देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
देश के प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? छात्रों पर की गई बर्बरता और अत्याचार के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ये छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिन्हें मारा-पीटा जा रहा है, जो ठीक नहीं है।
हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की। : @RahulGandhi जी, नेता विपक्ष
उद्योगपतियों "मित्रों" के लिए मोदी सरकार का नया मॉडल "चंदा दो.. और कर्ज़ माफ लो"
मोदी सरकार ने 7,750,000,000,000 यानी 7.75 लाख करोड़ का कॉरपोरेट कर्ज़ राइट-ऑफ कर दिया है। लेकिन जब बात किसानों की कर्ज़माफी की आती है, तो BJP को "आदत बिगड़ने" की चिंता सताने लगती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बताना चाहिए कि उन्होंने 12 साल में कितने किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया?
अगर अरबपतियों का लाखों करोड़ का कर्ज़ माफ़ हो सकता है, तो देश के अन्नदाता किसानों की कर्ज़माफी पर दोहरे मापदंड क्यों?
और सबसे हैरानी की बात ये कि सरकार संसद में ये बताने को तैयार तक नहीं कि किन-किन उद्योगपतियों का क़र्ज़ माफ़ किया गया। नाम सार्वजनिक करने में हिचकिचाहट इसलिए है क्योंकि चंदे के बदले कर्ज़ माफी की कहानी देश के सामने आ जाएगी।
ये नया भारत है,
नए भारत में पेपर लीक पर छात्र सवाल नहीं पूछ सकते !
विरोध करने पर लाठियाँ मारी जाती हैं,आँसू गैस के गोले छोड़े जाते हैं,निरंकुश सत्ता पत्थर मारती है,इंटरनेट बंद कर दिया जाता है।
नए भारत में सवाल पूछने पर आपको पाकिस्तानी कह दिया जाता है !
ये नया भारत है !
जिस रफ़्तार से सांसद बिक जाते हैं, उससे कहीं ज़्यादा मज़बूती से छात्र लाठियाँ खाते हुए भी अपने विचारों पर अडिग हैं।
यह देश किसी एक नेतृत्व का ग़ुलाम नहीं, हर दशक में नए राष्ट्रीय नेता और नए दल गढ़ने का माद्दा रखता है। #संसद_मार्च
रिकार्डिंग क्यू कर रहे हो!😳
वैसे तो मंत्री जी, विधायक जी या नेताजी के ज्यादातर प्रोग्राम सोशल मीडिया पर लाइव या रील के माध्यम से जनता से संवाद करते है मगर आप नेताजी से संवाद कर रहे है तो उसको रिकोर्ड करना मना है या फिर नेताजी का आपसे बात करना मना है
रामगंजमंडी के बन्दा गांव में शनिवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक मदन दिलावर जी के दौरे के दौरान का वाक्या जहा नगर निगम की गौशाला में सांड के हमले में जान गंवाने वाले गोपाल भील के परिवार को अनुकंपा सहायता दिलाने की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने मंत्री से मुलाकात की कोशिश की।
इसी दौरान एक युवक के वीडियो बनाने पर मंत्री के निजी सहायक ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मंत्री वहां से रवाना हो गए।
आपातकाल का ढोल पीटने वाले आज देश में अघोषित आपातकाल चला रहे हैं। धरना-प्रदर्शन का अधिकार छीन रहे हैं, बोलने की आज़ादी पर पहरा बिठा रहे हैं। और जो सरकार से सवाल पूछे, उसे एजेंसियों व पुलिस के दम पर चुप करा रहे हैं.. यही BJP का नया लोकतंत्र है।
युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर 21 दिन से शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक जी को जबरन उठाकर बता दिया कि मोदी सरकार संविधान में नहीं, सत्ता के अहंकार और तानाशाही में विश्वास करती है।
ये सिर्फ़ @Wangchuk66 जी का अपमान नहीं, संविधान के अनुच्छेद 19 और हर भारतीय के लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। BJP की सरकारें संवाद से नहीं, पुलिस, दमन, डर और षड्यंत्र से देश चलाना चाहती हैं। उन्हें हर वो नागरिक दुश्मन दिखाई देता है जो सिस्टम से सवाल पूछता है।
लेकिन इतिहास गवाह है.. सत्ता का अहंकार कभी नहीं चला। सत्याग्रहियों पर लाठी, गिरफ़्तारी और दमन से आवाज़ें नहीं दबतीं, बल्कि और बुलंद होती है। जिस तरह किसानों, खिलाड़ियों और युवाओं ने झुकने से इनकार किया, उसी तरह पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की लड़ाई भी रुकने वाली नहीं है।
#NEETPaperLeak #Protest
#SonamWangchuk
NTA जैसी एजेंसियां अपनी गलती के लिए आपसे पैसे वसूलती है। हिंदुस्तान में 'पेपर लीक उद्योग' चल रहा है।
NEET पेपर लीक होता है तो BJP के लोग दलील देते हैं कि इसमें शिक्षा मंत्री की गलती नहीं, उन्होंने पेपर लीक नहीं किया- ये तो सिस्टम की कमी है।
अगर ऐसा है तो शिक्षा मंत्री की जरूरत ही क्या है?
#छात्रों_की_गूंज #ChhatronKiGoonj
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
एक खास औद्योगिक घराने के निवेश के लिए ₹20,000 करोड़ से अधिक की सरकारी सब्सिडी देने की कोशिश
पिछले दस वर्षों में जितनी राशि सभी कंपनियों को मिलाकर प्रोत्साहन के रूप में नहीं दी गई, उससे अधिक केवल एक कंपनी को देने की तैयारी
राज्य की चिंताजनक वित्तीय स्थिति के बावजूद एक ही औद्योगिक घराने को राजी करने के लिए किए जा रहे इन विशेष प्रयासों पर वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
कुछ विशेषज्ञ इसे राजस्थान के आर्थिक भविष्य पर दूरगामी प्रभाव डालने वाला कदम मानते हुए राज्य के हितों के विरुद्ध सबसे बड़े प्रयासों में से एक बता रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बड़े स्तर के दबाव के चलते वित्त विभाग ने भी इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है।
दावा है कि ‘ब्रांडिंग’ के नाम पर इस प्रक्रिया के माध्यम से राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा वित्तीय खेल होने की आशंका जताई जा रही है।
ओल्ड इज़ गोल्ड
पुराने जमाने में घर के बाहर बैठे बड़े-बुजुर्ग मार्ग से गुजरने वाले अजनबी/अनजान लोगों से पूछते थे/टोकते थे कि कोडा को छ (कहाँ का है) कुण को छ ( किसका है यानि परिवार के बारे में), कोड जा रह्यो छ ( कहाँ जा रहा है), कांई काम सूँ जा रह्यो छ ( किस काम से आया है) । इससे संदिग्ध प्रवृत्ति, अपराधी किस्म के लोगों की गतिविधियों पर रोकथाम रहती थी। उसे फिर से पुनर्जीवित कीजिए।
-रवि शर्मा, सीओ निवाई
मेरे पिता जी भारतीय जनता पार्टी के इमानदार कार्यकर्ता रहे हैं इस बात को स्म्माननीया वसुंधरा राजे जी जानती है।
मैं भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं।
मैंने भी अनेकों बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
लेकिन आज पहली बार मुझे जरुरत पड़ी कि गलती से मैंने प्रमोशन स्वीकार कर लिया और मुझे 59 साल की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ भेज दिया।
दुर्भाग्य ये रहा कि मेरा रिक्त स्थान पर भी ट्रांसफर नहीं किया।
खैर मैं तो बीआरएस ले लूंगा। लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री जी आपकी जिद्द बीजेपी को लेकर डूबेगी।
मुख्यमंत्री जी.. बीमार मरीजों को त्वरित उपचार चाहिए, फाइलों की मंजूरी नहीं।
भाजपा सरकार का RGHS में OPD जांचों पर नया नियम.. अब 2,000 से अधिक की OPD जांच के लिए पहले पूर्व अनुमति लेनी होगी।
सरकार को बताना चाहिए कि इससे मरीजों को राहत मिलेगी या इलाज में कागज़ी प्रक्रियाओं से
अनावश्यक देरी और परेशानियां बढ़ेंगी?
भटकते रहेंगे मरीज, अनुमति के चक्कर में उलझेगा इलाज!