भारत का पूरा फूड चेन अब मौत का चेन बन चुका है।
हर फल–सब्ज़ी में मिलावट नहीं, सीधा ज़हर मिल रहा है।
लौकी में इंजेक्शन ठोंका जा रहा है ,
भिंडी पर जहरीले केमिकल उड़ेला जा रहा है ,
दूध–घी में यूरिया , डिटर्जेंट और सिंथेटिक फैट,
तेल में केमिकल ,
मिठाई में सड़े हुए घटक और रंग ,
पनीर पूरा नकली—बस दिखने में सफेद।
> टमाटर–सेब पर वैक्स ,
हरी सब्जियों पर पेस्टीसाइड की परतें,
हल्दी-मिर्च में ज़हर���ला पाउडर ,
मसाले तक नकली।
आपका किचन अब रसोई नहीं, केमिकल लैब बन चुका है।
> इस सबके बावजूद न कोई रेगुलेटर जाग रहा है, न कोई अधिकारी डर रहा है।
जांच एजेंसियाँ फाइलें दबाकर सोई हैं,
मिलावटखोर खुलेआम धंधा चला रहे हैं,
और आम जनता रोज़ धीमा ज़हर खा रही है।
> अब सवाल जनता का नहीं, सिस्टम का है👇
क्या खाएं?
किस पर भरोसा करें?
और शिकायत किससे करें, जब पूरे तंत्र ने मिलावटखोरों से हाथ मिला रखा है?
यह सिर्फ मिलावट नहीं—>
यह 1.4 अरब लोगों की सेहत , बच्चों के भविष्य और पूरे देश की नसों में ज़हर भरने का संगठित अपराध है।
Fees for General Category: Rs 8-9 lakhs
Fees for SC/ST: ZERO
Imagine running to every bank for a loan, while your classmate pays nothing.
What a disgusting system !
If Hindus can't celebrate thier festivals because it falls in so called
"MUSLIM Dominated AREA"
Then Azaan 5 times a day should also be banned in Hindu Dominated Areas. ..
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