कुछ दिनों से ख़ुद से ख़फ़ा सा बैठा हूँ
मैं अपनी ज़िंदगी का तमाशा बना कर बैठा हूँ
और जितना लोग पाने की ख्वाइश रखते हैं
उतना मैं पहले से गवा कर बैठा हूँ
#ज़िंदगीनामा#zindaginama1
बेजान चीजों को लोग सुंदर शब्दों से सजा देते है जबकि न तो वो सुनकर खुश हो सकते है और न कोई उत्तर दे सकते है और जहॉं जरुरत होती है चंद सुंदर अल्फाजों की वहां खामोश रहना चुनते है।
#मन_की_बात 🍁