दिमाग़ सुन्न है।उदयपुर की घटना केवल एक इंसान की हत्या नहीं है बल्कि मनुष्यता की हत्या है।मज़हबी कट्टरता के खेत में जो ज़हर स���यासत ने बोया उसके हत्यारे-झाग चौखट तक आ पहुँचे हैं।वक़्त हाथ से निकले उससे पहले देश को सोचना पड़ेगा।देश की सोचिए उत्तेजना से बचिए, समय सबका हिसाब करेगा🙏🇮🇳