किसी लड़के ने "Reservation Hatao Andolan" नाम से एक इंस्टाग्राम पेज बनाया।
उस पेज पर 2 दिन में ही 35 लाख+ फॉलोअर हो गए।
फिर उसी पेज पर लड़का पोस्ट करता है कि आरक्षण के साथ साथ जाति व्यवस्था भी समाप्त होनी चाहिए।
फिर क्या सभी जातिवादी मानसिकता के लोगों ने पेज को अनफॉलो करना शुरू कर दिया— आंदोलन शुरू होने से पहले ही खत्म हो गए।🤣🤣
मतलब सीधा सा हैं— इन्हें आरक्षण नहीं चाहिए लेकिन जाति व्यवस्था जरूर चाहिए।
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
फ्रेंड्स, नरेंद्र मोदी की कथनी और करनी में फर्क देखिए 👇
आज NEET पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली बार सुनवाई थी।
लेकिन पहली ही सुनवाई में CBI के वकील नहीं पहुंचे और इस वजह से सुनवाई टल गई। अब 3 अगस्त को इस मामले में फिर सुनवाई होगी।
यही नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की असलियत है, जहां 'रीलबाजी' तो खूब हो रही है, लेकिन छात्रों को न्याय देने में ये रत्ती भर भी गंभीर नहीं हैं।
फायरिंग करने वाले जवान को सस्पेंड कर दिया...
क्या बिना अफसरों के आदेश के उसने ऐसा किया होगा?
क्या बिना शासन प्रशानस की मर्जी के एके 47 चली होगी?
कोई छात्र हिंसा करे, बेशक आप उस पर निमयत: कार्रवाई कीजिए...मगर गोली चलाना. ये किस रास्ते जा रहे हम?🧐
@samrat4bjp
2024 #NEET#Paper Leak का जब खुलासा हुआ तो संजीव मुखिया को #मास्टरमाइंड बताया गया और CBI जाँच शुरू हो गई। 90 दिनों में चार्जशीट फाइल नहीं कर पाई CBI, उसके बाद उसे डिफॉल्ट बेल मिल गई।
2026 में जिस वक्त नीट पेपर लीक का मामला टॉप पर चल रहा था, देशभर में छात्रों का प्रदर्शन हो रहा था।
जिस वक्त सरकार यह कह रही थी कि पेपर लीक कानून को और सख्त करेंगे, 10 साल तक की सजा देंगे, ₹10 करोड़ तक जुर्माना करेंगे और फास्ट ट्रैक कोर्ट बना देंगे, उसी बीच यह खबर आती है कि नीट यूजी 2024 #पेपर लीक में पकड़े गए मास्टरमाइंड संजीव मुखिया की भूमिका साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। मतलब सबूत ही नहीं मिले। उसे बरी कर दिया गया। उसके खिलाफ कोई एविडेंस नहीं है।
तो अब जो सरकार ने यह #fasttrackcourt बनाया है, जिसकी आप देख रहे हैं कि आज पहली सुनवाई में ही #CBI का वकील नहीं पहुँचा, तो मेरा बस सरकार से यह पूछना है कि आप लाख फास्ट ट्रैक कोर्ट बना लो, आप कड़ी से कड़ी सजा दे दो। जब आप सही आदमी को ही नहीं पकड़ पा रहे हो, या उस आदमी को नहीं पकड़ पा रहे हो जो गलत कर रहा है, तो सजा किसको दोगे भाई?
#Neetpaperleak #educationsystem @narendramodi
सौ में सत्तर आदमी फ़िलहाल जब नाशाद हैं
दिल रखकर हाथ कहिए देश क्या आज़ाद है
कोठियों से मुल्क़ के मेआर को मत आँकिए
असली हिंदुस्तान तो फुटपाथ पर आबाद है
जिस शहर में मुंतज़िम अंधे हों जल्वागाह के
उस शहर में रोशनी की बात बेबुनियाद है
-अदम गोंडवी
Comrade Neha (@neha_aisa), AISA National President, along with Comrade Arun, CPI(ML) MLA from Karakat; RYA National President and former MLA Ajit Kushwaha; Shiv Prakash Ranjan, former MLA; and CPI(ML) leader Parvez, met the Bihar DGP and demanded that the Bihar government honour the Jantar Mantar Agreement, as agreed by the Union Government with the student-youth movement, by immediately ending all persecution and arrests of participants and withdrawing all cases filed against them.
IMPORTANT: The policeman seen firing an AK-47 during the July 25 Bihar bandh over NEET leaks has been suspended. But suspension isn’t enough. The real questions remain: Why was an AK-47 deployed against protesters? Who authorised its use? And who will be held accountable for this shocking lapse? https://t.co/h3whMwirgq
जिसने अकेले ही रोक दिया एक हाथ से जुल्म का सफ़र
नादान हैं जो सोचते हैं होगा ‘उस’ पर धमकियों का असर
रिया के साथ पूरा देश है।
शुक्रिया रिया!
#Shukriya_Riya#RiyaAhir#MumbaiPtotest#NEET
NEET पेपर लीक केस
फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले दिन ही सुनवाई टल गई, क्योंकि CBI के वकील नहीं आए थे. अब अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी.
ये है फास्ट ट्रैक कोर्ट का हाल, जिसे मोदी सरकार अपनी जीत बता रही है.
एक ट्रेंड चल रहा है— 'Reservation Hatao'
हो सकता है आपके चार दोस्त हों, जिन्हें लगता हो कि आरक्षण की वजह से उनका चयन नहीं हुआ। उनकी पीड़ा भी वास्तविक है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
लेकिन क्या सिर्फ़ उन्हीं चार लोगों की कहानी पूरे भारत की कहानी है?
मैं गाँव से आता हूँ। मैंने अपनी आँखों से ऐसे परिवार देखे हैं जो इंसानी मल साफ़ करते थे। ऐसे बच्चे देखे हैं जिन्हें स्कूल में अलग बैठाया जाता था। जिनके छू लेने पर लोग नहाने चले जाते थे। यह कोई सैकड़ों साल पुरानी कहानी नहीं, आज भी बहुत से गाँव ऐसे हैं जहाँ वो समाज के नल से पानी नहीं पी सकते। आज भी उनकी बारात गाँव के बीच से नहीं निकल सकती।
सोचिए... जिस समाज ने किसी इंसान को जन्म के आधार पर ही सम्मान से वंचित कर दिया हो, उस मानसिक और सामाजिक दूरी का क्या ?
इसका मतलब यह भी नहीं कि आज का आरक्षण सिस्टम बिल्कुल परफेक्ट है।मैं खुद मानता हूँ कि Reforms की ज़रूरत है।?
जैसे General वर्ग में EWS आया।
जैसे OBC में Creamy Layer और Non-Creamy Layer का सिद्धांत आया।
SC/ST आरक्षण में जिन परिवारों की कई पीढ़ियाँ शिक्षा और अवसरों के माध्यम से आगे बढ़ चुकी हैं, उनके बारे में भी नीति-निर्माण के स्तर पर चर्चा हो सकती है।
लेकिन एक बात समझिए।
जब राजनीति आज भी जाति पर होती है...
जब समाज में आज भी जाति पूछी जाती है...
जब सामाजिक भेदभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ...तब केवल यह कहना कि "आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दो और सब कुछ सिर्फ़ आर्थिक आधार पर कर दो"
मेरा मानना है कि देश को दो अतियों से बचना होगा।
एक - 'कुछ मत बदलो।'
दूसरी -'सब खत्म कर दो।
'सही रास्ता है- सुधार (Reform), डेटा के आधार पर नीति, और सामाजिक न्याय के साथ समान अवसर।
क्योंकि किसी भी नीति का उद्देश्य समाज को बाँटना नहीं, बल्कि एक दिन ऐसी स्थिति तक पहुँचाना होना चाहिए जहाँ किसी विशेष सहायता की आवश्यकता ही न रह जाए।
#WATCH | Haveri, Karnataka: A NEET aspirant, Bindushree Jagdish Pawar, says, “On July 16, they published what they claim is my original OMR sheet, showing that I attempted only 41 questions. In reality, I attempted 165 out of 180 questions, which earns me 668 marks according to the final answer key. Instead, they have shown that I attempted just 41 questions and declared a score of -11. There are clearly many loopholes and discrepancies in this OMR sheet. My only request to the government is to give me my original OMR sheet.”
VISITED RAJGHAT…
before going home.
Thank you Bapu, for the path you showed…
We just learnt that it remains as relevant today as 100 years ago.
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यूपी की फैक्ट्रियों में गेहूं के साथ पत्थर की पिसाई: फैक्ट्री का ऑपरेटर बोला- 'मालिक ज्यादा मुनाफे के लिए आटे में सफेद पत्थर का चूरा मिलाते हैं', आटा देशभर में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बिक रहा; रिपोर्टर ने मजदूर बनकर आटे की फैक्ट्री में 25 दिन गुजारे, जानें कैसे एक्सपोज हुआ यह खेल
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/zgpEC6abSj
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