यह मंज़र यूँ ही ख़ामोश नहीं अपने भीतर कई दास्ताँ ���मेटे बैठा है मित्रों..!!🙏
क्योंकि कुर्सियाँ अक्सर रुतबा दे देती हैं मगर महानता का मुकाम इंसान अपने किरदार से हासिल करता है।
कोई आदमी अपने ओहदे से नहीं बल्कि अपने सलीके, अपनत्व, सादगी और लोगों के दुःख में शामिल हो जाने की फ़ितरत से बड़ा बनता है।
और ऐसे ही हैं सादगी से लबरेज हमारे माननीय मंत्री #केके_विश्नोई ❤️🫰
दरअसल गुड़ामालानी विधानसभा के अरटवाव निवासी हरिराम जी भादू अस्वस्थ थे।
ख़बर मंत्रीजी तक पहुँची तो तमाम सरकारी व्यस्तताओं, मंत्रालयों के दायित्वों और अनगिनत प्रभारों के बीच वे स्वयं उनके घर पहुँचे।
हाल पूछा...कुशलक्षेम जानी...
परिजनों से मिले...दिलासा दिया
यक़ीन मानिए यह केवल मुलाक़ात नहीं थी
यह उस रिश्ते की तासीर थी जिसमें नेता और कार्यकर्ता के बीच औपचारिकता नहीं अपनापन साँस लेता है।
वरना आज के दौर में
जहाँ लोग भीड़ में चेहरों को भूल जाते हैं
वहाँ किसी मंत्री का अपने हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को अपने ज़ेहन में बसाए रखना
वास्तव में उसकी शख़्सियत की बुलंदी बयान करता है।
ऐसे दृश्य देखकर दिल कह उठता है गुड़ामालानी की जनता ने सचमुच एक कोहिनूर तराशा है जो हर सुख-दुःख में अपनों के साथ खड़ा दिखाई देता है।
लहजे में नरमी लेकर
व्यवहार में सादगी लेकर
चेहरे पर अपनापन लेकर
और दिल में अपनों की फ़िक्र लेकर
बहुत ख़ूब मंत्रीजी..��🤌
आपकी यही सादगी, यही इंसानियत
आपकी असली पहचान है।
सतीश विश्नोई ✍️
@kkvishnoibjp
@team_kk_vishnoi
राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयनित होने वाले #dineshbishnoi#1st rank, #bhajanlal#107th rank प्रतिभाशाली युवा साथियों को बहुत-बहुत बधाई। उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं🙏🌹🙏
अदम्य साहस और आध्यात्मिक शक्ति की प्र���ीक मां कूष्मांडा का चरण-वंदन! उनकी दिव्य ऊर्जा से हर हृदय में नवचेतना जागृत हो।
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे॥
विश्नोई पंथ का दूसरा नियम 👇
2️⃣ #पाँच_दिन_ऋतुवंती_न्यारो
महावारी के दौरान विश्नोई परंपरा में महिला को पाँच दिन तक रसोई, भारी काम, चूल्हा–चाक और थकाऊ गतिविधियों से अलग र���ा जाता है।
यह नियम किसी तरह का भेदभाव नहीं बल्कि महिला के शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बनाया गया एक बेहद संवेदनशील और वैज्ञानिक प्रावधान है।
आइए जानते हैं पाँच दिन ऋतुवंती न्यारौ के वैज्ञानिक दृष्टिकोण..▶️👇
🔬 1. प्रतिरक्षा (Immunity) अस्थाई रूप से कम हो जाती है:- महावारी की शुरुआत में हार्म��न तेजी से बदलते हैं।
इस दौरान शरीर की इम्यूनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है।
ऐसे समय में धूल-मिट्टी,रसोई के बैक्टीरिया,थकाऊ घरेलू काम संक्रमण का खतरा बढ़ा देते हैं।
न्यारो रखना महिला को संक्रमण से बचाने का प्राकृतिक तरीका है।
🔬 2. गर्भाशय की सफाई और सूक्ष्म घावों का भरना:- पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की परत (Uterine Lining) झड़ती है।
इस प्रक्रिया में गर्भाशय के अंदर छोटे-छोटे माइक्रो-घाव बनते हैं।
यदि इस समय महिला भारी काम करे या बार-बार झुके-उठे तो दर्द अधिक हो सकता है,
ब्लीडिंग बढ़ सकती है जिससे रिकवरी धीमी हो जाती है इसलिए इस परंपरा ने आराम को प्राथमिकता दी हैं।
🔬 3. संक्रमण से सुरक्षा (Infection Control):- पुराने समय में सैनिटरी पैड नहीं थे
टॉयलेट और बाथरूम की सुव��धा सीमित थी
रसोई ज्यादा नमी और मिट्टी वाली होती थी
इससे संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता था।
इसी कारण महिला को रसोई से दूर रखने के पीछे दो वैज्ञानिक लक्ष्य थे
एक भोजन को किसी प्रकार के संक्रमण से बचाना
दूसरा महिला को हानिकारक बैक्टीरिया के संपर्क से दूर रखना
यह स्वास्थ्य सुरक्षा का शुद्ध वैज्ञानिक उपाय था।
🔬 4. हार्मोनल संतुलन के लिए आराम ज़रूरी:-महावारी के शुरुआती दिन शरीर में ये बदलाव स्वाभाविक होते है पेट दर्द,कमजोरी,हल्का रक्तचाप परिवर्तन,भावनात्मक अस्थिरता
ऐसे समय भारी काम या थकान हार्मोनल असंतुलन बढ़ाती है।
न्यारो के पाँच दिन शरीर को पूरी तरह ठीक होने और सामान्य अवस्था में लौटने का समय देते हैं।
🔬 5. मानसिक और भावनात्मक विश्राम:-
हर माह शरीर एक प्राकृतिक चक्र से गुजरता है।
इस दौरान मानसिक शांति और तनाव-मुक्त वातावरण की विशेष आवश्यकता होती है।
न्यारो की परंपरा महिला को
मानसिक राहत,काम के दबाव से छुटकारा तथा भावनात्मक संतुलन प्रदान करती है।
विश्नोई समाज में महावारी के दौरान “न्यारो” की परंपरा केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं है।
यह स्वच्छता,हार्मोनल स्वास्थ्य,संक्रमण की रोकथाम,आराम,मानसिक संतुलन
जैसे आधुनिक मेडिकल साइंस के सिद्धांतों पर पूरी तरह आधारित है।
अर्थात सैकड़ों वर्ष गुरु महाराज जांंभोजी द्वारा बनाए गए ये नियम आज की आधुनिक मेडिकल साइंस के अनुसार भी पूरी तरह प्रासंगिक, ता���्किक और वैज्ञानिक सिद्ध होते हैं।
ॐ विष्णु 🙏
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
आप सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं! #चैत्र#नवरात्र#राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं