जिसके पुरखे रोमन थे।
जिसका दादा पारसी था।
जिसकी मां ईसाई है।
जिसके एक पुरखे को इलचाम प्यारा था और जिसे सनातनी होने पर गर्व नहीं लज़्ज़ा आती थी।
एक ऐसे शख्स से आप अपेक्षा रखते हैं कि वह सनातन और उसके धर्म ग्रंथों का सम्मान करेगा।
चुनाव आदि तो बहाना है , वह ईसाइयत का सनातन के प्रति घृणा का तथा इलचाम के ग़ज j वा e हिंद के ख़्वाब का सबसे बड़ा मोहरा है।
वह मोदी और बीजेपी के ख़िलाफ लड़ रहा है , यह आपका और हमारा भ्रम है। वह सनातन को समाप्त करना चाहता है और उसी मिशन में लगा है..
@ArvindSinghUp ऐसे ऐसे सेक्युलर धर्मांतरित नेताओं के कारण ही हिंदू धर्म ख़त्म हो जाएगा.. कश्मीर,बंगाल,केरल, पाकिस्तान,बांग्लादेश,संदेशखाली,मुर्शिदाबाद, मुज़फ़्फ़रनगर संभल,आजमगढ़ रामपुर,उदयपुर, पहलगाम देखकर भी हिंदू सुधर नहीं रहा है- #CJPmovement#UP#Bharat24Digital
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योगी जी सत्ता की मोह माया से बहुत ऊपर हैं
और राजनीति में जो नेता सत्ता को ठोकरों पर रखता हो वो कठोर निर्णय लेने में जरा भी नहीं झिझकता ...
योगी जी अब देश के हिंदुओं की एकमात्र आस हैं
जिसे शायद ही कोई पढ़ता हो और यह जानता हो कि उसमें क्या लिखा है, उस मनुस्मृति के विरोध को धार देने की कोशिश में कांग्रेस अब हिजाब के समर्थन में खड़ी हो गई है। आगे क्या वह हलाला के पक्ष में भी खड़ी होगी?
ब्राह्मण-ठाकुर-गुर्जर समाज में मेरा रिश्ता कराएं, मैं शादीशुदा नहीं:- भीम संगठन का (एक बेशर्म घटिया कार्यकर्ता)
अब बताइए इसकी कोई ब्राह्मण-ठाकुर-गुर्जर आरती उतारेगा?
इसे यही ना कहा जाएगा कि अबे जाहिल शक्ल देख अपनी बेशर्म, घटिया, इंसान…..
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रसन्ना बराले ने कहा कि अगर सरकार कुंभ मेला का जो बजट है उसका 0.1% शिक्षा बजट बढ़ाती तो कई स्कूल बन सकते थे
मैं जस्टिस से सहमत हूं
लेकिन जस्टिस प्रसन्ना वराले को सिर्फ कुंभ मेला ही क्यों नजर आया ???
इन्होंने यह क्यों नहीं कहा कि अगर सरकारी हज यात्रा सब्सिडी का बजट का 0.1% स्कूलों पर खर्च करती तो स्कूल अच्छे बन सकते थे
या यह जो पूरे भारत में सैकड़ो हज हाउस बने हैं उनकी जगह स्कूल या कॉलेज बनते तो कितनी शानदार शिक्षा व्यवस्था होती
या जस्टिस प्रसन्ना बराले को यह भी कहना चाहिए कि यह वक्फ बोर्ड जो लाखो एकड़ जमीन दबाकर बैठा है उन जमीनों पर स्कूल कॉलेज बनेंगे तो देश की शिक्षा व्यवस्था शानदार होगी
सोचिए जब सुप्रीम कोर्ट में बैठे हुए जज को भी सिर्फ एक धर्म नजर आ रहा है तब वह फैसला क्या करते होंगे
Why is Manusmriti easy to question, but Muslim personal law politically uncomfortable?
That was my question on @ndtv w @PadmajaJoshi .
If Rahul Gandhi’s principle is that a woman belongs to herself, I agree completely. But then give Hindu and Muslim women the same intellectual standard.
कर्नाटक में एक मंदिर में दर्शन में खड़ी विधायक की बेटी को देरी बर्दाश्त नहीं हो रही थी तो उसने बगल में खड़ी महिला पुलिस अधिकारी को चांटा जड़ दिया।
पुलिस अधिकारी ने भी पलट कर चांटा दे दिया।
"राजू दास जी" "हनुमानगढ़ी" के महंत हैं। 4 साल की उम्र में उनके पिता उन्हें अयोध्या छोड़ गए थे। वहीं से उन्होंने LLB की डिग्री हासिल की।
"राजू दास जी" की जाति किसी को नहीं पता, लेकिन इसके बावजूद वे हिंदुओं के एक बड़े अखाड़े के महंत हैं।
आप उनकी भाषा से नाराज़ हो सकते हैं, लेकिन "कांग्रेस" प्रवक्ता को जवाब तो उसी की भाषा में दिया जाएगा।
"योगी जी" खुद कहते हैं—जो जिस भाषा में समझता है, उसे उसी भाषा में समझाया जाए .😁😂
#UttarPradesh के मुख्यमंत्री @MYogiAdityanath जी ने मनु के नाम पर छाती पीटने वालों को काल गिनने की पूरी पद्धति समझा दी।
इसीलिए कहा गया है "जाति ने पूछो साधु की पूछ लीजिए ज्ञान"
#Manu#Manusmriti
मैं अब भाजपा के साथ हूँ क्योंकि देश और विकास के लिए वे जो काम कर रहे हैं, मैं उसकी सच में तारीफ़ करती हूँ।
इसीलिए मैं उनसे जुड़ी हूँ। मैं देश के लिए और भी बहुत कुछ करना चाहती हूँ।
मैंने हमेशा देश की भलाई के बारे में सोचा है। इतने सारे मेडल जीतने के बाद, मैं चाहती हूँ कि हम सब देश के लिए एकजुट होकर खड़े हों, और देश की बेहतरी के लिए की जाने वाली किसी भी कोशिश का मैं मज़बूती से समर्थन करती हूँ।
: साइना नेहवाल, भारतीय बैडमिंटन स्टार
रामविलास पासवान 11 बार सांसद रहे, एक बार विधायक रहे। 7 बार केंद्रीय मंत्री की शपथ ली। लोकसभा में 'लीडर ऑफ द हाउस' भी रहे। 2 दशक तक एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष रहे।
उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत अधिकारी की बेटी से शादी की। सामान्य वर्ग की महिला से। इन दोनों के ही बेटे हैं - चिराग पासवान। तीसरी बार सांसद बने हैं, केंद्रीय मंत्री भी हैं। अपने पिता द्वारा स्थापित पार्टी के मुखिया भी हैं (पार्टी अब नए रूप में है)।
चिराग पासवान जिस हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं, वो दलितों के लिए आरक्षित है। इससे पहले वो जिस जमुई लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, वो भी SC के लिए आरक्षित थी।
लुब्ब-ए-लुबाब ये कि चिराग पासवान आरक्षण का पूरा लाभ उठा रहे हैं। इतना सबकुछ होने के बावजूद, ऐसी पृष्ठभूमि होने के बावजूद - उनकी आने वाली पीढ़ियाँ भी आरक्षण का लाभ अनंतकाल तक उठाती रहेंगी। यही चिराग पासवान संसद में और सोशल मीडिया पर कहते हैं कि आरक्षण कोई भीख में मिली खैरात नहीं है, उनके जीते-जी इसे कोई नहीं हटा सकता। चिराग पासवान केवल एक उदाहरण हैं, अपवाद नहीं। ऐसे-ऐसे कई उदाहरण मिल जाएँगे आपको।
जिस दुसाध समाज से चिराग आते हैं, बिहार की जातीय जनगणना में उनकी जनसंख्या 70 लाख बताई गई है। सत्तर लाख लोगों में LJP(R) का नेतृत्व केवल चिराग पासवान के हाथों में ही रहेगा। हाजीपुर और जमुई से उनके ही परिवार के लोग लड़ेंगे। पिता के बाद पुत्र ही केंद्रीय मंत्री बनेगा। यही कारण है कि इनके लिए आरक्षण ज़रूरी है।
सलमान तासीर पाकिस्तान के काफी धनी कारोबारी थे और राजनीति में भी एक्टिव थे ...बाद में 2008 से 2011 तक पंजाब पाकिस्तान के गवर्नर रहे...
उसकी अपनी दो शादियाँ हुई थीं ,पहली यास्मीन सहगल से और दूसरी आमना तासीर से और बाल बच्चे भी थे..
पर उनका एक जैविक बेटा भी था..आतिश तासिर,लंदन में पला बढ़ा और एंटी इंडिया माइंडसेट वाला लिबरांडू...
पर उसकी मां यानि जानी मानी हस्ती
तवलीन सिंह, भारतीय पत्रकार और स्तंभकार हैं...तवलीन सिंह और सलमान तासीर की शादी नहीं हुई थी... दोनों के बीच 1980 में एक संक्षिप्त संबंध था, जिससे आतिश तासीर का जन्म हुआ... दोनों कभी विवाहित नहीं थे और तवलीन सिंह ने आतिश को लंदन में पाला...
पर फिर भी उन्होंने कभी डिनाय नही किया कि आतिश का बाप कौन है...
पर कपिल सिब्बल जो सौरव दास के वकील है कोर्ट में कहते हैं कि
सौरव दास की पर्सनल फाइनेंस, उनकी इनकम, वो कहाँ रहते हैं, उनके माता-पिता कौन हैं , ये सब नहीं बताया जा सकता क्योंकि वो जर्नलिस्ट हैं...
पर सौरव दास सुप्रीम कोर्ट जजों की संपत्ति इनकम, पीएम की डिग्री और निजी जिंदगी जानना चाहते हैं…लेकिन खुद के बारे में कुछ भी नहीं बताना चाहते...
मतलब दुनिया में कौन ऐसा जर्नलिस्ट है जो अपने माँ बाप का नाम छुपाता है...
तलवीन सिंह से बड़ा जर्नलिस्ट तो नही है,हां पर ऐसा जर्नलिस्ट जरूर है तो कपिल सिब्बल जैसा वकील अफोर्ड कर सकता है,तो अपनी जानकारी पब्लिक करने में किस बात का डर है ...
मैं राजनीतिक और मनुस्मृति, दोनों की बात बताता हूं। राहुल गांधी सरासर झूठ बोलते हैं। हकीकत ये है। ये ‘Dismantling Global Hindutva’ के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
मैं पूछना चाहता हूं राहुल गांधी से ये पितृसत्तात्मक संस्कृति जैसा संस्कृतनिष्ठ शब्द कहाँ से आया ?
पर कभी मर्दुम अजीम रवायत सुनी है?
चार बीवी क्या है ?
तलाक का अधिकार सिर्फ पुरुष को। चुप।
हलाला से महिला पवित्र हो जाती है। चुप।
मेहरम पता है क्या होता है? हमारी सरकार आने से पहले मेहरम वो होता था कि इस्लामी मान्यता के अनुसार घर से बाहर अगर महिला निकले तो किसी पुरुष की छत्रछाया में होना चाहिए। मेहरम हमने खत्म किया। मेहरम चुप।
इस व्यक्ति की हकीकत देखो। जो कहता है हिजाब होना बहुत अच्छा है, मगर हिंदू धर्म में महिलाओं को समानता नहीं है। मैं चैलेंज करके कहता हूं, दुनिया में जितने भी धर्म और मजहब हैं, उनमें भगवान सबको कुछ न कुछ इंट्यूशन देते हैं, भगवान की कृपा होती है। ये पुरुष पर ही क्यों होती है, महिला पर क्यों नहीं?
सिर्फ भारतीय संस्कृति ऐसी है, जहां वेदों में 22 ऋषिकाएं हैं अपाला, लोपामुद्रा, मैत्रेयी, संध्या।
फैक्ट:
मनु स्मृति पर महात्मा गांधी, नेहरू, डा। अंबेडकर ने क्या कहा और इंदिरा गांधी जी के जमाने में क्या छपा।
ये आदमी अपने पिता को, दादी को, नेहरू को, गांधी जी को गलत साबित करने में लगा है।
ये लोग समाज के अंदर भारत के विरुध्द वैश्विक षड्यंत्र ‘Dismantling Global Hindutva’, जो 2021 में अमेरिकन यूनिवर्सिटी में बना था, इसके बाद जब इन्होंने कास्ट पर लड़ाने का विषय शुरू किया, हेनरी लूसी फाउंडेशन, मार्च 2021, फिर उसके बाद 2022!से तमिलनाडु में कॉन्फ्रेंस शुरू हुई ‘Eradication of Sanatan Dharma’।
अब महिलाओं की बात आई है। अगर 4 करोड़ आवास मिले हैं प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में तो 3 करोड़ गरीब महिलाएं उसमें खुद मालिक बनकर बैठी हैं। 55 करोड़ जनधन अकाउंट में 60% महिलाएं हैं। ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, कैबिनेट मंत्रिमंडल में महिलाएं और एयरफोर्स व डिफेंस सर्विसेज में परमानेंट कमीशन मिला है तो हमारे जमाने में मिला है।
आज तक जवाब दे दें। मैं चैलेंज करके कहता हूं राहुल गांधी कहो गांधी गलत थे, नेहरू गलत थे, डा अंबेडकर गलत थे, मेरी दादी गलत थी, सब गलत बोल रहे थे। मेरा आविर्भाव हुआ है अपने पूर्वजों व परिवार की बेइज़्ज़ती करे व भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए।
5000 साल → 600 जातियां पानी नहीं पीने दिया
संविधान के 70 साल → 600 और जाती जुड़ी
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अजीत ब्रो फूल फायर रोस्टिंग मोड में है 🔥