𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 और 𝐍𝐃𝐀 घोर आरक्षण विरोधी है। इसलिए इनकी सरकार में:-
👉 देश के विश्वविद्यालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 कुलपति भी नहीं है।
👉 भारत सरकार के सचिवों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 सचिव भी नहीं है।
👉 उच्च न्यायालयों में 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के कुल 𝟏𝟎 न्यायाधीश भी नहीं है।
इन क्षेत्रों में देश की 𝟗𝟎 नब्बे फ़ीसदी आबादी का 𝟏𝟎 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं है। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार या तो यह मानती है कि 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों की 𝟗𝟎% आबादी के लोगों में कोई प्रतिभा और योग्यता नहीं है, अगर प्रतिभा/योग्यता है तो उन्हें अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा?
क्या कुलपति का चयन ये लिखित परीक्षा से करते है? बाबा साहेब के संविधान में इन्हें समानता और आरक्षण का अधिकार मिला तो अब ये भाजपाई उन अवसरों को समाप्त कर रहे है। 𝐒𝐂-𝐒𝐓-𝐎𝐁𝐂 वर्गों के आरक्षित कोटे की लाखों नौकरियां रिक्त क्यों है?
दलित-पिछड़े वर्गों का वोट लेकर 𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 की गोद में बैठे नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, अनुप्रिया पटेल, राजभर, निषाद, सुदेश महतो जैसे लोग और उनकी पार्टियां वंचित वर्गों की दुश्मन है।
जाति कहाँ है? शायद सारी ऊँची कुर्सियों पर बैठी है!
कहा जाता है - जाति अब सिर्फ़ राजनीति में बची है, योग्यता के सामने जाति कहाँ टिकती है! लेकिन सरकारी संस्थानों की ऊँची कुर्सियाँ कुछ और कहानी कहती हैं।
2018–22 में IAS-IPS बने अधिकारियों में करीब 24% SC-ST थे, लेकिन डायरेक्टर और उससे ऊपर के 928 पदों में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ़ 12.93% और सचिव स्तर पर महज़ 4.6% रह गई।
कमाल है - आरक्षण से दलित दरवाज़े तक पहुँचे तो “मेरिट खतरे में”, लेकिन ऊँची कुर्सियों तक पहुँचते-पहुँचते गायब हो जाएँ तो जाति भी गायब!
ये तथ्य और अनुभव BBC हिंदी की रिपोर्ट - “पुलिस विभाग और अफ़सरशाही में जातिगत भेदभाव कितना गहरा?” से हैं।
शामली
➡अंकित बालियान हत्याकांड का मामला
➡सपा विधायक अतुल प्रधान गांव पहुंचे
➡अंकित बालियान के परिजनों से मिले
➡अंकित बालियान की मौत पर दुख जताया
@samajwadiparty@atulpradhansp
गुड़ खाये, गुलगुले से परहेज!
दो केंद्रीय मंत्री श्री जीतनराम मांझी और चिराग पासवान 𝐑𝐒𝐒 के निर्देश पर विपरीत दिशाओं में बात कर 𝐁𝐉𝐏-𝐑𝐒𝐒 के आरक्षण खत्म करने के मूल उद्देश्य से ध्यान भटका आरक्षण सर्मथक जनभावना का आंकलन करना चाहते है। जिनका खुद का स्वतंत्र वजूद नहीं होता वो ऐसे ही 𝐁𝐮𝐧𝐜𝐡 𝐨𝐟 𝐓𝐡𝐨𝐮𝐠𝐡𝐭𝐬 मानने वालों के निर्देशन में अभिनय करते है।
सर्वप्रथम तो आरक्षित कोटे से जीते ये मंत्री संविधान और आरक्षण विरोधियों की गोद में बैठ सत्ता का चरम सुख प्राप्त कर रहे है। इन्हें समाज और वैचारिकी से कोई लेना-देना नहीं है। अगर आरक्षण से इन दोनों को सख़्त नफ़रत है तो ग़ैर आरक्षित सीटों से चुनाव लड़कर देख लें, ज्ञान चक्षु खुल जायेंगे।
आरक्षण विरोधी बीजेपी के साथ रहते श्री नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जी की पार्टियों की क्या स्पष्ट विचारधारा है, यह कोई नहीं जानता?
अगर ये पार्टियां आरक्षण समर्थक है तो हमारी सरकार में बिहार में बढ़ाई गयी 𝟔𝟓 % आरक्षण सीमा को संविधान की नौंवी अनुसूची में शामिल क्यों नहीं कराते? ये घोर अवसरवादी और सुविधाभोगी नेता आरक्षण बढ़वायेंगे नहीं, विचारधारा की राजनीति करेंगे नहीं केवल और केवल मंत्री पद, सुरक्षा और बंगला प्राप्त करने के लिए येन केन प्रकारेण सत्ता में बने रहेंगे।
मोहन भागवत ने भी पहले आरक्षण समीक्षा की बात की थी, बिहार ने कान पकड़ कर अच्छे से उठक-बैठक करवा दी थी। अब फिर करेंगे तो बिहारी लोग 𝐑𝐒𝐒/𝐁𝐉𝐏 का मुर्गा बना देगा।
PK की प्राइवेट स्कूलों को चेतावनी, नहीं चलेगी मनमानी, वादा करेंगे पूरा, समय भी बता दिया
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) ने पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र और बिहार के निजी (प्राइवेट) स्कूलों की मनमानी फीस, री-एडमिशन चार्ज और बेफिजूल वसूली पर रोक लगाने का बड़ा ऐलान किया है।
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#PrashantKishor #JanSuraaj #PrivateSchoolFees #bihareducation
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान पर अब एनडीए के अंदर से भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं।
एनडीए के सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि ,
“ खड़गे साहब आज भी कहीं जाते हैं तो उस जगह का शुद्धीकरण कराया जाता है। वहीं बड़े बड़े नेता मंत्री परिवार के साथ जाते हैं तो
मंदिरों को धुलवाया जाता है। ऐसे में अगर इस व्यवस्था को कोई हाथ लगाने की सोचा भी तो देश की एक बड़ी आबादी सड़क पर आ जाएगी।
उसके बाद उसको संभालना मुश्किल हो जाएगा इसीलिए आरक्षण पर समीक्षा तो दूर की बात चर्चा भी संभव नहीं है,,
एनडीए के अंदर ये जो डर है वो लोकसभा नेता विपक्ष राहुल गांधी का डर है क्यूंकि राहुल गांधी इस मुद्दे पर पहले से ही मुखर हैं।
🚨 BIG BREAKING | महंत राजू दास पर भड़के मुकेश सहनी, 24 घंटे का अल्टीमेटम। VIP प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कुंवर निषाद की मां को लेकर राजू दास द्वारा गाली दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सहनी ने पुलिस को 24 घंटे में FIR दर्ज करने का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
🔴 मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान
“24 घंटे में राजू दास पर FIR नहीं हुई तो 1 सितंबर को मैं खुद अयोध्या पहुंचूंगा।”
सहनी ने कहा कि यह केवल कुंवर निषाद की मां का मामला नहीं बल्कि पूरे निषाद समाज की माताओं और नारी शक्ति के सम्मान का सवाल है। उन्होंने कहा “मां का अपमान निषाद समाज नहीं सहेगा। सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा, न्याय लेकर रहेंगे।”
मुकेश सहनी ने राजू दास से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाया “इतनी गंभीर घटना के बाद FIR क्यों नहीं हुई? पुलिस किसके दबाव में कार्रवाई नहीं कर रही?”
सहनी ने आज कुंवर निषाद से वीडियो कॉल पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली। VIP ने साफ किया है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
#MukeshSahani #RajuDas @sonofmallah@ayodhya_police@Uppolice@INCIndia@KunwerSNishad
जयपुर में सुबह 9 बजे से होने वाली NEET-PG की परीक्षा 12 बजे तक शुरू ही नहीं हो पाई।
छात्र और उनके परिजन मोदी के घटिया सिस्टम के कारण परेशान होते रहे और पूरी सरकार चादर ताने सोती रही।
एक बार फिर साबित हो गया कि मोदी सरकार एक परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती।
धिक्कार है।
मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ बैठकर बिना वनस्पति लिए हुए चुनाव हारने के पश्चात की कल्पना करें
ये गुजराती जोड़ी उन्हें कहीं का छोड़ेगी नहीं, भाजपा में बिष्ट जी स्वीकार्य हैं नहीं, 10 साल के मुख्यमंत्रित्व काल का भ्रष्टाचार और अपराध जब सामने आयेगा, काला कच्चा कुकर्म का चिट्ठा सामने आयेगा तब क्या होगा? विधायक सांसद छोड़ो BDC और प्रधानी के लाले हैं, भगवा कपड़ों की पीछे की हकीकत भी सत्ता के इन 10 सालों में खुलकर सामने आ चुकी है क्योंकि बंद मुट्ठी लाख की और खुल गई तो खाक की होती है
जितने भी पुराने संगी साथी सहयोगी थे सब पिछले 10 साल में साथ छोड़कर जा चुके हैं, बाकी बचे भी साथ छोड़कर निकल लेंगे, जनता के बीच जब असलियत सामने आएगी तब क्या होगा? सोचा है कभी?
इसीलिए कहते हैं कि इंसान को गड्ढा इतना ही खोदना चाहिए जितने के बाद वो अगर उसी गड्ढे में गिरे तो स्वयं से बाहर निकल सके
लेकिन पाप का घड़ा भर चुका है
मेरठ
➡SSP अविनाश पांडेय द्वारा लाठीचार्ज का मामला
➡दलित नेता रवि गौतम की पिटाई से जुड़ी खबर
➡SSP पर कार्रवाई के लिए धरने पर रवि गौतम
➡10 दिन से धरने पर बैठे है दलित नेता रवि
➡कल रवि गौतम ने महापंचायत का किया ऐलान
➡SSP को सस्पेंड,मुकदमे की मांग कर रहे रवि गौतम
➡कमिश्नरी पार्क में 10 दिन से जारी है धरना प्रदर्शन
#Meerut #RaviGautam #BreakingNews @DmMeerut@meerutpolice@Uppolice
'मनुस्मृति ज़ेहन में है जिनके, वे समय-समय पर उसका सबूत देते रहे हैं'
इटावा की यह घटना पुरानी है, मगर हमेशा याद रखी जाएगी कि कैसे जातिवादी-मनुवादी मानसिकता से ग्रस्त दबंगों ने कथा वाचक मुकुट मणि यादव को अपमानित किया, उनके बाल-चोटी काटी और वाद्ययंत्र तोड़े।
समय बीत जाता है, लेकिन ऐसी घटनाएँ इतिहास में उस मानसिकता के सबूत के तौर पर दर्ज रहती हैं, जो इंसान की योग्यता और गरिमा से पहले उसकी जाति देखती है।
संविधान के भारत को यह याद रखना होगा कि मनुवाद केवल किताबों में नहीं, व्यवहार में भी चुनौती है। मनुवाद को हराकर ही संविधान का भारत बनाया जा सकता है।
खुद पर होते एफआईआर, सीजेपी के भविष्य, सोनम वांगचुक और सिर्फ़ बीजेपी शासित राज्यों में स्कूलों का मुद्दा उठाने जैसे आरोपों पर अभिजीत दीपके जवाब दिए हैं. देखिए सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ बीबीसी संवाददाता इशाद्रिता लाहिड़ी की ये खास बातचीत.
वीडियो एडिटर: जमशैद अली ख़ान
ललितपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचे बीमार युवक से पुलिसकर्मी की कथित मारपीट का वीडियो सामने आया है। युवक को ताबड़तोड़ थप्पड़ मारने की इस घटना पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अगर आरोप सही हैं तो पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई और निलंबन होना चाहिए..!
प्रधानमंत्री मोदी ने आपसे TAX वसूलकर अपने पूंजीपति मित्रों के इतने पैसे माफ़ किए हैं कि जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।
AAP राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln जी को सुनिए।