इस वीडियो में आप देख सकते है जब एम्बुलेंस आई तब सब कुछ जल चुका था
समय से बच्चे पहुंच जाते तो काफ़ी बच्चे बच जाते
योगी सरकार की नाकामी ने कई परिवार की खुशियों को छीन लिया
नफ़रत की राजनीति ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया
📍 बाड़मेर, राजस्थान
“जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां-वहां आदिवासियों पर अत्याचार।”
समाज अपने अधिकारों और अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को मजबूर है। जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर कब्जे की कोशिशें की जाती हैं, उन्हें उनके घरों से बेदखल किया जाता है।
वहीं, जब वे शहरों और गांवों में रहने आते हैं, तो बुलडोजर की कार्रवाई से उनके सिर से छत छीन ली जाती है।
आदिवासियों पर लगातार हो रहे प्रहार लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं। सत्ता का अहंकार और दमनकारी नीतियां कभी स्थायी नहीं होतीं। जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक तरीके से हर अन्याय का जवाब अवश्य देगी।”
Wife' भाग गई किसी लड़के के साथ
बाप मजदूरी करके घर आता है, बच्ची भूख से रो रही थी ... पत्नी को घर में ढूंढा फिर पता चला वो किसी लड़के के साथ भाग गई
बच्ची के दूध के लिए मेडिकल गया Lactogen लाने...
मेडिकल वाले से पूछता है, भैया इसे कैसे पिलाया जाता है... बच्ची को मां को पता होगा कैसे पिलाया जाता है
इतने में भाई बोलता है, वो किसी लड़के के साथ भाग गई
आंखों से पता चलता है, कितना दर्द के सामना करना पड़ रहा है
नोएडा में 158 करोड़ रुपए लगाकर बस टर्मिनल बना. साल 2022 में CM योगी ने इसका उद्घाटन किया.
अब ये टर्मिनल बंद पड़ा हुआ है. यहां से एक भी बस नहीं चलती.
सोचिए- जनता के 158 करोड़ रुपए लगाकर इतनी बड़ी इमारत बना दी, लेकिन उसका इस्तेमाल तक नहीं किया जाता.
📍यूपी
बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, महिलाएँ और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए। भजनलाल सरकार बताए कि घर तोड़ने से पहले इन परिवारों के रहने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
बंधुआ मज़दूर ने रो-रो जो
बताया, सुनकर कांप जाएंगे
UP News: मामला यूपी के मुज़फ्फरनगर का है, जहां 12,000 रुपये महीना, दिन में तीन बार चाय और खाने का वादा करके मज़दूरों को लाया गया. लेकिन बाद में उन्हें बंधुआ मज़दूर बना लिया गया.
एक मज़दूर का कहना है कि उसके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जाता था. रोते हुए उसने बताया कि उसे दिन में सिर्फ़ एक बार खाना मिलता था, जिसमें नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी. उसका आरोप है कि मालिक ने बेल्ट से पीटकर उसके कान तक काट दिए थे.
मज़दूरों की निगरानी के लिए कुत्ते रखे गए थे, ताकि कोई भाग न सके. जब मालिक किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए शहर से बाहर गया, तब किसी तरह यह मज़दूर वहां से भाग निकलने में सफल हुआ.
सुनिए उसकी पूरी कहानी...
जयपुर में इस लड़की के साथ में इतनी बड़ी घटना पुलिस प्रशासन के द्वारा की जाती है जिसमें प्रदेश का पूरा मिडिया चुप है.
क्यों कि #राजस्थान_में_आपातकाल चल रहा है। और लोगों का ज़मीर मर चुका है।
ओ भाई आपको दिखाई देना बंद हो गया है क्या @8PMnoCM !!!
@shekharcanada
ये सूरज मिश्रा हैं जिनका वीडियो लखनऊ अग्निकांड पर सोशल मीडिया पर इस वक़्त खूब वायरल है
अब इन्होंने वीडियो बनाकर कहा कि सिस्टम पर सवाल उठाने पर मुझे धमकियां मिल रही है.. मेरे घर आने की धमकी दी जा रहज है
सूरज मिश्रा कह रहें हैं कि आज की तारीख में सच बोलना इतना मुश्किल हो गया गया है क्या ?
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो जनता जाए कहाँ ?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफिले के गुजरने के दौरान एक बेटी की रोज़ी-रोटी छीनी व उस बेटी का ठेला भजनलाल जी की पुलिस ने पलट दिया जिस से खोलते पानी से बेटी जली ।
यह खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है।
यदि किसी वीआईपी मूवमेंट के कारण किसी आम नागरिक की आजीविका प्रभावित होती है और कोई व्यक्ति घायल हो जाता है, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही का विषय है।
क्या राजस्थान सरकार बताएगी कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है? पीड़िता के उपचार, मुआवज़े और न्याय के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री,मंत्री,सांसद,विधायक इस मामले में एक शब्द भी क्यों नहीं बोल रही है ?
@BhajanlalBjp@RajPoliceHelp@DainikBhaskar@rpbreakingnews
मेरा Breस्ट...थाई...पेट जल गया है...मेरी पीड़ा समझिए...घर की जीविका मैं ही चलाती थी..अब काम भी बंद हो गया है..!
ये कहना है राजस्थान के सरकारी तंत्र..VIP कल्चर और पुलिसिया दबंगई से पीड़ित महिला के..जो सड़क किनारे मोमो का ठेला लगाकर परिवार चलती थी..!
कल मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के दौरान राजस्थान पुलिस ने ठेला हटवाने के दौरान खौलता हुआ पानी महिला के ऊपर उड़ेल दिया..!
जिससे महिला गंभीर रूप से झुलस गई..घटना का वीडियो वायरल है..पीड़िता ने आप बीती बताई है सुनिए...👇👇
लेकिन मेरा सवाल यह है कि ये सरकार..शासन...प्रशासन के लोग जनता को कीड़ा मकौड़ा क्यों समझते है...?
इस मां का बच्चा भी इसी आग में खत्म हुआ है। थर थर कांपती, पुलिस से गुहार लगाती, कभी अपने बच्चे को फोन कॉल करती..... हालत देख कर सोचिये ऐसी 15 माओं ने अपनी औलाद खोई है लखनऊ की आग में
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सुरक्षा नियम सिर्फ हादसों के बाद ही याद आते हैं? जब हजारों छात्र रोजाना इन भवनों में पढ़ाई कर रहे थे, तब फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा उपकरणों की जांच क्यों नहीं हुई? यदि पहले नियमित निरीक्षण होते तो शायद आज इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत ही नहीं पड़ती।
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद जयपुर प्रशासन अचानक अलर्ट मोड में आ गया है। नगर निगम और पुलिस ने फायर सेफ्टी अभियान चलाते हुए 14 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया, जबकि 24 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सुरक्षा मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई केवल हादसे के बाद शुरू हो, तो इसे लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। जरूरत इस बात की है कि ऐसी जांच और निगरानी केवल औपचारिकता न बनकर नियमित व्यवस्था का हिस्सा बने, ताकि किसी दुर्घटना से पहले ही खतरे को रोका जा सके।
लखनऊ, में कोचिंग सेंटर लगी भीषण आग्निकांड में 14बच्चे की जान चली गयी. इसका जिम्मेदार कौन? समय समय पर सरकार दुकानोँ, मल्टिस्टोरी बिल्डिंग, काम्प्लेक्स की सुरक्षा जांच क्यों नहीं की गयी. इसतरह की घटना बार बार क्यो हो रही है? जिम्मेदारों पर कब कार्यवाही होगी.
मोदी जी @narendramodi क्या आप ये सब देख पा रहे हो?
या ये सब PMO के डाक में डाला जाये जिससे कि आप तक ये पहुँच सके @PMOIndia !
एक ठेला चलाकर अपने परिवार को पालने वाली महिला पर इतना अत्याचार! 💔
जनता के नौकर है वो VIP बन गए ।। माना कि VIP की सुरक्षा करनी है लेकिन ये क्यों भूल जाते हो कि आम जनता की सुरक्षा करना भी प्राथमिकता है @RajPoliceHelp क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही होगी ।
@RajCMO@BhajanlalBjp
एक तरफ तो मुख्यमंत्री जी स्वयं ट्रैफिक व्यवस्था के दौरान आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने और नियमों का पालन करने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर इस तरह की संवेदनहीनता पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर गरीब और मेहनतकश लोगों की आजीविका को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस बल से मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आमजन का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।
@RajCMO@INCIndia@INCRajasthan
जगतपुरा जयपुर में VIP मूवमेंट के नाम पर पुलिस द्वारा ठेला पलटने से एक युवती का गंभीर रूप से झुलस जाना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।
क्या आम लोगों की जान और रोज़ी-रोटी की कोई कीमत नहीं?
सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर गरीबों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।
सरकार एवं प्रशासन से माँग है कि इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़िता को तत्काल न्याय व समुचित सहायता मिले।
@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan
#NirmalChoudhary
लखनऊ अग्निकांड मे अपना बेटा खोने वाली महिला :- योगी जी हम भाजपा सपोर्टर है बलरामपुर से है!
योगी आदित्यनाथ :- ज्यादा भाषण मत दो
महिला :- सर सर सर और इसके बाद @PTI_News ने ऑडियो म्यूट करदिया संभवतः उसके बाद धमकाया ही गया होगा उस महिला को!
ऐसी पत्रकारिता की वजह से पत्रकारिता पर आये दिन कलंक लग रहे है और सत्ता मे बैठे हुए लोगो के अहंकार और घमंड का तो अंदाजा लगाना ही मुश्किल है जहां गद्दी पर बैठा हुआ आदमी जनता के दुख दर्द को भाषण बता रहा है!