ये है प्रतापगढ़ के दरोगा लक्ष्मीकांत सेंगर आये दिन चर्चा में रहते है इनके पास एक शराबी आदमी की पत्नी अपने पति की शिकायत लेकर गई थी, कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है, और इस समय घर में कुछ भी खाने के लिए नहीं है बच्चे भूंखे है
दरोगा जी उस महिला को वहीं बिठाकर उसके घर पर पहुंच गए और जब वहां जाके बच्चों से बात की तो सुनकर हैरान रह गए
क्योंकि बच्चे सच में भूंखे थे और घर में जरा सा भी खाने का राशन नहीं था
भूख से व्याकुल बच्चों की तड़प दरोगा जी से देखी नहीं गई, उन्होंने तुरंत उन बच्चों के लिए खाने पीने और कुछ जरूरत के कपड़े आदि व्यवस्था कर दी.
और उस शराबी आदमी को बड़े प्यार से समझाया कि शराब के चक्कर में क्यों अपने घर का विनाश करने पर तुले हुए हो...
दरोगा जी की बात सुनकर शराबी आदमी की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने आगे से ऐसी गलती ना करने का वादा किया...
इस घटना में अगर शायद कोई और दरोगा जी होते तो शायद वो भूंख से व्याकुल बच्चों की पीड़ा को ना देखते हुए शराबी आदमी को अंदर कर देते...
लेकिन सेंगर साहब ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल कायम की है जो अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी...
State rejects compensation to Vishnu Tiwari on 'Humanitarian grounds'. In a reply to National Human Rights Commission, the UP govt says spending 20 years in jail in a false case of the SC-ST act was not the case for Human rights violations.
आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर के साथ जो हो रहा है वह बेचैन करनेवाली है । यह शिक्षण संथाओं के बुनियाद को हिला कर रख देगा । बचपन में हम स्कूल में पढ़ते थे । हरि जी उस स्कूल में चपरासी थे । लेकिन हिंदी के विद्वान थे । जाति से कहार थे और हम सभी पैर छूते थे । दूसरे शिक्षक यादव थे जियोग्राफी पढ़ाते थे । अच्छी खासी कुटाई करते थे यदि हम टास्क न पूरा करें तो । बुढ़वा मास्टर साहब कुर्मी थे । न जाने कितनी छड़ियाँ तोड़ी लेकिन दादा जी और माता को पता लगता था तब कहती थी मास्टर साहब ने अच्छा किया । आज भी उन्हें याद कर आँखें गीली हो जाती हैं । आज हम कहाँ आकर खड़े हैं ।
शिक्षक मारना तो दूर डाँट नहीं सकता । नक़ल पकड़ने पर सस्पेंड हो जाय तो कौन शिक्षक आगे आयेगा । हम शिक्षण संस्थानों में जातीय संघर्ष का बीजारोपण बहुत पहले ही कर चुके हैं । ईश्वर ही मालिक है ।
जिस देश में SC/ST एक्ट के तहत हुए 100 में से एवरेज 12 केस ग़लत शिकायत के निकल रहे हों
राजस्थान में तो ये नंबर 100 में से 40+ केस का है
फिर भी SC/ST एक्ट के ग़लत इस्तेमाल पर कोई चर्चा तक करने को तैयार नहीं है।
कहा तो जाता है कि 100 गुनहगार छूट जायें पर एक मासूम नहीं फँसना चाहिए.. ग़लत केस में फँसे मासूम जनरल केटेगरी के हों तो फ़रक नहीं पड़ता क्या?
मै IITs बॉम्बे वाले case को दूसरे परिपेक्ष से देखता हु और आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू होने की कड़वी सच्चाई दिखाता हु।
नाम - साहिल वाकोडे
वर्ग - SC
कॉलेज - IIT बॉम्बे (BTech , 2nd yr)
फीस - 34000
फोन - आईफोन 16
कीमत - 100000+
आरोप - Chatgpt से चीटिंग करना
मुझे बहुत दुख है दलित वर्ग के होनहार छात्र ने आत्महत्या कर ली। अब कई कारण बताए जा रहे है। अगर जिंदा होता तो असली सच्चाई समाने आती।
लेकिन मेरा एक प्रश्न है अगर दलित आरक्षण में क्रीमीलेयर होती क्या साहिल वाकोडे को IIT बॉम्बे मिलता।
उत्तर - नहीं मिलता। ये सीट किसी गरीब दलित मिलती।
स्पष्ट है आरक्षण का लाभ केवल अमीर दलित को ही मिल रहा है। चूंकि अमीर दलित का बच्चा बड़े स्कूल में पढ़ रहा है और गरीब दलित बच्चा सरकारी स्कूल में पढ़ रहा है। भला गरीब दलित का बच्चा कैसे उसको कंपीट कर पाएगा।
वर्तमान में लागू दलित आरक्षण प्रणाली से केवल अमीर दलित के लिए हैं। इससे अमीर दलित और गरीब दलित के लिए खाई बढ़ रही है। इसका हल केवल दलित आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू होना है।
In what capacity do these clown cockroaches enter a school to inspect it? Isn't it pure anarchy? What if different groups keep visiting all day?
Full marks to that teacher for not allowing them inside and confronting them.
CCTV CAPTURES SAHIL WAKODE IN EXAM HALL LOOKING AT OBJECT KEPT IN HIS POCKET.
Sources tell @shawansen that CCTV footage has emerged as a crucial piece of evidence in the Crime Branch probe into the death of IIT Bombay student Sahil Wakode.
Between 12:30 PM and 12:45 PM, with around 15 minutes left for the exam, Sahil was seen bending down and looking at something kept in his pocket.
A professor then questioned Sahil and took him aside, away from the other students.
After leaving the examination hall, Sahil was seen walking across the campus before entering his hostel room at around 1:25 PM.
Sources say he did not leave the room thereafter.
आदरणीय @myogiadityanath ji. Logix blossom greens sector 143 Noida me पिछले १० घंटों से बिजली नहीं आ रही है। तमाम कोशिओं के बाद भी अब तक कुछ नहीं हुआ।
कृपा करके बिजली विभाग को निदेश दे.
@PVVNLHQ
Please take note and do the needful.
प्रोफेसर साहब भारत छोड़ दो।
पश्चिमी देशों में हज़ारो नौकरियाँ निकलती है, वहाँ आपको पैसा भी मिलेगा और आपके ज्ञान का सम्मान भी होगा।
भारत में सेवा देने से कोई फ़ायदा नहीं है।
यह देश, आपके जैसे महान विद्वानों का सम्मान नहीं कर सकता।
यहाँ पर पटरी उखाड़ने वाले, बीच सड़को पर हुड़दंग मचाने वाले जातिवादियों का ज़्यादा सम्मान है। हमे माफ़ कर दीजिए। 🤷🏻♂️
It’s humiliating. Would u like this one if you are professor?
If not, raise your voice.
This government listens to mobocracy only.
If a IIT professor can be jailed, what the normal teacher can do if it happens to him/her?
Raise your voice or you are you are finished.
Prof. Shireesh Kedare , Director , IIT Bombay has been surrounded by students and was made to sign 18 point demand letter.
Fall of IITs has started.
What a shame!
Votebank politics is now destroying the only good things we had.
Aur karo social justice!!
@sambitswaraj सर आप झूठे आपकी पार्टी झूठी.
आप इस देश के सबसे बड़े साइकोफ़ेंट हैं। मैंने आपको पसंद किया पर आप भी चुनावी राजनीति में उलझ गए।
मैं उड़ीसा के लोगों से अपील करता हूँ कि @BJP4India को वोट ना दे।
Had there been any sane party, would have not made the criminals as CM.
How different @BJP4India is from @INCIndia ?
Let Biharis think about it.
Why @NitishKumar was removed? Did any Bihari asked?
Exactly.
People don't realize that this SC/ST act has created more division in the society.
People from other categories will be scared to interact freely with them.
This will not only limit opportunities for SC/ST, but also it'll cutoff their other societal interactions.
Time to relook into this.