Desh ki mitti se prem, par system ke ghotalebaazon se sakht nafrat. 🚩 netaon ki har chaal par hamari nazar. Sachi baatein, bina darr ke. #JanGoonj#BoldIndia
पेपर लीक, परीक्षा में देरी, परीक्षा देने में असुविधा, परीक्षा में नकल, स्टूडेंट को परीक्षा स्थल तक पहुंचने असुविधा,
ये सब तो होते रहता है,
अगर चुनाव प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी हो तो बताओ।
मैदान में जाकर बोलिए ट्रै��िक को रोक के नहीं ,
ऐसे बस 2% लोगों की जरूरत है , अगर आपने सही तरीके विरोध करना शुरू किया तो VIP वाला धंधा बहुत दिनों तक नहीं चलने वाला।
आइए सब मिलकर इस बच्चे को ट्राई साइकिल दिलवाने का प्रयास करते हैं,
अगर @DmBanka ने दो दिन के अंदर इस बच्चे को ट्राई साइकिल नहीं दी ,तो खुरपेंच टीम की तरफ से इसको मदद पहुंचाई जाएगी
• VIP कल्चर का ऐसा नशा आम आदमी की सड़क पर कोई औकात नहीं
• जनता रुके, एम्बुलेंस रुके, बच्चे लेट हों काफिला पहले
• लोकतंत्र कम, दरबारी सिस्टम ज़्यादा दिख रहा है
हल्द्वानी में आँखो के ऑपरेशन के बाद तबियत बिगड़ी और मरीज की मौत हो गई,
और इन परिजनों को लग रहा है कि पुलिस से लिपट के रोने से इनको जस्टिस मिल जाएगा।
(खैर मुझे क्या मैं चला मामला लीगल है-2 देखने)
मंत्री जी, अफ़सर, सरकार को ये याद रहना चाहिए कि आप लोग जनता के लिए हैं….
जनता के चुप रहने का ग़लत मतलब निकालना अब बंद कर दीजिए
मुंबई में मंत्री जी तो महिला के अधिकार के नाम पर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन ट्रैफ़िक जाम में महिला फंसी और बोलना शुरू किया तो किसी के पास कोई सही जवाब नहीं था
ये कैसी खबर है?
24 परिवारों को पानी की कमी के कारण एक नदी के पास जाकर रहने को मजबूर होना पड़ा।
कोई ऐसी खबर बताओ जिसमें झालमुड़ी का जिक्र हो।
📍मलप्पुरम, केरल
>स्टीमर डूबने के बाद पता चलता है कि सवारी ने लाइफ़ जैकेट नहीं पहने थे,
>बस ज��ने के बाद पता चलता है कि उसमें इमर्जेंसी एग्जिट डोर तो था ही नहीं,
>ट्रॉली पलटने के बाद पता चलता है कि ट्रॉली में सवारी बैठाना मना है,
>ट्रक पलटने के बाद पता चलता है कि वो ओवरलोडेड था।
>1000 करोड़ की संपत्ति बना लेके बाद पता चलता है कि ऑफिसर भ्रष्ट था
> मरीजों के मरने के बाद पता चलता है कि हॉस्पिटल के पास लाइसेंस नहीं था
>लोगों के मरने के बाद पता चलता है कि खाना एक्सपायर्ड था
>दस्त लगने के बाद पता चलता है कि दूध में यूरिया मिला था।
"दरअसल इन सबके बारे में सिस्टम को पता होता है, बस भ्रष्टाचार की वजह से चलता रहता है।
जब पकड़े जाते हैं तब सबकुछ सामने आता है।
FSSAI वालों तुम्हारे नोटिस को ये आदमी इतने हल्के में ले रहा है कि नोटिस को फाड़कर फेंक दिया ,
FSSAI वालों तुम्हारी इतनी बेइज्जती अब मुझसे देखी नहीं जाती आए दिन लोग तुम्हारे कार्��प्रणाली पर सवाल उठते है और तुम्हारे FIR, नोटिस का मजाक बनाते है।
जहर बेचने वालों को फांसी की सजा दो नहीं तो तुम्हारी नोटिस फाड़ने वालों का एक तूफान आएगा।
मेडिसिन या लूट?
>23 रुपए की दवा पर MRP 104 रुपए में ,
>28 रुपए की दवा पर MRP 132 रुपए में ,
>18 रुपए की दवा पर MRP 65 रुपए में ,
>14.60 रुपए की दवा पर MRP 28 रुपए में ,
>19 रुपए की दवा पर MRP 157 रुपए में ,
>42 रुपए की दवा 156 रुपए में बिक रही है।
आखिर य�� खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
सरकार बताए कि दवाओं की कीमतों पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही?
MRP और असली लागत के बीच इतना बड़ा अंतर किसकी मेहरबानी से है?
क्या मरीजों की जेब से खुली लूट पर जानबूझकर आंखें बंद की जा रही हैं?
या फिर इस पूरे खेल में ऊपर तक सबकी चुप्पी की कोई कीमत तय है?
खुरपेंची सलाह:
हमारे ऊपर FIR करने वालों को लगता है कि खुरपेंच कोई एक व्यक्ति है, उनको ये नहीं पता कि ये लाइक माइंडेड यंगस्टर्स का एक ग्रुप है , जिसमें डिफरेंट वॉक ऑफ लाइफ से लोग जुड़े हुए हैं,
जो संवैधानिक दायरे में रहकर सिस्टम को साफ और इफेक्टिव बनाना चाहते हैं, हमारी लड़ाई किसी पॉलिटिकल पार्टी , संस्था या व्यक्ति से नहीं है, हमारी लड़ाई भ्रष्टाचारियों के खिलाफ है, जो हमारे टैक्स के पैसों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं,
हम 48 से 72 घंटे पर अपना ट्वीट शेड्यूल करके रखते हैं,जिसमें तमाम भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जानकारियां हैं ,अगर हमारे खिलाफ किसी प्रकार की इल्लीगल कानूनी कार्यवाही की गई तो वो सारे ट्वीट्स आप तक पहुंच जायेंगे और बहुत बड़े अधिकारी उसमें शामिल होंगे ,हम लीगल प्रोसेस में जिम्मेदार नागरिक की तरह सहयोग देना चाहते हैं, लेकिन कोई भी इल्लीगल एक्टिविटी जैसे फोन ट्रेसिंग, हम तक पहुंचने के लिए ड्यू प्रोसेस ऑफ लॉ का फॉलो न होना आपको ही परेशानी में डाल देगा,
पिछले दो सालों में हमने सिर्फ पब्लिक इश्यूज़ पर काम किया है, जिसके वजह से आज देश भर में खुरपेंच नाम से तकरीबन 300 या उससे ���्यादा हैंडल्स एक्टिव हैं, हम उनको पर्सनली जानते भी नहीं ,हमारी उनसे कभी बात नहीं हुई, लेकिन जनता से जुड़े मुद्दों पर वो हमारा साथ देते हैं, इसलिए हमारे साथ कोई धोखा मतलब जनता से धोखा माना जाएगा,
हमारी जीत सुनिश्चित है, जीतने के बाद जिसने हमारे खिलाफ बोगस FIR करवाई है और जिसने ये बोगस FIR लिखी है, उसको हम देश के हर कोने से कानूनी नोटिस भिजवाएंगे , इसलिए जो इन भ्रष्टाचारियों के साथ हैं वो भी सचेत रहें, हमारी नजर बनी हुई है, हम आपके अगल ही बगल हैं।
जय हिंद जय भारत । थैंक यू सो मच।
मुझे एक बात नहीं समझ आ रही है कि
FSSAI को ....
1- खाने में मिलावट रोकने से कौन रोक रहा है?
2- नकली पनीर, नकली ���ी, केमिकल वाले मसाले और डिटर्जेंट वाला दूध पकड़ने से कौन रोक रहा है?
3- गली-गली बिक रहे ज़हर पर रोज़ाना सख्त कार्रवाई करने से कौन रोक रहा है?
4- भ्रष्ट अधिकारियों को नौकरी से बाहर करने से कौन रोक रहा है?
5- food testing system को तेज, ईमानदार और transparent बनाने से कौन रोक रहा है?
6- जनता की थाली को safe बनाने से कौन रोक रहा है?
आखिर किसके दबाव में सिस्टम हमेशा मिलावटखोरों से नरम और जनता से सख्त दिखता है?
मुझे एक बात नहीं समझ आ रही है,
सरकारों को,
1- साफ सड़के,
2- अच्छा ड्रेनेज सिस्टम
3- गड्ढा मुक्त सड़के,
4- भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम
5- अच्छे हॉस्पिटल
6- अच्छी एवं सस्ती शिक्षा
ये सब करने से कौन रोक रहा है?
~आप सिर्फ घर देखिए,
~आपको पता लग जाएगा कि आईएस रिंकू सिंह जी ईमानदार होंगे या नहीं।
~उनकी ईमानदारी का इनाम ये मिला है कि उन्हें कंही पोस्टिंग ही नहीं मिल पा रही है।
~अगर सरकार के साथ चलना है तो भैया भ्रष्टाचार तो करना पड़ेगा,
~मंत्रियों की झोली भरनी पड़ेगी।