क्या यह गांधी का देश नही बचा ... अब गोड़सेवादियों के राज में , अपने अधिकार के लिए आवाज़ उठा रहे #कोरोना_योद्धाओं को भी जेल भेजा जा रहा है ... शर्म की बात है !
मैं संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ खड़ा हूँ ।
जागो ... आज इनके साथ नाइंसाफी हो रही है , कल आपके साथ भी होगी !!!
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को रस्से से बाँध कर ले जाना और जेल में ठूँस देना अंग्रेज़ी हुकूमत की याद दिलाता है।
मेरी सरकार ने संविदाकर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन सत्तालोभियों ने सरकार गिरा दी।
मैं संविदाकर्मियों को नियमित करने के लिये आज भी वचनबद्ध हूँ।
मध्यप्रदेश को शर्मसार करती तस्वीर:
संविदा कर्मियों को पुलिस द्वारा रस्सियों से बांध कर ले जाना लोकतंत्र में बहुत ही शर्मनाक घटना है। इस तरह का अपराधियों जैसा व्यवहार किसी भी स्तर पर माफी योग्य नहीं है।
शिवराज जी,
अब आप सीमा लांघ रहे हैं।
Train no 12428 ac3 me with family treval kar rahe hai par blanket aur bedsheets nahi mil rahi jis karan safar karna muskil ho raha hai please arrange it @PMOIndia@IRCTCofficial@irctc_app@RailMinIndia
मैंने मध्यप्रदेश में कोरोना से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े जारी किये तो सत्ता में बैठे ज़िम्मेदार लोग तिलमिला उठे ?
क्योंकि वह इस महामारी में निरंतर मौतों के आँकड़ो को दबाने व छुपाने के खेल में लगे हुए हैं।
जब सरकार कहीं नजर नहीं आ रही थी,
और सांसे उखड़ रही थी,तो पहला नाम @srinivasiyc याद आया।
जरा सी सांस क्या संभली यारों...उसी को कातिल बना दिया !! शाबाश 👏