@dpradhanbjp जी आपको मानवता के नाते पहले ही स्तीफा दे देना चाहिए था,
पूर्व के नेताओं की तरह,
सरकार को डरता देख ऐसा लगा कि लोकतंत्र जिंदा है,अब
#माईलॉर्ड को भी होशियार रहना होगा देश किसी की बपौती नहीं है।
#cjp#sonamwangchuk
और संपूर्ण देश वासियों खासकर #ZenG के साथ लोकतंत्र की जीत हुई।
जंतर मंतर पर जहां छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था उस इलाके में ईंट पत्थर से भरे ट्रक की मौजूदगी पर दिल्ली पुलिस के झूठ को जिस तरह से @ImAvdheshkumar ने बेनक़ाब किया है वो बेहतरीन है…
दिल्ली पुलिस लगातार झूठ पर झूठ बोलती जा रही है…पैलेट गन का झूठ, इलेक्ट्रिक शॉक ना देने का झूठ मगर GenZ के मोबाइल ने उन सारे झूठ को ध्वस्त कर दिया…
पत्थर से भरे ट्रक का झूठ इस FIR को पढ़ कर समझ जाइए
ये बिहार की धरती जेपी, कर्पूरी, और लालू जी की धरती है। इसे पुलिसिया गुंडई की धरती नहीं बनने दिया जाएगा।
AK-47 से गोली चलाने वाले एक कांस्टेबल को बलि का बकरा बनाने से काम नहीं चलेगा, किन अधिकारियों के आदेश पर ये हुआ उसकी जांच होनी चाहिए।
सम्राट चौधरी जी हमेशा मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे अधिकारियों को मैनुअल के हिसाब से काम करना चाहिए। बिहार में पुलिसिया तानाशाही को नहीं चलने दिया जाएगा।
बिहार पुलिस से ही Law & Order को खतरा है।
बिहार पुलिस से अब निर्दोष युवाओं को ख़तरा है।
बिहार पुलिस अब पुलिस नहीं रही वो बर्बर हो चुकी है!
और सब कुछ सम्राट जी के आदेश पर हुआ है। बिहार के युवा याद रखेंगे।
धीरे-धीरे बाद अमित शाह के इस्तीफे पर आ रही है पहली बार मुझे विपक्ष विपक्ष की भूमिका में दिखाई दे रहा है
हर एक अन्याय का छात्रों पर पड़ी एक-एक लाठी का जवाब मांगा जा रहा है।
क्या देश में आपात काल लग गया है?
देश की राजधानी में खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है एक राष्ट्रीय पार्टी CPI (M) के कार्यालय में बिना अनुमति @DelhiPolice कैसे घुस गई?
अरे चोर उचक्के बलात्कारी चंदा चोर पकड़ना है तो @BJP4India के ऑफिस में जाओ।
🚨Must be watch🚨
जिस परिवार के महिला को दबंगों ने पीटा उसी के घर की महिला को पुलिस भी पीट रही हैं!
पुलिस का दोहरा चरित्र यही हैं, यही राम राज्य है क्या ??
पुलिस के ऊपर आरोप हैं कि दबंगों से पैसा लेकर पीड़ित पक्ष को हि परेशान कर रही है !
अगर यह यूनिवर्सिटी आज़म खान साहब की न होती, किसी राजपूत ब्राह्मण की होती तो अनलिगल को भी लिगल कर दिया जाता।
यह सब हिंदू को भड़का कर वोट प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
तेजस्वी जी की ललकार से घुटनों पर झुकी सरकार।
आज ही तेजस्वी जी ने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखकर छात्रों पर दर्ज FIR को वापस लेने और उनकी जल्द से जल्द रिहाई की बात की थी।
जिसे बिहार सरकार द्वारा मान लिया गया है। आज नेहा भी बिहार आई थीं। इसके लिए सभी लड़ने वाले लोगों का शुक्रिया।
1. यूपी के ज़िला रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म ख़ान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित यूनिवर्सिटी की 38 शिक्षण इमारतों को, उसका स्वीकृत नक्शा आदि के अभाव में, ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसला उचित व इसका स्वागत।
2. वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
कल देर रात पटना में 87 छात्रों को गिरफ़्तार कर बेऊर जेल भेजा गया है। उनके खिलाफ़ 109 और 121 BNS के धाराओं में FIR किया गया है।
109 हत्या के प्रयास से संबंधित धारा है। इस धारा में 10 साल तक की कैद है। क्या आंदोलन करने वाले छात्रों पर इन धाराओं में केस होता है..?
नीतीश कुमार के समय बिहार कई आंदोलनों का गवाह रहा है लेकिन कभी इस तरह से छात्रों को इतनी गंभीर धाराओं में जेल नहीं भेजा गया है। उन्हें डिटेन किया गया है और फिर छोड़ दिया गया है।
बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनाकर जो नीतीश कुमार ने ग़लती किया है उसे पूरा बिहार देख रहा है। सबको चुनाव का इंतजार है।
3 छात्रों को पुलिस फायरिंग में बिहार में गोली लगी है।
सम्राट जी की पुलिस फ़र्ज़ी एनकाउंटर भी करती है और निहत्थे छात्रों पर Ak 47 से निशाना लगाती है।
अपराधी-बलात्कारी नहीं पकड़ पाते लेकिन निर्दोष युवाओं पर गोली चलाते हैं? शर्म बची है ?
सम्राट जी माफ़ी माँगिए।
आरक्षण हटाने वाले लोगों, अब आपका अच्छा फ़ॉलोअर्स हो गया है। जंतर-मंतर भी अब ख़ाली है आपलोग वहाँ जाइए और आमरण अनशन शुरू कीजिए।
अनशन तब तक करना है जबतक देश से आरक्षण को ख़त्म नहीं कर दिया जाता है। अगर बीच में अनशन तोड़ दिए तब एक बाप के बेटे नहीं कहे जाओगे। हमलोगों की शुभकामना है।
Bew को जब इस्तीफा देना हि था तो बच्चों को मारा क्यों ??
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया ठीक,
नरेंद्र मोदी जी बच्चों को पीटने का हिसाब दो।
Dharmendra Pradhan से हि सही नहीं होगा तुम भी दो।