अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए नौकरी कर रहे थे और उनका काम रसोई में खाना बनाना था, न कि भवन की वैधता, फायर एनओसी (NOC) या सुरक्षा मानकों की जांच करना। यदि भवन में अवैध निर्माण, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही हुई है, तो इसकी जवाबदेही वास्तविक जिम्मेदार लोगों की तय होनी चाहिए।
एक कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले की जिम्मेदारी उस पर डालना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। यह भी जांच का विषय है कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां किस अनुमति से संचालित हो रही थीं और नियमों का पालन क्यों नहीं हुआ।
21 निर्दोष लोगों की मौत के इस दुखद मामले में निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है। उत्तराखंड सरकार, सांसदों और जनप्रतिनिधियों को इस मामले का संज्ञान लेकर केशव नेगी को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की पहल करनी चाहिए। न्याय का सिद्धांत यही कहता है कि जिम्मेदारी उसी की तय हो जो वास्तव में जिम्मेदार हो, और जांच सबसे कमजोर नहीं बल्कि असली दोषियों तक पहुंचे।
मालवीय नगर अग्निकांड जिसमे 21 लोगों की जाने गई उसका ठीकरा यह सिस्टम एक कूक के सर फोड़ रहा है...
❓उस रसोइए के माथे जो दो जून की रोटी की तलाश में पहाड़ों से पलायन कर एक अदद नौकरी कर रहा था
📌MCD पल्ला झाड़कर खड़ी है जिसके नाक के नीचे अवैध निर्माण हुआ और बिना लाइसेंस होटल चल रहा था
📌 फायर डिपार्टमेंट खुद को पाक साफ बता रहा है जिसके NOC के बिना होटल चल रहा था
📌 टूरिज्म डिपार्टमेंट तो एकदम निर्दोष है जिसके B&B लाइसेंस का उल्लंघन हो रहा था
📌 उस मकान मालिक को भी छोड़ हीं दो जो अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था...
❓ चढ़ा दो एक गरीब रसोइये को सूली पर ताकि समूचे सिस्टम के गुनाहों पर पानी डाला जा सके...
#delhifire
#malviyanagarincident
वही पुराना फार्मूला सबमे use हो रहा है कि मेरा अब्दुल अलग है।
वो तिलक लगाता है।
वो कलावा बांधता है।
वो सेकुलर है।
ये शाहरुख इतना ही नही इनके पास खुद की स्कूटी तक नही है।
बाप इनका रोडवेज पर पानी व कोल्डड्रिंक बेचता है।
जो बाइक दिख रही वो भी एक अभिषेक नाम के हिन्दू का है।
कार भी नितिन कुमार नाम के एक हिन्दू की है।
और लड़की हिन्दू है ही।
इनके भाई शेख़ सद्दाम को फिलहाल सूचित कर दिया है।
और इनका एड्र्स @THAKURS03135295 ने निकाल कर दे दिया है।
बस जल्दी ही उचित इलाज कर देंगे।
रिकार्डिंग डालता हूँ थोड़ी देर में।
इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ..... 😠
यूपी के तुलसीपुर के गनवरिया ईदगाह में एक बेजुबान बंदर की बेरहमी से ह*त्या कर शव फंदे से लटकाया गया।
बहुत ही दुःखद, प्रशासन जल्द कार्रवाई करे....
कहां हैं वन विभाग वाले ....?