दिल्ली मास्टर प्लान ❌ | मुल्ला मास्टर प्लान ✅
पब्लिक पार्क में बनी है, अवैध नूरी मस्जिद सुल्तानपुरी
कोर्ट का ऑर्डर हम ले आए, बस ध्वस्त होनी बाकी है
10K रीट्वीट होते ही चली जाएगी, आप करेंगे शेयर ?
रहीम शेख ने अपने गिरोह के साथ मिलकर महाराष्ट्र के बीड में एक सेवानिवृत्त सैनिक पर हमला किया।
उन्होंने सैनिक के शरीर पर उबलती चाय डाल दी और जान से मारने की कोशिश की।
पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गया है और उसकी हालत नाजुक है।
उसकी पत्नी अब न्याय की गुहार लगा रही है।
ये है विजय कुमार
पंचकूला में वन दरोगा है
इनके क्षेत्र में वन माफियाओं ने रातों रात 10000 हजार खैर के पेड़ काट दिए और गधों पर लादकर जंगल से बाहर भिजवा दिए
जब इस घटना का पता विजय कुमार को चला तो उन्होंने विभाग में सूचना दी लेकिन रेंजर कोई सुनवाई नहीं की
फिर विजय कुमार ने राज्य के वन मंत्री को शिकायत की
लेकिन वन मंत्री ने उल्टा Vijay Kumar ही सस्पैंड कर दिया
अब विजय कुमार आमरण अनशन पर बैठ गए हैं
इस देश के सिस्टम में ईमानदार लोगों की कोई जगह नहीं हैं।
राजस्थान के निकम्मे RTO अधिकारी ने एक ग़रीब चालक की टक्कर मारकर आँख फोड़ दी।
उस ग़रीब चालक की बस इतनी गलती थी,उसने इस भ्रष्ठ अधिकारी को रिश्वत नहीं दी।
@BhajanlalBjp जी लात मारकर बाहर करिए ऐसे निकम्मे अधिकारी को।
हिम्मत हो तो ही REPOST करना 🖐️
ये है इस्लाम की हकीकत
ये है रमजान की पवित्रता की हकीकत
ये है मज़हबी कट्टरता की असल हकीकत
देखिये किस तरह एक EX मुसलमान सलीम को
सिर्फ इसलिए काट दिया, क्यूंकि उसने इस्लामिक कुरीतियों के खिलाफ इस्लाम छोड़ दिया..
और कुरीतियों को उजागर किया..
आक थू🖐️
एक बेटा अपनी मां के इलाज के लिए हर साल 50,000 रुपये प्रीमियम भरता है. वह यह पैसा किसी शौक में नहीं देता. वह यह पैसा इस भरोसे पर देता है कि जब मां की सांस अटकने लगेगी, तब अस्पताल के बाहर खड़े होकर उसे पैसों का हिसाब नहीं लगाना पड़ेगा, लेकिन जब वही बेटा क्लेम लेकर Star Health and Allied Insurance के लखनऊ दफ्तर पहुंचता है, घंटों इंतजार कराया जाता है, फिर क्लेम से इनकार कर दिया जाता है, और ऊपर से एजेंट कह देता है कि हमसे पूछकर पॉलिसी थोड़ी ली थी? यह सरासर विश्वासघात है. बीमा कंपनियों को प्रीमियम समय पर चाहिए, लेकिन क्लेम के समय बगलें झाँकने लगती हैं. क्या बीमा कंपनियां सिर्फ पैसा इकट्ठा करने के लिए हैं? एक आम आदमी अपने खून पसीने की कमाई से हर साल प्रीमियम इसलिए भरता है कि संकट के समय सहारा मिलेगा. अगर संकट के समय कंपनी नियमों की आड़ में मुंह मोड़ ले, तो ये सीधी लूट है. कंपनी को लिखित में स्पष्ट कारण देना ही होगा कि क्लेम क्यों रोका गया. अगर नियम हैं, तो पारदर्शिता भी होनी चाहिए. अगर शर्तें हैं, तो जवाबदेही भी होनी चाहिए.
मैं Insurance Regulatory and Development Authority of India से अपील करता हूं कि ऐसे मामलों की तत्काल जांच हो. हर क्लेम रिजेक्शन का ऑडिट हो. जिन कंपनियों पर बार-बार शिकायतें आ रही हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. साथ ही, @myogiadityanath से भी आग्रह है कि उत्तर प्रदेश में काम कर रही बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए. लखनऊ जैसे शहर में अगर आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें और अपमान झेलना पड़े, तो यह व्यवस्था पर सवाल है.
@StarHealthIns@irdaindia@CMOfficeUP
कोई पहचानता है इस UPSC टॉपर को ?
जिसे रील्स इतनी प्यारी हैं कि राष्ट्रगान के वक्त
सावधान खड़े होना है इतना भी नहीं याद रहा..
ध्यान रहे.. दीदी नाराज़ होने पर जेल भिजवा देगी
बांग्लादेश के क्रिकेट बोर्ड में आत्मसम्मान और स्वाभिमान है। ये BCCI की तरह लुल्ल नहीं है जो मौगा की तरह 'हाथ नहीं मिलाएँगे' करके देशभक्त बन रहे थे।
इन पतितों ने बांग्लादेश हिंदू हत्याओं के बीच बांग्लादेश को भारत में बुला कर टेस्ट मैच खेले। इन दोगलों ने पहलगाम के बाद पाकिस्तान से एक नहीं ३-३ बार मैच खेले क्योंकि पैसा ही सब कुछ है।
बांग्लादेश के लिए एक खिलाड़ी को निकाल देना काफ़ी था यह कहने के लिए कि वो वर्ल्ड कप नहीं खेलेंगे। हम एशिया कप और बाइलेटरल सीरीज तक में ना नहीं कह सके।
यह आत्मसम्मान की बात होती है। भले वो दोयम दर्जे की टीम हैं, पर सम्मान का भाव तो है अपने लिए। हम एक टॉप लेवल की, घटिया बोर्ड और सरकार द्वारा संचालित धनलोलुप, टीम हैं जिसके भीतर स्वाभिमान नाम की कोई चीज नहीं।
70% रेवन्यू नियंत्रित करने के बाद भी यदि आप स्वयं के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकते तो आप रीढ़हीन हैं।
What @ajeetbharti is stating is a fact. Insurance companies take money from Indians, yet ill-treat them, don't release their genuine claims & frustrate. There is no mechanism that protects Indians who invest in insurance hoping for a safety net in difficult times!
@HDFCERGOGIC
🔥🔥🔥🔥
जूता मुंह पर भले नहीं पड़ा है...
पर इसे सीधा “मुंह पर जूते मारना” ही कहा जाएगा।
एक रिपोस्ट = मियांलार्ड के मुंह पर एक जूता.. 🤘
रिट्वीट करने वालों को फॉलो करते चलें..
आइए शुरू कीजिए... 👇
Big Breaking 🚨
Ajeet Bharti is in Noida Police Station just bcz he asked questions to Chief Justice of India BR Gavai.
Welcome to New Democratic India 🤡
अजीत भारती को नोएडा पुलिस ने उठा लिया है, उन्हें DCP ऑफिस में रखा गया है
राष्ट्रधर्म की सबसे बुलंद आवाज के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद करिए और लिखिए
#ISupportAjeetBharti
अगर Ajeet Bharti की आवाज बंद कर दी गई तो राष्ट्रधर्म के लिए कोई आवाज नहीं उठा सकेगा
क्या आप अजीत भारती के साथ हैं ?
10 हज़ार हिंदू परिवार के गुरुग्राम टिकली गाँव के अंदर 10 बीघा पर बड़ी चर्च का निर्माण किया जा रहा है।
जबकि इस यादव बहुल गाँव के अंदर एक फ़ीसदी भी घर ईसाई का नही है।
गाँव के लोगों का आक्रोश बोले “धर्म परिवर्तन” कराने के लिए ये सब कर रहे है।
महापंचायत की घोषणा किसी भी क़ीमत पर नहीं बनने देंगे “एग्रीकल्चर लैंड” पर चर्च।
@NayabSainiBJP@RSSorg@cmohry
एशिया कप के अंत तक आते-आते यह स्पष्ट हो गया है कि हम क्यों अहमदाबाद एयर क्रैश, RCB की भगदड़, दिल्ली के दंगे आदि सप्ताह भर में भूल जाते हैं। हमें हमारे नेता जानते हैं कि हमारा सारा ‘विरोध’ किसी एक फोटो या ट्वीट पर हवा हो जाएगा।
इसलिए, हमें पाकिस्तान से खेलना भी पड़ता है, खेल मंत्रालय का कुतर्क झेलना भी पड़ता है और पाकिस्तान जैसे नंगे देश को प्लेटफॉर्म दे कर, उनकी नग्नता को देखना भी पड़ता है।
पंद्रह दिन नहीं लगे हमें ‘हम एक भी मैच नहीं देखेंगे’ से ‘अरे इतना भी क्या विरोध करना, क्यों रोते रहते हो इतना’ लिखने में। पहले मैच में विरोध, दूसरे में विरोध की चर्चा भी नहीं, तीसरे में मैच देख कर जस्टिफिकेशन की पाकिस्तान को पेला जा रहा है।
हमारी सामूहिकता पाँच दिन नहीं चलती। यही एटीट्यूड हमें ‘चलता है यार’, ‘एक दिन से क्या हो जाता है’ आदि में राहत देने लगता है। हमारी नग्नता चार पैसों के आगे कैसे दिख जाती है, वो हमें अटारी बॉर्डर पर BSF के जवानों द्वारा कराए जाने वाले सर्कस में दिखता है। वह केवल इसलिए चालू हुआ क्योंकि उसकी अपनी एक इकॉनमी बन चुकी है।
जो लोग मरे, उसका बदला जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ले लिया गया, तो फिर क्रिकेट ही क्यों व्यापार आदि भी चालू कर देना चाहिए।
बात यह है कि जब आप भावनाओं को उत्तेजित करने के लिए ‘खून और पानी’ वाला संवाद बोलते हो तो बाद में क्रिकेट खेल कर, हाथ न मिलाने, जेस्चर बनाने, ट्रॉफी न लेने को ‘भावनाओं के बलात्कार’ की संज्ञा देने पर ज्ञान मत दो कि देशभक्ति क्या होती है।
तीनों मैच में जीत से यह पाप नहीं धुल जाता कि हमने एक आतंकी राष्ट्र को यूएन में आतंकी कहा, पूरी दुनिया में सांसदों के दल भेजे और कुछ पैसों के चक्कर में लीचड़ों की तरह, उन विधवाओं के अपमान के लिए उन्हें प्लेटफ़ॉर्म दिया।
आपको जीत की बधाई हो, मैं भी जीत से प्रसन्न हूँ, परंतु यह नकारापन असहनीय है।
राजधानी दिल्ली बना नेपाल, मामला 24 सितंबर का है सब इंस्पेक्टर सूरजपाल सिंह ने सामान्य चेकिंग के दौरान दो लोगों को रोका, इस पर भाईजान को इतना गुस्सा आया की अकबर हुसैन और सलमान वह उनके साथियों में मिलकर ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर की धुनाई कर दी, झूठ बोल कर हमला किया, मैं खुद इस बात का गवाह हूं कि मुस्लिम इलाके में यदि कोई पुलिसकर्मी चेकिंग अथवा चालान के लिए किसी मुल्ले को रोकता है तो वहां के सारे मुसलमान एक होकर पुलिसकर्मी की पिटाई कर देते हैं, यह सिलसिला 25 सालों से मैं खुद देख रहा हूं, लेकिन अब उन्हें नेपाल बनाना है बांग्लादेश बनाना है बस वही तैयारी हो रही है, देखते जाइए वह दिन दूर नहीं जब आप इनके इलाकों से निकलने वाली सड़कों और हाईवे पर से भी नहीं निकाल पाएंगे और अगर निकालने की कोशिश करी तो यही हाल होगा, जब प्रशासन ही सुरक्षित नहीं तो आम आदमी की क्या ही बात करें