अपने तजुर्बे से कह सकती हूँ कि ये खेली खाई जरूर है लेकिन बीज बोया नहीं गया अभी तक, अगर बोया भी गया है तो इसमें फिर से खाद डाल दी है जोत के ! नथुने भी कड़क है और थन भी !
एक अधेड उम्र की संस्कारी औरत की कामवासना चरम पर होती है बिस्त��� पर जब वो खुद को बिछाती है तब उसे चाहिए होता है असली मर्द जो उसके बदन को तोड मरोड के रगडे अपने निचे लेकर उसे एक रंडी जैसा एहसास कराये फिर वो औरत खुल कर उस मर्द ��ो चरमसुख देती है!
जब महिला के स्तनों/थनों को हाथ या मुंह से सहलाया जाता है, तो थन की उत्तेजना मस्तिष्क को ऑक्सीटोसिन छोड़ने का संकेत भेजती है। यह प्रक्रिया एरोला (काले कलर की घुंडी) के माध्यम से होती है क्��ोंकि उस दौर��न थनों और एरोला में खून का प्रवाह तेज हो जाता है, जिससे महसूस होता है कि थन ��ड़े हो ग�� है !
औरत वही निखरती है जो मर्द की बाहो�� में बेहिचक बिखरती है। टांगे फैला कर जब मर्द जीभ रगड़-रगड़ कर रस चूसता है, तो औरत का पानी झर-झर निकलता है। जब मर्द ऊपर चढ़कर जिस्म को प्यार करता है, तब एक औरत को जो आनंद आता है, वह आनंद अगर मिलता रहे, तो औरत निखरती है। बदन भर जाता है औरत का!