हिंसा हार के डर से जन्म लेती है।
भाजपा हताश है इसीलिए देश के बच्चों के बाद अब सांसद तक पर प्राणघातक हमले करवा रही है। उनकी प्रेस कांफ्रेंस में एक हमलावर के चाकू लेकर पहुँचने की घटना बेहद गंभीर मामला है और माननीय सांसद की सुरक्षा में लगे सरकारी महकमे की भारी चूक भी। जाँच हो।
जनप्रिय सांसद श्री पप्पू यादव जी की लोकप्रियता, भाजपा पचा नहीं पा रही है क्योंकि भाजपा अपने कुकृत्यों की वजह से हर तरह से बदनाम हो चुकी है।
माननीय लोकसभा अध्यक्ष जी संज्ञान लें!
श्री पप्पू यादव जी सदैव यूँ ही सक्रिय रहें।
@pappuyadavjapl
"यह बच्चे संसद भवन तक इसलिए आए थे क्योंकि वह सरकार को बताना चाहते थे कि आपका सिस्टम बीमार पड़ गया, वह काम नहीं कर रहा है। उन मासूम बच्चों को लाठियां खानी पड़ी, बेटियों के कपड़े फाड़े गए।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
CJP Protest: संसद चलो मार्च में आए छात्रों का जनसैलाब देख दंग रह जाएंगे. दिल्ली पुलिस छात्रों पर लगातार लाठियां बरसा रही थी. आंसू गैस के गोले दाग रही थी. बावजूद छात्र बैरिकेड दर बैरिकेड का चक्रव्यूह तोड़ संसद की तरफ़ कूच कर रहे थे.
आज अगर गांधी जी स्वयं इस लोकतंत्र विरोधी, संविधान विरोधी सरकार से सवाल पूछते, तो तानाशाह भाजपा सरकार उन्हें भी प्रदर्शनकारी, उपद्रवी या देश विरोधी साबित कर देती.....
निराशा में आँख का पानी
जब समुंदर बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
कोई अपनी ताक़त पर
जब सर उठा इठलाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
हुक़ूमतों का घमंड-गुरूर
जब पर्वत सा बन जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
दौर जब नाइंसाफ़ी का
हद ही पार कर जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!
जब-जब देश का भविष्य
पूरा दांव पर लग जाता है
‘इंक़लाब’ तब आता है!!!
आज डिंपल यादव जी ने जिस संवेदनशीलता के साथ संघर्षरत युवाओं और बेटियों के दर्द को महसूस किया, वह केवल राजनीति नहीं, बल्कि मानवीयता का परिचय है।
@dimpleyadav