बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है। उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं।
उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की ख़बर उनके पुत्र से ही मिली। इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है। कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है। उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं।
उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की ख़बर उनके पुत्र से ही मिली। इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है। कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
1. उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का मानसून सत्र आज दिनांक 3 अगस्त से शुरू हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक़ कुल मिलाकर चार कार्य दिवस वाले इस सत्र में अगले दिन दिनांक 4 अगस्त को सरकारी ख़र्चे सम्बंधी अनुपूरक बजट राज्य सरकार विधानसभा में पेश करेगी।
2. हालाँकि ��ह सत्र अति-अल्पकालीन है, फिर भी लोगों की यही अपेक्षा है कि यूपी विधानमण्डल का यह सत्र, संसद के वर्तमान सत्र की तरह ही, देश व जनहित, जनकल्याण एवं जव्लन्त जन समस्याओं के प्रति समर्पित होने के बजाय, संकीर्ण दलगत राजनीति, खींचतान, आरोप-प्रत्यारोप व हंगामा आदि की पूरी तरह से भेंट ना चढ़ जाये।
3. वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिन्ता भी स्वाभाविक ही है कि अफ़सरशाही (ब्यूरोक्रेसी) को संविधान के शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाये रखने के लिये ज़रूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाये।
4. इसके लिये यूपी के विधानमण्डल का लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पायेगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जायेगी?
5. देश के संविधान व यहाँ लोकतंत्र की मज़बूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिये विधायिका की मज़बूती अति-महत्वपूर्ण और इसके लिये सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण ज़रूरी।
*కలెక్టర్ గారు ఆదుకోండి*
*కరోనా కాలం అద్దె మినహాయించండి – రద్దు చేసిన షాపులను తిరిగి కేటాయించండి*
*బీఎస్పీ రంగారెడ్డి జిల్లా అధ్యక్షులు దొడ్డి శ్రీనివాస్ వినతి*
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्���ा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये।
-और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करके, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके।
- इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे फिर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके।
- साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्��� को भी ख़राब ना होने दें।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजि�� हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प���रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव ��ुवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटक��� एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, क��न्त��� प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भ�� बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर क��करोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजि�� हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प���रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव ��ुवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटक��� एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, क��न्त��� प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भ�� बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर क��करोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्���ों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठ���ना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरका��ी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौक��ी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसी��िये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार���टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
ప్రత్యేక తెలంగాణ రాష్ట్ర ఎప్పటికైనా బహుజనులకు నీళ్లు నిధులు నియామకాలలో జరుగుతున్న అన్యాయాలను ప్రశ్నించుటకై హైదరాబాదులోని లక్డికాపూల్ లో గల బీఎస్పీ పార్టీ తెలంగాణ రాష్ట్ర కార్యాలయానికి కవులు కళాకారులుగా పెద్ద ఎత్తున బయలుదేరుదాం.
బహుజన్ సమాజ్ పార్టీ రంగారెడ్డి జిల్లా అధ్యక్షులు దొడ్డి శ్రీనివాస్ ఇండ్ల పట్టాలు ఇవ్వాలని డిమాండ్ చేస్తూ చేవెళ్ల నియోజకవర్గం లోని మొయినాబాద్ మండలం హిమాయత్ నగర్ గ్రామంలో ప్రజలు చేస్తున్న పోరాటానికి సంఘీభావం తెలిపి ధర్నాలో పాల్గొన్నారు.
“బీఎస్పీ జిల్లా అధ్యక్షులే పార్టీ కి మూలస్థంబాలు. తెలంగాణ గడ్డపై ఏనుగు గర్జించాలి,నీలి జెండా ఎగరాలి”
జిల్లా అధ్యక్షుల సమావేశం లో బీఎస్పీ రాష్ట్ర అధ్యక్షులు ఇబ్రాం శేఖర్ పిలుపు
▪️హైదరాబాద్లో ఘనంగా బీఎస్పీ జిల్లా అధ్యక్షుల విస్తృత స్థాయి సమీక్షా సమావేశం,
▪️రాజ్యా��ికారమే లక్ష్యంగా మూడు కీలక సంకల్పాలు,
క్యాడర్ ఆధారిత 'కాన్షీరామ్ వర్క్ స్టైల్' తో ముందుకు నడవాలని దిశానిర్దేశం,
▪️జిల్లా,అసెంబ్లీ కేంద్రాల్లో తక్షణమే పార్టీ కార్యాలయాల ఏర్పాటుకు డెడ్లైన్
హైదరాబాద్:06-06-2026
తెలంగాణ గడ్డపై బహుజన రాజ్యాధికార స్థాపనే లక్ష్యంగా బహుజన్ సమాజ్ పార్టీ (BSP) శ్రేణులు కదంతొక్కాలని బీఎస్పీ రాష్ట్ర అధ్యక్షులు ఇబ్రాం శేఖర్ పిలుపునిచ్చారు. హైదరాబాద్లోని రా��్ట్ర కార్యాలయం లో నిర్వహించిన *_"బీఎస్పీ జిల్లా అధ్యక్షుల విస్తృత స్థాయి సమీక్షా సమావేశం"_* అత్యంత ప్రతిష్టాత్మకంగా జరిగింది.ఈ సందర్భంగా రాష్ట్రంలోని అన్ని జిల్లాల అధ్యక్షులతో పార్టీ సంస్థాగత బలోపేతం,భవిష్యత్ కార్యాచరణ మరియు రాబోయే ఎమ్మెల్సీ (MLC)ఎన్నికల వ్యూహాలపై విస్తృతంగా సమీక్షించారు.
>అధికారంలో బహుజనులు ఎందుకు మైనారిటీగా ఉన్నారు?:
సమావేశాన్ని ఉద్దేశించి రాష్ట్ర అధ్యక్షులు మాట్లాడుతూ,తెలంగాణలో అత్యధిక జనాభా కలిగిన బీసీ,ఎస్సీ,ఎస్టీ, మైనారిటీ వర్గాలు నేటికీ అధికారానికి ఎందుకు దూరంగా ఉన్నాయని ప్రశ్నించారు.
"బహుజన ప్రజల శ్రమతో వ్యవసాయం సాగుతుంది, పరిశ్రమలు నడుస్తాయి, బహుజనుల ఓట్లతోనే ప్రభుత్వాలు ఏర్పడుతున్నాయి. కానీ నిర్ణయాలు తీసుకునే స్థానాల్లో బహుజనుల ప్రాతినిధ్యం శూన్యం."అన్నారు.
బాబాసాహెబ్ అంబేద్కర్ గారు చెప్పినట్లు'రాజకీయ అధికారమే సామాజిక పురోగతికి పునాది'. రాజ్యాధికారం లేని సా��ాజిక న్యాయం అసంపూర్ణం."
అందుకే మాన్యశ్రీ కాన్షీరామ్ గారు చెప్పిన *'ఓటు మాది – సీటు కూడా మాదే'* అనే నినాదాన్ని నిజం చేయాల్సిన సమయం వచ్చింది" అని పేర్కొన్నారు.
సమావేశంలో తీసుకున్న కీలక నిర్ణయాలు & దిశానిర్దేశం:
పార్టీ ప్రోటోకాల్,సమయపాలన మరియు సీరియస్నెస్ విషయంలో రాజీ పడేది లేదని,ప్రతి ఒక్కరూ కట్టుబడి ఉండాలని స్పష్టం చేశారు.
ప్రత�� జిల్లా,అసెంబ్లీ మరియు గ్రామ స్థాయి బూత్ కమిటీల ఏర్పాటుకు స్పష్టమైన 'టైమ్ బాండింగ్' (గడువు) విధిస్తూ నిర్ణయం తీసుకున్నారు.
ప్రతీ జిల్లా కేంద్రంలో మరియు ప్రతీ అసెంబ్లీ నియోజకవర్గ కేంద్రంలో తక్షణమే పార్టీ సొంత కార్యాలయాలను ఏర్పాటు చేయాలని ఆదేశించారు.
ప్రతీ జిల్లా,అసెంబ్లీ పరిధిలో ఉన్న బహుజన ఉద్యోగులను గుర్తించి, వారితో ప్రత్యేక సమావేశాలు ఏర్పాటు చేయాలని ప్రణాళిక సిద్ధం చేశార��.
👉ఎమ్మెల్సీ ఎన్నికలే లక్ష్యం:రాబోయే ఎమ్మెల్సీ ఎన్నికల్లో బీఎస్పీ బరిలో నూలువబోతుందని,గెలుపే లక్ష్యంగా అత్యంత ప్రాధాన్యత ఇస్తూ ఎన్నికల వ్యూహాన్ని ఖరారు చేశారు.
>'కాన్షీరామ్ వర్క్ స్టైల్' తోనే రాజ్యాధికారం:
బహుజన రాజ్యాధికారం సిద్ధించాలంటే కాన్షీరామ్ గారు చూపిన ఉద్యమ నమూనాను, బెహెన్ మాయావతి జీ ఆదేశాలను తు.చ.తప్పకుండా పాటించాలని క్యాడర్కు పిలుపునిచ్చారు.
కాన్షీరామ్ గారి ��నితీరులోని 5 సూత్రాలను ఈ సందర్భంగా గుర్తుచేశారు:
1.ముందు చైతన్యం - తర్వాతే ఓట్లు:
చదువుకున్న ఉద్యోగులను, సమాజాన్ని ముందుగా చైతన్య పరిచి,ఆ శక్తినే ఓట్లుగా మార్చాలి.
2.వ్యక్తుల కంటే పార్టీయే గొప్పది:
వ్యక్తులు వస్తారు,పోతారు,కానీ సంస్థ ఉంటేనే ఉద్యమం బతుకుతుంది.వ్యక్తి పూజకు తావు లేదు.
3.రాజకీయ అధికారమే పరమావధి:కేవలం ఎన్నికల్లో పోటీ చేయడం ముఖ్యం కాదు, 'మాస్టర్ కీ' లాంటి అధికారాన్ని చేజిక్కించుకోవడమే లక్ష్యం.
4.ఫుల్ టైమ్ క్యాడర్:
స్వార్థం లేని,అంకితభావం గల నిరంతర ప్రచారకులను (క్యాడర్) గ్రామాల నుంచి తయారు చేయాలి.
5.మిషన్ ఫస్ట్:వ్యక్తిగత ప్రయోజనాల కంటే పార్టీ మిషన్ పట్ల నిబద్ధత ముఖ్యం.
చివరగ��..,
సమావేశం ముగింపులో జిల్లా అధ్యక్షులందరితో రాష్ట్ర అధ్యక్షులు మహనీయుల ఆశయ సంకల్ప ప్రతిజ్ఞ" చేయించారు.
"నా వ్యక్తిగత పనుల కంటే బహుజన్ సమాజ్ పార్టీ బలోపేతమే నా ప్రథమ ప్రాధాన్యం.జిల్లాలోని ప్రతీ కార్యకర్తను నా రక్తసంబంధీకుడిలా భావించి, పార్టీని ఒక ఉమ్మడి కుటుంబంగా నడిపిస్తాను.కోట్ల మంది బహుజనుల ఆత్మగౌరవం కోసం గడప గడపకూ కాన్షీరామ్ తత్త్వాన్ని తీసుకెళ్తూ శత్రువుల కుతంత్రాలను బద్దలు కొడతాను. నా ఊపిరి ఉన్నంతవరకు అమ్ముడుపోని నమ్మకమైన బీఎస్పీ సైనికుడిగా ఉంటాను" అని జిల్లా అధ్యక్షులు ఆత్మసాక్షిగా ప్రతిజ్ఞ చేశారు.
ఈ సమావేశంలో రాష్ట్ర ఉపాధ్యక్షులు శ్రీరాం కృష్ణ, చీఫ్ జోనల్ ఇంచార్జ్ లు దయానంద్ రావ్, ఈశ్వర్, రాష్ట్ర కార్యదర్శి లింగంపల్లి యాదగిరి మరియు అన్ని జిల్లాల అధ్యక్షులు, ప్రతినిధులు పాల్గొన్నారు.
జై భీమ్! జై భారత్!!
బహుజన్ సమాజ్ పార్టీ (BSP),
తెలంగాణ రాష్ట్ర కమిటీ.
(06-06-2026).
@RaoAtar26082 @bspindia