तमिलनाडु के राज्यपाल का बड़ा खुलासा !
"तमिलनाडु में इंटरनेशनल ड्रग्स ग्रुप काम कर रहा है।
इस ग्रुप का संबंध पाकिस्तान के कराची से भी है।
ये लोग अफगानिस्तान से कराची के रास्ते ड्रग्स भारत में मंगाते हैं।
तमिलनाडु के युवाओं को ड्रग्स के नशे में झोंका जा रहा है।
NIA ने भी ऐसे कई ग्रुप को चिन्हित किया है।"
भारत का नेतृत्व करने के लिए एक और कार्यकाल हासिल करने के लिए @narendramodi को बहुत-बहुत बधाई। मैं जब भी भारत आता हूँ, देश बेहतर से बेहतर होता जाता है। क्या शानदार काम है, सर!
शुभकामनाएँ और ढेर सारा प्यार.
KP
भाजपा के हार के मुख्य कारण
-आरएसएस की भाजपा से दूरी, सिर्फ ये नहीं नाराजगी इतनी अधिक थी कि जब प्रचार चरम पर था, तब आरएसएस ने दितीय वर्ष का अभ्यास वर्ग नागपुर में रख दिया। जो 27 दिन का होता, दो दिन समारोह यानी 29 दिन। लाखों पूर्णकालिक स्वयंसेवक नागपुर चले गये। प्रचार कौन करता ?
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के ऐसे लोगों को मंत्रियों के साथ जनसंपर्क अधिकारी लगाया गया जो एबीपी सदस्यों की मदद के स्थान सत्ता सुख में लिप्त हो गये। बड़े दायित्वाधिकारी कुलपतियों, रजिस्ट्रार, विभागाध्यक्षों के साथ नये समीकरणों में संलिप्त। युवा सदस्यों के हितों की अनदेखी हुई। ( अपवाद हर स्थान पर हैं)
- विवि की धूप, पेड़ की छांव, जमीन, छात्रावास में मीटिंगें नहीं हुईं . वैचारिक बेहतर के स्थान पर नेतृत्व क्षमता से विरत छात्राओं को दायित्व बाटना और महंगे फोन, बड़ी गाड़ियां, बड़े होटल और मॉल का नया कल्चर अडाप्ट होना भारी पड़ा। ( अपवाद भी हैं)
-भाजपा के ओहदेदारों का अहंकार चरम पर था। हर कोई खुद को मोदी, योगी और शाह समझने लगा था, नेता पिक एन्ड चूज के आधार पर लोगों से मिल रहे थे। मूल कार्यकर्तोओं की उपेक्षा हो रही थी।
- देशभर में लोकप्रिय यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिप्लेस करने की चर्चा हर दूसरे दिन उड़ी लेकिन शीर्ष से इसका खंडन नहीं किया गया, जेपी नड्डा ने जब खंडन किया भी तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
-विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार और भ्रष्ट कुलपतियों को सत्ता के शीर्ष से समर्थन छात्र-छात्राओं के आक्रोश का कारण बन रहा था। इन दिनों छात्र संघ है नहीं, इसलिए उनका आक्रोश सीधे ईवीएम मशीन में दिखा।
-उत्तर प्रदेश की गैरभाजपा सरकार ने यूपीपीएससी, सिपाही, दारोगा भर्ती की सीबीआई से लेकर एसआईटी जांच अधिकारियों की अभ्यारण बन गई. कोई कार्रवाई नहीं हुई. जब विपक्ष ने पेपर लीक का सवाल उठाया तब ऐसा माहौल बना कि भाजपा में ही यह हो रहा .गैर भाजपा सरकर के भर्ती घोटालों को उठाने का भाजपा के पास आधार ही नहीं बचा ।
-खनन घोटाले में गैरभाजपा के एक शीर्ष नेता को सीबीआई ने नोटिस दिया और चुप्पी साध गयी। इससे मुस्लिम मतदाताओं में संदेश गया कि उनके सियासी रहनुमा को परेशान किया जा रहा. शिक्षित, तर्कशील हिन्दू मतदाताओं ने निष्कर्ष निकाला की सब एक हैं। यह भाव बनते ही सांप्रयादिक सौहार्द को जरूरी मानते हुए इस वर्ग ने भाजपा के खिलाफ वोट कर दिया।
-भाजपा ने ऐसे-ऐसे प्रत्याशी उतारे जिनके खिलाफ जनाक्रोश नेत्रहीन को दिखाई दे रखा था फिर भी टिकट दिया गया। मंत्रियों, विधायकों और खुद सांसद ने जिलों के कार्यकर्तोंओं की भीषण उपेक्षा की।
-कुलाधिपति कार्यालय जिसकी जिम्मेदारी सबसे अधिक युवाओं को नियंत्रित करने और उनके हितों की नीति बनानी होती है, उसकी ओर से एकदम नई धारा बनाई गई, जिससे युवा भड़का
-अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की कमान एक ऐसे अधिकारी को सौंपी गई, जो आईएएस रहते हुए ढीली ढाली कार्यप्रणाली के लिये जाने जाते हैं और उनका परिवार कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के कैम्प में काम करता है।
-थाना, तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार भी एक बड़ा कारण हैं।
( यह सारी बात सिर्फ यूपी नहीं पूरे देश में लागू होती है)
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बहुत ही क्रान्तिकारी !
RTI से खुलासा हुआ है कि केजरीवाल ने अपने घर के नल टोंटी को ठीक कराने में जनता के 29 करोड़ रूपए फ़ूँक दिये और ये 29 करोड़ रूपए की किन ठेकेदारों को दिये हैं ये भी देख लो
कैसा आम आदमी ..कहाँ का आम आदमी 😳
MP Hans Raj Hans roars in Punjab, says enough of oppression. Don't consider us weak. Warns holigans disguised as farmers. Further warns If you ever stop any BJP leader from campaigning, I will show you what hooliganism is.
BJP leaders on front foot