यह खबर मुझे दुखी कर रही है कि कुछ महीने पहले तक मेरे शहर जोधपुर का नाम मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी फिनटेक इंस्टीट्यूट, मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर, पावटा ISBT जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए चर्चा में था वहां आज अपराध के समाचार अखबार की मुख्य खबरें बन रहे हैं।
जोधपुर जिले के 10 में से 8 विधायक एवं सांसद महोदय सत्ताधारी दल के हैं परन्तु जोधपुर की ओर उनका ध्यान ही नहीं है। जोधपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर रोक लगा दी गई है और वहां का आमजन आज अपराध के खौफ में है।
राज्य सरकार से निवेदन है कि जोधपुर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जिससे आमजन भयमुक्त हो सके एवं सूर्यनगरी का गौरव कायम रहे।
कल प्रधानमंत्री श्री @narendramodi ने नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi के लिए जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया वह उनकी हताशा का परिचायक है। ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री जी को ना अपने पद और ना ही सदन की गरिमा की चिंता है। जनता उनकी हताशा को जान चुकी है इसलिए उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
बांसवाड़ा, राजस्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी रैली में मंगलसूत्र, घुसपैठिया जैसी भाषा में जो भाषण दिया उसके बाद लगातार 1 जून तक उनके भाषण नकारात्मक रूप से देशभर में चर्चा में रहे एवं उनकी हार का एक कारण उनकी अनर्गल टिप्पणियां भी रही हैं।
इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक ठहराने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक एवं स्वागतयोग्य है। इलेक्टोरल बॉन्ड ने भ्रष्टाचार को बढ़ाने का काम किया। इसने राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता को खत्म किया और सत्ताधारी पार्टी भाजपा को सीधे लाभ पहुंचाया। मैंने बार-बार कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड आजाद भारत के सबसे बड़े घोटालों में से एक है। आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि इलेक्टोरल बॉन्ड एनडीए सरकार का एक बड़ा घोटाला है।
यह फैसला देर से आया पर देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए बेहद ही जरूरी फैसला है। सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद।
#ElectoralBonds
मैंने बच्चे की पहचान उजागर न हो, इसलिए पहले का ट्वीट हटा दिया है। टीचर तृप्ति त्यागी के कहने पर जो छोटा सा बच्चा उठ कर आता है और अपनी ही उम्र के मुस्लिम बच्चे को मारता है, उसके माता-पिता को आगे आकर केस करना चाहिए कि तृप्ति त्यागी उनके मासूम बच्चे को हिन्दू के नाम पर दंगाई बना रही हैं। सांप्रदायिकता बच्चे को मानव बम में बदल देती है। जिस बच्चे को मारा गया है, वह इस सदमे के साथ कैसे अपना जीवन काटेगा यह सोचने की बात है। उसे हम सभी का प्यार पहुँचे। जिस बच्चे के मन में टीचर ने नफ़रत का ज़हर भर दिया है, उस तक भी हम सभी का प्यार पहुँचे ताकि वह इस नफ़रत से बाहर आए। और दंगाई न बने। सभी मां-बाप को सचेत हो जाना चाहिए कि एंटी मुस्लिम नफ़रत के नाम पर उनके बच्चों को दंगाई बनाने का कितने स्तर पर प्रयास चल रहा है।
ये ज़हर कहाँ तक पहुँचा है, हर दिन इसका एक शर्मनाक सैंपल सामने आता है। गोदी मीडिया और व्हाट्स एप अंकिलों ने अपने ही बच्चों को दंगाई बनाने का जाल बिछा दिया है। दुखद यह भी है कि जिस बच्चे को धर्म के नाम पर मारा गया, उसके पिता को भरोसा नहीं है कि न्याय मिलेगा। चीफ़ जस्टिस बार-बार न्यायपालिका में भरोसे की बात करते हैं। क्या न्यायपालिका इस पिता में अपना भरोसा बना सकती है?
प्रधानमंत्री का भाषण ख़त्म हो गया लेकिन भाषण की फैक्ट चेकिंग जारी है। मिज़ोरम में वायु सेना की भूमिका को लेकर ग़लत बोला गया। अब उसके बाद दरभंगा एम्स के तथ्य सामने आ गए हैं। लगता है आख़िर में एक ही तथ्य बचा रह जाएगा। यही कि भाषण में भले सौ तथ्य ग़लत हैं लेकिन यह तथ्य सही है कि भाषण प्रधानमंत्री ने दिया था। कुछ पत्रकार भाषण लिखने वाले को दोष दे रहे हैं। भाषण देने वाले को नहीं। जैसे वे लिखने वाले को स्कूल के दिनों से जानते हैं। नाम ही बता दीजिए उनका। इसलिए कॉलम लिखना हो तो इसी पर पन्ना भर दीजिए कि विपक्ष चूक गया। जवाब देने वाले ग़लत बोल कर निकल गए और हंगामा सवाल पूछने वालों को लेकर हो रहा है। मणिपुर के सांसद ने बोल दिया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इससे बड़ी नाइंसाफ़ी क्या हो सकती है। कोई तो अख़बार होगा जो मणिपुर के दोनों सांसदों से कहे कि लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया,कोई बात नहीं, हम अपने अख़बार का एक पूरा पन्ना देते हैं। आप लिखिए जो बोलना चाहते थे। हम पूरा का पूरा छाप देंगे।
धन्यवाद प्रधानमंत्री जी,
आख़िरकार आपने मणिपुर हिंसा पर सदन में अपनी बात रखी। हमें भरोसा है कि मणिपुर में शांति बहाली की गति तेज़ होगी, राहत शिविरों से लोग अपने घरों को लौटेंगे। उनका पुनर्वास होगा, उनके साथ इंसाफ होगा।
आपने अगर अपना राजहठ और अहंकार पहले त्याग दिया होता तो संसद का कीमती समय बचता। अहम विधेयक अच्छी चर्चा के साथ पास होते।
हमें तकलीफ है कि मणिपुर हिंसा जैसे अभूतपूर्व मुद्दे पर विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव जैसे संसदीय हथियार का उपयोग करना पड़ा। लेकिन सदन का उपयोग भी आपने चुनावी रैली के रूप में किया।
आखिरी दौर में लोक सभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीर रंजन चौधरी का निलंबन किया गया जो बेहद अलोकतांत्रिक और दुर्भाग्यपूर्ण है। ये सत्ता के अहंकार और दुर्भावना को दर्शाता है।
ये परंपरा संविधान और संसदीय लोकतंत्र दोनों के लिए बहुत घातक सिद्ध होगी।
हम इसकी घोर निंदा करते हैं।
मां, प्रियंका और मेरे लिए एक यादगार दिन, कुछ खास मेहमानों के साथ!
सोनीपत की किसान बहनों का दिल्ली दर्शन, उनके साथ घर पर खाना, और खूब सारी मज़ेदार बातें।
साथ मिले अनमोल तोहफे - देसी घी, मीठी लस्सी, घर का अचार और ढेर सारा प्यार।
पूरा वीडियो यूट्यूब पर:
https://t.co/2rATB9CQoz
देश को दो वर्गों में बांटा जा रहा है!
एक तरफ सत्ता संरक्षित ताकतवर लोग हैं जिनके इशारों पर देश की नीतियां बन रही हैं।
और दूसरी तरफ है आम हिंदुस्तानी, जिसकी पहुंच से सब्ज़ी जैसी बुनियादी चीज़ भी दूर होती जा रही है।
हमें अमीर-गरीब के बीच बढ़ती इस खाई को भर, इन आंसुओं को पोंछना होगा।
श्री @RahulGandhi ने हमेशा सच की लड़ाई लड़ी है, और आगे भी लड़ते रहेंगे।
सच यह है कि ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल "भाई", विजय माल्या, जतिन मेहता जैसे भगोड़े, मोदी सरकार के निगरानी में जनता के पैसे लेकर, संदिग्ध रूप से विदेश पहुँच गए।
भाजपा ने उनको तो आज़ाद कर दिया, पर झूठ की चालें चल, एक राजनैतिक साज़िश के तहत, श्री राहुल गाँधी को कठघरे में खड़ा कर, संसद से निलंबित करा दिया।
भाजपा के राज में पहले भ्रष्टाचारी बाहर भागते हैं, और दूसरी तरफ़ मोदी जी की पार्टी भष्टाचार के आरोपित लोगों को भाजपा के "स्वच्छ भारत अभियान" के तहत वॉशिंग मशीन में धोकर, सत्ता हथियाने का खेल खेलती हैं।
देश अब मोदी जी की भष्टाचार पर दोहरी नीति बड़ी गहराई से जान चुका है।
कांग्रेस का कोई भी नेता, हमारा कोई भी कार्यकर्ता, इस राजनैतिक साज़िश से नहीं डरता।
हम राजनैतिक लड़ाई और क़ानूनी लड़ाई, दोनों लड़ेंगे।
सत्यमेव जयते।
आज श्री सचिन पायलट ने जिन 3 मुद्दों को उठाया वो अप्रयोगिक एवं पूरी तरह समझ से परे हैं। क्या आपको पता नहीं कि RPSC स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है जो कभी भी भंग नहीं की जा सकती। RPSC सदस्य का तो इस्तीफा भी राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किया जाता है। आप क्यों युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं?
सिलेंडर ₹400 से ₹1100
पेट्रोल ₹70 से ₹102
कुकिंग ऑयल ₹60 से ₹200
42% युवा बेरोज़गार
40 करोड़ फिर से गरीब हो गए
90 लाख छोटे व्यापार बंद हो गए
प्रधानमंत्री जी, ‘91’ छोड़िए, इन आंकड़ों को देखिए। अब तो कर्नाटक के लोगों की बात कीजिए!
प्रधानमंत्री अडानी के मुद्दे से डरे हुए हैं! वो नहीं चाहते मैं उनकी और उनके मित्र के रिश्ते की और पोल खोलूं।
देखते हैं वो कल संसद में मुझे बोलने देंगे या नहीं।
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी को उनके बलिदान दिवस पर मेरा नमन।
कृषि हो, अर्थव्यवस्था हो या फिर सैन्य बल, भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने में इंदिरा जी का योगदान अतुलनीय है।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न नगर पालिकाओं में उनके गठन से पूर्व अथवा मास्टर प्लान लागू होने से पूर्व कृषि भूमि पर कॉलोनियां बस चुकी हैं। इन कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग, अल्प आय वर्ग व मध्यम आय वर्ग के भूखण्ड हैं।
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