महंगाई के दौर में, जहाँ 30 रुपये में एक कप कॉफी तक नहीं मिलती, वहाँ एक शख़्स 30 रुपये में 4 रोटी, चिकन, सलाद और पैक्ड पानी खिलाकर हज़ारों लोगों की दुआएँ कमा रहा है।
उनका नाम है मोहम्मद इरफान।
जब उनसे मुलाक़ात हुई तो महसूस हुआ कि कुछ लोग कारोबार नहीं करते... इबादत करते हैं। उनके लिए थाली में रखा हर निवाला सिर्फ़ खाना नहीं होता, बल्कि किसी मेहनतकश की इज़्ज़त, किसी मज़दूर की थकान और किसी गरीब की भूख का जवाब होता है।
बातों-बातों में समझ आया कि समाजवाद उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि जीने का तरीका है। समाज के सबसे आख़िरी पायदान पर खड़े इंसान की फ़िक्र उनकी बातों में भी दिखी और उनके काम में भी।
यह बातचीत आज से तीन साल पुरानी है। वक़्त बदला, हालात बदले, लेकिन एक चीज़ नहीं बदली - मोहम्मद इरफान का इंसानियत पर यक़ीन।
इरफान तब भी कोहिनूर थे...और आज भी हैं।
#MohammadIrfan #PoojaMathur
Amit Shah ke kehne par ab Students ko Hostels aur Gharon se uthaya jaa raha hai.
Bas isliye kyunki unhone protest kiya. Bas isliye kyunki unhone Sarkar se jawab maanga.
Ye kanoon ka raaj hai ya badle ki rajneeti?
Students ko dara kar unki awaaz Dabayi jaa rhi hai.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से ठीक पहले धरना स्थल के बाहर संसद मार्ग कुछ उपद्रवी तोड़फोड़ कर रहे थे,छात्रों को उकसा रहे थे। जिसने बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे। @DelhiPolice इनके चेहरे देखकर कार्रवाई करे, @TheNewspinch ने किया बेनक़ाब
@SupriyaShrinate इरफान की इस स्ट्रेटजी का ज्ञान 👇👇 यहाँ से मिला है, लेकिन इसका मकसद भी इसी वीडियो में है!
काँग्रेस तो शुरू से ही गजबा ऐ हिन्द की पोषक है!
इरफान,
मेरे देश को बहुत ज़रूरत है तुम्हारी और तुम्हारे जैसे बहुत सारे नौजवानों की
तुम्हें अपने आस पास, अपने समाज की चिंता अपनी ख़ुद की परेशानियों से ज़्यादा है
इतनी दिक्कतों के बावजूद तुम्हारा संविधान में अटूट विश्वास हौसला देता है
तुम हिंदुस्तान हो 🇮🇳🇮🇳