महिपाल सिंह मकराना बोले ; हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया"
स्वर्ण समाज को ओबीसी से टाइड जा रहा है, SC -ST को हमसे 80 साल लगले अलग कर दिया गया। आज वे हिंदू ना होकर बौद्ध हो गए हैं, क्रिश्चियन हो गए है, मुस्लिम हो गए हैं। उसने हिंदू देवी - देवताओं को गालियां निकलवाई जा रही है। अब हमें मूल ओबीसी का जो समाज है, जो हमारे जीवन से मृत्यु तक साथ रहने वाली कौम है। अब उनको हमसे दूर करने के लिए ये ये लोग UGC लेकर आए हैं।
हम लोग यहां गांधीवादी तरीके से आए है, आपको हमारी 24 दिन की 800 किलोमीटर की पैदल यात्रा आखिर क्यों रास नहीं आई ? क्या आपको उसी तरह के आंदोलन पसंद है जिसमें आपकी बहन -बेटियों को गाली निकाली जाए ? आपकी मातृ शक्ति को गाली दी जाए ? गंदे - गंदे स्लोगन लिखे पोस्टर लाए जाएं ? पुलिस के मुठभेड़ की जाए ? ऐसे लोग जो हाथापाई करे ? वो ही पसंद है ?
मकराना ने कहा कि हम हाथ में गीता और संविधान लेकर चल रहे थे। इनको संविधान से चलना है या लाठी - भाटे से चलना है ? मकराना का आरोप है कि "हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए इन्होंने हर एक वो हथकंडा अपनाया।"
मकराना ने कहा कि लेकिन, हमने इनको वापस प्रतिउत्तर नहीं दिया....हालांकि, हम उनको प्रतिउत्तर देने के लिए इनसे 20 गुना ज्यादा थे। अगर, हम चाहते हुए CM हाउस के अंदर घुसने की हमारी औकात थी। लेकिन, हम संविधान से चलने वाले लोग है, इसलिए रुक गए।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है। आरक्षण सिर्फ एक प्रावधान है। कुछ लोग आरक्षण को बपौती समझे हुवे है ! आरक्षण सिर्फ राजनेता राजनीति करने के लिए प्रयोग करते हैं बाकी इसकी कोई जरूरत नहीं है देश में!
#EndReservation
आपको शायद पता न हो कि 'Lord Baba Sahab' इतने गरीब थे कि जिस समय भारत की 90% जनता को दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती थी, उस समय उनकी तस्वीरें खींचने के लिए फोटोग्राफर विदेश से आते थे।
सूट-बूट, टाई... और वह भी 1896 में..
क्या आपके पास आपके परदादा के पिता की ऐसी कोई फोटो है ?
ऑन कैमरा झूठी SC/SC Act लगाने की धमकी
वह भी सरकारी अधिकारी को
सोचिए आम जनता की क्या हाल होंगी?
चंद्रशेखर रावण जैसे लोग समाज के लिए बदनुमा दाग है
इस काले कानून को वापस लिया जाए
सभी आवाज उठाएं
लिख नही सकते तो RT करें
ये पंकज धवरैय्या नाम का लड़का 14 दिन से कुछ नहीं खा रहा, सिर्फ़ पानी पीकर बैठा है। क्यों? क्योंकि UGC ने 2026 के नियम लाकर साफ़-साफ़ बोल दिया अब जनरल कैटेगरी के बच्चों को मेरिट से नहीं, बल्कि जाति के कोटे से पीछे धकेला जाएगा। मतलब पढ़ाई-लिखाई, मेहनत, टैलेंट सब बेकार! बस जाति देखकर आगे बढ़ाओगे?
अब देखो कमाल ये लड़का राष्ट्रीय सवर्ण परिषद का प्रेसिडेंट है। अपनी सवर्ण स्वाभिमान यात्रा निकाली, पुलिस ने रोक दिया। फिर भी नहीं माना, अनशन पर बैठ गया। मीडिया? चुप। पॉलिटिकल पार्टीज़? गायब। कोई बड़ा नेता नहीं आया, कोई TV डिबेट नहीं हुआ। बस सोशल मीडिया पर #WeSupportPankajDhavraiyya ट्रेंड कर रहा है, हजारों पोस्ट्स आ रहे हैं।
और अब देखो असली बात ये UGC वाला नियम किसने बनवाया? वही लोग जिनको हम वोट देकर लाए थे। अब जब सवर्ण समाज गुस्से में है, तो बोल रहे हैं "अरे थोड़ा गड़बड़ था, ठीक हो जाएगा"। अरे भाई, पहले क्यों नहीं सोचा? अब जब पंकज जैसे लोग जान देने को तैयार बैठे हैं, तब याद आया?
ये देश में दो तरह के कानून चल रहे हैं एक हमारे लिए, एक उनके लिए। एक तरफ़ SC/ST एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है, दूसरी तरफ़ UGC में कोटा बढ़ाकर जनरल को नीचे धकेला जा रहा है। और हम चुप बैठे ताली बजाते रहें? नहीं चलेगा!
पंकज धवरैय्या अकेला नहीं लड़ा रहा, ये सारा सवर्ण समाज की आवाज़ है। अगर आज नहीं जागे, तो कल तुम्हारे बच्चे-बच्चियों को मेरिट दिखाने का हक़ भी नहीं मिलेगा।
तो भाई, अब चुप मत रहना। ये लड़ाई सिर्फ़ पंकज की नहीं, हम सबकी है।
Be an Unapologetic General Caste.
Take pride in being an Unreserved General Caste.
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हिंदुओं को जातियों में बांटकर मोदी ने वो काम किया जो औरंगजेब भी न कर सका, इसने हिंदू को हिंदू का दुश्मन बना दिया, इसने हिंदू समाज का जो नुकसान किया है कि स्कूल कॉलेज में अब हिंदू बच्चे जाति देखकर लड़ रहे है।
#Justice_For_रूचि_तिवारी
“UGC कानून से सवर्ण लड़कियां जेल जा सकती हैं, काला कानून है”
◆ जनसुराज नेता और चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने UGC कानून के खिलाफ बयान दिया
@ManishKasyapsob | #ManishKashyap | Manish Kashyap | Bihar | UGC Rules
लाखों -करोड़ों शिक्षको कर्मचारियों की हक और आवाज को देश की सबसे बड़ी पंचायत में मुखरता के साथ पुरानी पेंशन (#OPS)की बहाली का मुद्दा उठाने के लिर हर दिल अजीज मा० सांसद श्री #धमेन्द्र_यादव जी का #अटेवा/NMOPS परिवार की तरफ से बहुत बहुत आभार।