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हम मीनाक्षी नटराजन जी के फॉर्म निरस्त होने के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग जा रहे हैं, और क़ानूनी लड़ाई लड़ने न्यायालय भी जाएँगे।
देशवासियो, देखो और समझो, सत्ता के ल��ए भाजपा हमारे देश का क्या हाल कर रही है।
नेहरू जी की लकीर छोटी करने की बातें करने वालों, कभी नहीं कर पाओगे…….सात जन्मों में नहीं कर पाओगे।
थोड़ा पंडित नेहरू के बारे में पढ़ो तब समझ में आयेगा नेहरू किस शख़्सियत का नाम है।
''धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो''
NEET पेपर लीक और CBSE में धांधली के खिलाफ NSUI के साथी लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
हमारी ये लड़ाई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगी ✊🏼
बंगाल में नारी वंदन हो रहा है !
एक आदमी को ममता बनर्जी जी जैसे दिखा कर, उसको बाँध कर जयश्री राम के नारे लगाये जा रहे हैं
यह हिंसा, यह नफ़रत, यह बेशर्मी ही BJP की असलियत है
लानत है
Howrah TMC के बुजुर्ग नेता Shyamal Mitra को आज BJP के गुंडों पीट दिया।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री एवं ढाई लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों को #बंगाल में हो रही हिंसा क्यों नहीं नजर आती?
@narendramodi@HMOIndia
अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित।
चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी व��धानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं। फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था।
सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है।
घोर, घोर, घोर निंदनीय!!!
#BIGBREAKING#EXCLUSIVE | @4pmnews_network
"ये 15 मौतें बता रहे हैं, लेकिन 15 बॉडी नहीं हैं"
"30-40 बॉडी भर गई हैं"
"पैर रखने की जगह नहीं है"
"मैं अंदर गया था। फोटो-वीडियो भी लिए हैं।"
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए भगदड़ के बाद हॉस्पिटल के बाहर खड़े इस चश्मदीद ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
अगर ये झूठ है तो @DelhiPolice को तुरंत खंडन करना चाहिए।
भाजपा राज्य में ‘महा-आयोजनों’ से संबंधित हादसों और भाजपाइयों की त्रुटिपूर्ण नीतियों और उसके अंतर्निहित कारणों की क्रोनोलॉजी :
1. सबसे पहले किसी भी ‘महा-आयोजन’ को राजनीतिक दृष्टि से देखना और उसे अपने आत्म प्रचार व चुनावी फ़ायदा उठाने के लिए दुरुपयोग करना फिर वो चाहे धार्मिक आयोजन हो, सामाजिक, सांस्कृतिक या फिर कूटनीतिक।
2. ’महा-आयोजन’ की व्यवस्था से ज़्यादा उसके प्रचार पर पैसा बहाना। उसके संबंध में मिथ्या प्रचार करके जनता में झूठ फैलाकर, जनता का भावनात्मक शोषण करना।
3. अहंकारी भाजपाइयों का अपने को ही ’महा-आयोजन’ से जुड़ी हर बात का विशेषज्ञ समझकर मनमानी करना।
4. आत्मकेंद्रित होने की वजह से ‘महा-आयोजन’ से संबंधित पुर्वानुमानों की चुनौतियों की पूरी तरह उपेक्षा करना।
5. ‘महा-आयोजन’ के लिए चेतानेवाली दूसरे पक्ष की सलाह को अपनी आलोचना मानकर अस्वीकार कर देना।
6. ‘महा-आयोजन’ की कमियों की ओर इंगित करती ख़बरों को निजी आरोप समझकर उन पर हमलावर होना।
7. ‘महा-आयोजन’ में दुर्घटना होने पर सबसे पहले मीडिया प्रबंधन करके हादसे के समाचार को दबाना न कि दुर्घटना को स्वीकार करके राहत, बचाव व सुधार आपदा प्रबंधन करना।
8. ‘महा-आयोजन’ के हादसे में मरनेवालों और घायलों के आँकड़ों को छिपाना जिससे अपनी बदइंतज़ामी की कमी को कम-से-कम करके द��खाया जा सके। मृतकों के परिजनों को शव लेने के लिए दौड़ा-दौड़ा कर हताश निराश कर देना और उनसे मृत्यु की वजह कुछ और बताकर मामला रफ़ा-दफ़ा करना।
9. महा-आयोजन’ में हादसा होने पर किसी और को उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराकर ज़िम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ना या उसे साज़िश बताकर अपनी ख़ामियों पर परदा डालना।
10. ‘महा-आयोजन’ के हादसे से भाजपाइयों की आपसी राजनीति की खींचातानी का बढ़ जाना, एक का मना करना तो दूसरे का स्वीकार करना और अपने-अपने समर्थकों से एक-दूसरे पर कीचड़ उछलवाना।
ये नया है। सोचिए कि देश में किस तरह से सच को छिपाने की कोशिश हो रही है। ये जानते हुए कि ज्यादा देर तक सच को नहीं छिपाया जा सकता।
अधिकारी अच्छी तरह जानते हैं कि पत्रकार पर दबाव बना सकते हैं। लेकिन कोई पत्रकार नहीं डरा तो वे बैकफुट पर आ जाते हैं।
क्योंकि सच्चाई उन्हें भी पता है। दुख कि गोदी पत्रकार, सच के साथ टि��ते नहीं। पहले ही घबरा जाते हैं।
ये नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के बाद का वीडियो है। जहां महिला पत्रकार @JournoSaumya से पहले तो फोन छीन लिया गया।
वीडियो डिलीट करने को बोला। और जब पत्रकार नहीं डरी तो कहा गया कि आप डिलीट करने का नाटक ही कर दो।