#गीता (३/७) -
यस्त्विन्द्रियाणि मनसा नियम्यारभतेऽर्जुन।
कर्मेन्द्रियैः कर्मयोगमसक्तः स विशिष्यते।।
अर्थ -
परन्तु हे अर्जुन! जो पुरुष मन से इन्द्रियों को वश में करके अनासक्त हुआ कर्मेंन्द्रियों से कर्मयोग का आचरण करता है वह श्रेष्ठ है।
- योगेश्वर श्रीकृष्ण।
#श्रीमद्भगवद्गीता
यह व्यक्ति उपराष्ट्रपति सहित अन्य पदों पर रहते हुए भी अपने कार्यकाल में राष्ट्र के गोपनीय तथ्य पाकिस्तान सहित अन्य इस्लामिक देशों तक पहुँचाता था। तत्सम्बंधित समस्त प्रमाणों की उपलब्धि के उपरान्त भी सरकार इसे जेल की सलाखों में बन्द करने का साहस नहीं जुटा पा रही है-अफसोस!
"बकरा ईद" मानवता पर कलंक है, इस से बुरा दिन कोई नहीं हो सकता। यह इंसान के अन्दर से "इंसानियत के खात्मे का दिन" है।
जानवरों का बड़े पैमाने पर कत्ल करनेके लिए निर्धारित दिन को त्योंहार मानना और मुबारकबाद बोलना बेहद दर्जे की बेशर्मी है।
#मज़हब_इस्लाम#धर्म_सनातन#BanBakraEid