पश्चिम बंगाल में सांसद .@abhishekaitc जी पर हुआ हमला अत्यंत निंदनीय है।
लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा और हमले के लिए कोई स्थान नहीं है। राजनीतिक विरोध का जवाब तर्क और जनमत से दिया जाना चाहिए, न कि डर और बल प्रयोग से।
मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करता हूँ।
लोकतंत्र को हिंसा नहीं, संवाद और सम्मान मजबूत बनाते हैं।
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
ये बंगाल है, जहाँ BJP के आते ही हिंसा,गुंडागर्दी और आतंक का शासन शुरू हो गया है।
सांसद @abhishekaitc पर जानलेवा हमला साबित करता है कि BJP बंगाल बर्बाद करने आ गई है।
ये मोदी का बंगाल में बदलाव है।
TMC के सांसद भाई अभिषेक बनर्जी पर भाजपाई सत्ता द्वारा प्रायोजित कायराना हमला निंदनीय और चिंताजनक है। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।
लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। दुर्भाग्य है कि सत्ता में बैठे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग ऐसी हिंसा के पोषक, संरक्षक और संचालक है।
लोकतंत्र में नीतिगत विरोध, असहमति, वैचारिक मतभेद और प्रदर्शन समृद्ध व स्वस्थ लोकतंत्र का परिचायक है। सहमति और संवाद की जगह अराजकता, द्वेष और हिंसा को प्रोत्साहित करना जनतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।
विचित्र स्थिति है कि घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ अविलंब सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी किस से की जाए?
ट्रम्प पर हमले को अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा बताने वाले प्रधानमंत्री मोदी जी भारतीय लोकतंत्र में इस राजनीतिक हिंसा और हमले की निंदा करेंगे कि नहीं?
बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक बनर्जी जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफ़रत भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है। इतने संवेदनशील वातावरण में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी साज़िश की ओर इशारा करती है।
घोर निंदनीय!
@abhishekaitc
बड़े भैया श्री Kunal Sarangi जी को जन्मदिन की ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं..🎉
भोलेनाथ आपको हमेशा स्वस्थ रखें ताकी समाज सेवा निरंतर चलती रहे..@KunalSarangi
आज 01/03/2026 को JTET को लेकर हजारीबाग में मीटिंग हुई जिसमें निम्न बातें
1) 8 मार्च को पुनः बैठक होगी,और जिला इकाई गठित होगी
2) 9 मार्च JTET तैयारी कराने वाले कोचिंग में प्रचार किया जाएगा
3) 10 मार्च को राज्य सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।
*4) राज्य स्तरीय आंदोलन हेतु योजना ।
“OBC वोटरों के नाम काटो, वरना नौकरी चली जाएगी।”
दबाव, धमकी… और नतीजा? आखिर में आत्महत्या।
SIR के नाम पर पिछड़े–दलित–वंचित–गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर BJP अपनी मनमाफ़िक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है।
ECI लोकतंत्र की हत्या की ज़िम्मेदार है।
JTET परीक्षा एक नियमित प्रक्रिया होनी चाहिए थी।ये परीक्षा हर साल होनी थी लेकिन झारखंड में पिछले 9 वर्षों से एक बार भी आयोजित नहीं हुई , यह युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। @HemantSorenJMM@ExamsFighters#Conduct_JTET_Exam
हमने शिक्षा विभाग को कहा है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना तुरंत कर ली जाए और इस पर नियुक्ति के लिए TRE 4 की परीक्षा शीघ्र लेने की कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्तियों में 35 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण का लाभ बिहार की निवासी महिलाओं को ही दिया जाएगा।
लगता है @HemantSorenJMM जी टाइम ट्रैवल कर भूतकाल में युवाओं को नौकरी देने की तैयारी कर रहे हैं।
दरअसल, अरसे बाद आज JSSC ने परीक्षा कैलेंडर जारी किया, लेकिन परीक्षा परिणाम जारी करने की तिथि जनवरी-फरवरी 2025 की निर्धारित की है, जो कब का बीत चुका है।
हेमंत सोरेन के दुलारे आयोग JSSC ने युवाओं के भविष्य का मज़ाक बना कर रख दिया है। यह बेतुका परीक्षा कैलेंडर ही बता रहा है कि रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चौतरफा भद्द पीटने के बाद कैलेंडर निकाल कर महज़ खानापूर्ति की जा रही है।
हेमंत जी, यदि आप चाहें तो परीक्षा कैलेंडर बनाने में पूरे पांच साल का समय लीजिए, लेकिन इस तरह युवाओं के भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना बंद करिए।
@BJP4India@narendramodi@JPNadda@AmitShah@blsanthosh@BJP4Jharkhand
कैबिनेट बैठक में हेमंत सरकार ने 8,900 TGT और PGT शिक्षकों के पद सरेंडर करने का निर्णय लिया है।
जब राज्य में शिक्षक के लाखों पद पहले से ही रिक्त हैं, तब TGT और PGT के 8,900 पदों को एक झटके में खत्म कर देना शिक्षित बेरोज़गारों के साथ अन्याय है, साथ ही प्रदेश के शिक्षा तंत्र को भी कमजोर करने का प्रयास है।
यह फैसला उन हज़ारों युवाओं की उम्मीदों का अंत है, जो सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
शिक्षक पदों को खत्म करने का दुष्प्रभाव विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। सरकार अविलंब इस निर्णय को वापस ले और जल्द से जल्द खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करे।
@BJP4India@narendramodi@JPNadda@AmitShah@blsanthosh@BJP4Jharkhand
झारखण्ड की ऐतिहासिक जीत, आपकी शक्ति और विश्वास का परिणाम है।
आपके समर्थन ने हमें नए झारखण्ड के निर्माण के लिए और ताकत दी है।
साथ मिलकर हम झारखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेंगे।