बहुत ही दुखद खबर सामने आ रही है दोस्तों, तस्वीर में दिखाई दे रही दोनों बहनें लापता हैं
आपको बस थोड़ी सी मदद करनी है,
कोई पैसा नहीं चाहिए, बल्कि इस पोस्ट को जितना हो सके उतना Share करें, ताकि दोनों बच्चियों को तलाशने में मदद मिल सके,
क्योंकि एक मां-बाप की खुशियां इन बेटियों के साथ चली गई हैं, पूरा परिवार 1/2
अभिजीत दीपके मीडिया से भाग निकला🚨
अभिजीत दीपके — सिर्फ 24 घंटे बचे हैं। ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो वरना परिणाम भुगतो।
मीडिया — सर, आप कह रहे थे ज्ञानेश कुमार बीजेपी को वोट जिता रहे हैं, लेकिन पुडुचेरी में बीजेपी का वोट प्रतिशत 1% घटा। झारखंड में भी खास तौर पर 1% गिरा। फिर ज्ञानेश कैसे मदद कर रहे हैं?
दीपके — वो चुनाव तो ज्ञानेश की नियुक्ति से पहले हुए थे। उनकी टेन्योर के बाद मदद कर रहे हैं।
मीडिया — दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनाव भी उनकी नियुक्ति से पहले हुए थे। फिर इन राज्यों में बीजेपी को कैसे जिताया?
अभिजीत दिपके — इनका मुख्य मकसद मोदी को चुनाव जिताना है। पूरा सिस्टम मोदी को जिताने के लिए करप्ट है।
मीडिया — सर, मोदी 2019 में 303 सीटें जीते थे और 2024 में 240। अयोध्या भी हार गए, हार स्वीकार की, री-इलेक्शन नहीं मांगा। ये सिस्टम कैसे उनकी मदद कर रहा है? आप खुद अपनी बात सुनते हो कभी?
इसके बाद अभिजीत दिपके मीडिया को “गोदी मीडिया” कहने लगे और ड्राइवर से गाड़ी चलाने को कहा क्योंकि जवाब नहीं देना था।
क्या मसखरा है यार 🙏🤡
पाकिस्तान से भाग कर आये हिन्दू,जिनके पास वैध कागज़ हैं, दिल्ली के आदर्शनगर में झुग्गी डालकर रहते आये थे, केजरीवाल और अब भाजपा सरकार ने बिजली नहीं दी... कि एक बल्ब तक जला सकें...एक पंखा लगाकर रात में चैन से सो सकें... लोग मजदूरी करते हैं,चाय बेचते हैं... जैसे तैसे अपनी ज़िंदगी की गाड़ी खींच रहे थे ये लोग..... इसमें से अधिकांश परिवार पाकिस्तानियों के हाथ अपनी बहू-बेटियां गवां कर दिल्ली में आये थे....
अब दिल्ली की भाजपा सरकार ने आदर्शनगर से इन्हें मार-कूट कर भगाना शुरू कर दिया है... झुग्गियां तोड़ा जाना शुरू हो चुका है... 2000 हिन्दू सनातनी कहाँ जाएं ? मुस्लिम झुग्गी वाले मय बिजली पानी कनेक्शन... आधार कार्ड और बैंक खातों के साथ ठाठ से रह रहे हैं, लोकल राजनीतिक और मज़हबी सपोर्ट भी है... AC तक लगे हैं मुस्लिम झुग्गियों में...
भाजपा सरकार की इस ध्वंसात्मक कार्यवाही रोकने हिंदुओं का कोई नेता सामने नहीं आ रहा है !
🌹आज सुप्रीमकोर्ट में वीर सावरकर को "माफ़ी वीर" कहने के मानहानि केस में जज ने कहा ,कि अगर सिर्फ़ चिट्ठियों के आधार पर ये कहा जा रहा है कि वीर सावरकर "माफ़ी वीर" हैं। तो जज साहब ने मोहनदास करमचंद गांधी के ब्रिटिश लॉर्ड और वायसराय को लिखे 12 खत दिखाते हुए राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या आपके क्लाइंट राहुल गांधी को पता है ,कि मोहनदास करमचंद गांधी ब्रिटिश वायसराय को लिखे हर खत के नीचे
आपका वफ़ादार सेवक
लिखते थे और अंग्रेजों से हर महीने ₹.1200 सैलरी लेते थे..
तो क्या मोहनदास करमचंद गांधी को अंग्रेजों का सेवक माना जाएगा और फिर ये गांधी भी देश का गद्दार है..
ये सुनकर वकील मनु सिंघवी चुप हो गए..
अगर ये 12 चिट्ठियां सच हैं, तो गांधी पक्का गद्दार थे, अंग्रेजों के एजेंट थे..
अब ये मामला कोर्ट से भी सर्टिफाइड हो गया है कि सावरकर माफी वीर नहीं थे बल्कि कांग्रेस के बापू मोहन दास करमचंद गांधी ,उर्फ भारत बंटवारे के सूत्रधार, अंग्रेजों के चमचे और गुलाम थे।
अब शायद कांग्रेस के चमचों को शर्म आए और वे चुल्लू भर पानी में डूब के मर जाए या माफी मांगे।