धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्रेडिट कोई भी ले ले, अपने को क्या ?
लेकिन एक बात तय है, आख़िरी में विनिंग शॉट राहुल गांधी ने लगाया है, अगर राहुल गांधी को 10 लोगो में मिलकर उठाया नहीं होता, एक पैर में बिना जूते वाला मामला नहीं होता, स्टूडेंट्स पर हुई बर्बरता पर PC नहीं होती, भूख हड़ताल करने वाली नेहा के साथ PC नहीं होती तो सरकार घुटनों पर नहीं होती …!
आखिर में राहुल गांधी ने शानदार पारी खेली।
Nothing wrong in seeking accountability from CJP. They should be accountable. There is everything wrong in speaking like a troll and getting abusive. Noida channels continue to give reasons why no one should legitimise them. Well handled @SauravDassss
E20 जनता पार्टी ने एथेनॉल मामले को लेकर 31 जुलाई को इंडिया गेट से संसद मार्ग तक गाड़ी मार्च का एलान किया है... सीजेपी की तर्ज पर गठित इस पार्टी के भी X और इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स अब तेजी से बढ़ रहे हैं...
सोशल मीडिया पर काफी लोग नेहा बोरा के समर्थन में लिख रहे हैं.
सभी लोगों की एक ही शिकायत है, नेहा बोरा ने 23 दिन अनशन किया और एक दिन अनशन करने वाला अभिजीत दीपके आंदोलन का सारा श्रेय ले गया.
अभिजीत दीपके जिस दिन अमेरिका से आया, उस दिन नेहा बोरा ने जंतर मंतर पर अहम किरदार निभाया था. नेहा बोरा ने सारा मैनेजमेंट संभाला था. अभिजीत तो शाम को चक्कर खा कर गिर गया.
आंदोलन खत्म होने के बाद अब सारा श्रेय अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका लेकर उड़ गए. नेहा बोरा को एक योजना के तहत CJP ने साइड लाइन किया है.
For all those protesters who attacked reporters:
CJP spokesperson @SauravDassss was on all the so-called “Godi Media” channels last night.
It seems Mr Das was keen to appear on the very “Godi Media” whose reporters were assaulted by the mob protesting under the banner of CJP.
“ये नेता वाला हरकत मत करिए …
कि दिन में नेता मीडिया आपस में गाली गलौज कर रहे हैं और रात को बैठकर साथ में चाय पानी पी रहे हैं” - @Nivedita_Shan की बात सुनी जाए जो सीधा CJP और @SauravDassss से ये बात कह रही हैं
जातिवाद महिला मेघा लवारिया ने कहा अखिलेश अपनी टेढ़ी नाक सीधी नहीं कर पाएंगे CM क्या बनेंगे।
उसके बाद समाजवादी पार्टी के एक समर्थक को मेघा लवारिया रोड पर दी गई, उसने तगड़ा रेल दिया और गाली गलोच भी की। हम निंदा करते हैं।
Good point. Why legitimise the same anchors and studios that have delegitimised the citizens of this country for the last decade? @SauravDassss@AshutoshRanka
Hey @Cockroachisback The media called students movement terrorist and spent days trying to defame it. But when the movement succeeded why sit with those same anchors?
Questions are being raised @SauravDassss .
“प्रधानमंत्री मोदी का चेहरा घबराया हुआ और पस्त लग रहा था”
पूर्व IPS विभूति नारायण राय ने PM मोदी के इंस्टा वाले पहले वीडियो की व्याख्या इस तरह के शब्दों से की है। वे तो बस बोलते चले गए बेधड़क… बेलाग! पैलेट गन और कील वाली लाठी पर भी जम कर कील ठोंक दिया!