अशोक चौधरी के बयान का मतलब तो हम समझा दिए थे पर उस प्रकरण से एक चीज़ भी सीखे।
किसी ने जाति पर ज़रा सा आरोप लगाया तो उस जाति के सब मिलके विरोध करने लगे। जिस किसी ��ार्टी में थे वहीं से विरोध किए।
क्या यादव में ऐसा है? टांग खींचने की प्रवृति जब तक रहेगी ऐसे ही जिंदगी कटेगी।
जहां से विधायक हैं अगर वहां से उ��ना ही वोट के साथ प्रत्याशी लीड नहीं करता है तो विधायक का टिकट काट देना चाहिए..... साथ ही साथ अगर कोई भीतरघात कर रहा है और पर्यवेक्षक ने अनुशंसा कर दिया तो वैसे कार्यकर्ताओं को आजीवन पार्टी से निष्कासित करना चाहिए।
@RJDforIndia @TeamTejashwi
बिहार सरकार शिक्षकों से आख़िर किस बात की दुश्मनी निभा रही है। एक सनकी अधिकारी के सामने भाजपा-जदयू सरकार घुटना टेक कर न केवल बिहार के शिक्षकों का अपमान कर रही है बल्कि शिक्षकों और बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन से भी खिलवाड़ कर रही है।
बिहार के स्कूलों की टाइमिंग तत्काल बदलना चाहिए! शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग का इस क़दर अमानवीय हो जाना कहीं से उचित नहीं है।
#ReviseSchoolTime
📌बीमा भारती के साथ हम क्यों न खड़े हों–
पहले ससुर कि साजिशन हत्या हुई,कोई कार्रवाई नहीं
फिर बेटे कि हत्या हुई कोई कार्रवाई नहीं
फिर पति को जेल हुआ अबतक जेल में ही हैं
फिर 18 साल के बेटे को भी जेल भेजा गया
अब और किस प्रकार का अत्याचार करना बाकी रह गया था बीमा भारती के साथ ?
@AlokChikku@RJDforIndia@yadavtejashwi तुम भी हिफाजत से रहना। देख रहा है न हम डर से लिखना छोड़ दिए हैं। वोट अपनी जगह है जान अपनी जगह है। हम तुम सिर्फ कलम उठा सकते हैं, पोस्ट कर सकते है। पत्थर या गोली से नहीं न टकरा सकते हैं। जीवन में डर का होना भी जरूरी है जब सामने बाहुबली हो तो।
#PoliticalScoop#BigExpose
ये पोस्ट मुस्लिम समाज के नई पीड़ी के लोग जो आज पप्पू यादव के समर्थन में उसके फुट सोल्जर बने हुए हैं, ज़रूर पढ़ें।
आप चाहे राजनीति में कोई भी विचारधारा रख रहे हों, मुस्लिम समुदाय के नरसंहार को अगर आप समर्थन कर रहे हो तो अब एक बेहद नीच इंसान हो।
राजेश रंजन फैन क्लब के समर्थन में पोस्ट करने वाले 50 से ��्यादा ट्विटर प्रोफाइल कि मैंने पर्सनली जांच किया। कल रात जो गुंडागर्दी हुई है वो सिर्फ एक ट्रेलर है।
इन 57 लोगों कि जांच करने के बाद मैंने एक कॉमन बात सबमे पाई। लगभग सभी के bio में या नाम में "Cauliflower Farmer" या "फूलगोभी का किसान" लिखा था। और भागलपुर के इतने सारे लोग पूर्णिया के कैंडिडेट को क्यों समर्थन कर रहे हैं?
मुझे लगा कि राजेश रंजन ने किसानों पर तो अभी कोई significant बात नहीं कि है फिर ये इसके इतने सारे समर्थक किसान कहाँ से आ गए? वो भी ख़ास कर के फूलगोभी के ही किसान क्यों?
आप जान कर shock हो जाएंगे!
1989 में बिहार के भागलपुर में मुसलमानों का नरसंहार हुआ था जिसमे 2700 से अधिक मुसलामानों को काट कर मारा गया था।
सबूत छुपाने के लिए उनके शवों को फूलगोभी और पत्तागोभी के पौधे लगाकर छिपा दिया गया था।
अब मैं आप सभी के ��िवेक पर ये छोड़ती हूँ कि राजेश रंजन के समर्थन में भागलपुर के गोबी उगाने वाले किसान अचानक से इतनी बड़ी संख्या में क्यों आ रहे हैं?
कमेंट में आप ही बताईए। कुछ सैंपल साझा कर रही हूँ।
पप्पू यादव संत हैं क्या??
पब्लिक से बड़ा दोषी, पब्लिक से बड़ा कुकर्मी कोई नहीं हैं, ये साधु संत पप्पू बोल रहें हैं। पब्लिक का वोट लेकर पब्लिक को अभद्र भाषा का प्रयोग कर घमंडी, अपराधी, बाहुबल, धनबाल के बल पर अत्याचार करना संत कहलाता है���। ये पप्पू यादव अंगिनत हत्या, अपराध, लूट के आरोपी हैं। जनसेवक के नाम पर जंगलराज के नायक हैं।
अभी तो जीता भी नहीं हैं समझिए गलती से जीत गया तो पूर्णिया में ये लोग क्या करेगा इनका समर्थक सब पागल हो गया हैं सबको कह रहा हैं कि 26 के बाद देख लेंगे मतलब पूर्णिया की जनता इनको वोट नहीं देगी तो क्या उसके साथ ये लोग ��ारपीट करेंगे ?
डरना चाहिए सबको गुंडों से ।
पप्पू यादव के समर्थकों के द्वारा आज पूर्णिया में तेजस्वी यादव के रोड शो में जिस प्रकार से गुंडागर्दी किया गया वो बिलकुल भी बर्दास्त योग्य नहीं हैं 😡😡
ये पप्पू यादव अपना गुंडागर्दी दिखा ही दिया अंतिम में तेजस्वी यादव के काफिला वाले गाड़��� को पीटना,राजद समर्थकों को गाली देना सहित