प्रति मिनट 60 बच्चे
प्रति घंटा 3600 बच्चे
प्रति दिन 86400 बच्चे
अर्थात 2022 में सवा तीन करोड़ बच्चे
जब तक 2 करोड़ घर ��नेगा तब तक 10 करोड़ बेघर पैदा हो जाएंगे
जब तक 2 करोड़ रोजगार देंगे तब तक 10 करोड़ बेरोजगार बढ़ जाएंगे
इसीलिए #जनसंख्या_नियंत्रण_कानून जरूरी है @narendramodi
दशहरा मनाइए लेकिन याद रखिये
100 साल पहले गंधार (कंधार) ��ुंभा (काबुल) पर्शिया (ईरान) बाल्हीक (बल्ख) कैकेय (पेशावर) कंबोज (बदख्शां) सुवास्तु (स्वातघाटी) तक्षशिला (रावलपिंडी) सहित कई अन्य देशों में भी दशहरा मनाया जाता था
उन पुर्वजों को भी याद करिये जिन्हें सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा
हर देश में अपनी संस्कृति के जो मिथकीय पात्र भी होते हैं उनका भी एक रूप-स्वरूप समाज के आँखों में स्थाई रूप से कैद होता है -फिर ���ससे इतर रूप समाज स्वीकार नहीं करता-यही बात रावण पर भी लागू है --ये रावण तो तैमूर /चंगेज और खिलजी जैसा लुक दे रहा है --ये कैसे चलेगा देश में ???