मंडल कमीशन के विरोध में सबसे पहले आज ही के दिन 19 सितंबर को खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने वाले आरक्षण जैसे राक्षस का विरोध करने वाले महान क्रांतिकारी वीर #राजीव_गोस्वामी जी को मेरा शत शत नमन👏👏
नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, चरण सिंह, राजीव गांधी, -2
अरे हम इतने ही जातिवादी हैं तो हमारे साथ क्यों पढ़ना??
अपने कॉलेज बनाकर, अपनी ही कैटेगरी के स्टूडेंट, टीचर, स्टाफ - सब भर लो!
न हम रहेंगे, ना हम जातिवाद करेंगे?
ठीक?
अकेला विष्णु तिवारी नहीं है - लाखों है लाखों
जिनका दर्द बरबाद परिवार व्यापार किसी ने नहीं देखा
Sc/St एक्ट के दुरुपयोग पर रोक लग कर रहेगी।
27 सितंबर पहली बैठक होगी।
पूरा देश जानना चाहता है
बेटियों के सरकारी स्कूल के अंदर बनी अवैध मस्जिद वजीरपुर जे जे कॉलोनी कब हटेगी ?
कोर्ट का ऑर्डर हुए भी एक साल हो गया
@LtGovDelhi@gupta_rekha@MCD_Delhi
एक समय जब पाकिस्तानी प्लेयर ग्राउंड पर नमाज पढ़ते थे तब जो लोग "वाह" करते थे,
आज अभिषेक शर्मा के शतक कर बाद महादेव स्तुति पर "आह" कर रहे हैं....
सनातन से इनकी नफरत उबाल मार रही है।
‼️जरूरी सूचना‼️
हम राजस्थान के 64% आरक्षण को हाइकोर्ट में चैलेंज कर रहे हैं!
इसके लिए हमको कुछ petitioners चाहिए!
राजस्थान से सामान्य वर्ग के ऐसे लोग जिन्होंने राजस्थान में किसी vacancy के लिए एग्जाम दिया हो, और रिजल्ट अभी आए हों या आने वाले हों!
कृपया ऐसे लोग रिप्लाई करें🙏
पंजाब के स्कूल में तीन स्विमिंग पूल निकले, ठंडे पानी वाला, गर्म पानी वाला और रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाला!
सौरभ भाई उसी में उतर गए, विज्ञापन से विकास का औचक निरीक्षण तक।
जब हिंदू धर्म और देवी देवताओं को गालियां दी जाती हैं, तब हिंदू एकता कमज़ोर नहीं होती?
जब हर सरकारी नीति से सामान्य वर्ग को बाहर कर दिया जाता है, तब हिंदू एकता कमज़ोर नहीं होती?
जब ब्राह्मण बनिया भारत छोड़ो के नारे लगते हैं, तब हिंदू एकता कमज़ोर नहीं होती?
लेकिन जैसे ही सामान्य वर्ग के लोग इन सबके खिलाफ आवाज़ उठाएं, तो हिंदू एकता कमज़ोर पड़ने लगती है?
तो ये कैसी हिंदू एकता जिसका मतलब है कि सामान्य वर्ग खुदपर अत्याचार सहे, देवी देवताओं पर गलत टिप्पणियां सहे और कभी भी आवाज़ ना उठाये?
इस एकता की ज़िम्मेदारी सिर्फ सामान्य वर्ग के ऊपर ही है क्या,,,उनके ऊपर नहीं जो दिनरात जातिवादी नीतियों की मांग करते हैं, आरक्षण 70-80% की मांग करते हैं, सवर्णों को अपशब्द कहते हैं?
BJP नेताओ से बढ़िया ये दोनों किसान भाई है।
पहले राकेश टिकैत ने कहा की आप गाँव जाकर देख लो, ब्राह्मण और ठाकुरो की हालत कितनी ख़राब है।
“हम आर्थिक आरक्षण का समर्थन करते है”
फिर नरेश टिकैत ने भी यही कहा।
“नाम से ठाकुर होने से क्या होता है, बहुत लोगो के घरों में चूल्हा भी नहीं जलता”
“SC/ST एक्ट का दुरुपयोग होता है”
मैं इन दोनों भाइयो को सलाम करता हूँ।
राजनीति अपनी जगह है, लेकिन ईमानदारी से सभी समाज के बारे में सोचना और खुलेआम कहना सबके बस का नहीं है। 🔥🫡
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजबे है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।