'जमुई की घटना में तीन नाबालिग बच्चों को पकड़ा गया है '
बिहार पुलिस की ADG के मुताबिक वो दरिंदे 'नाबालिग बच्चे ' हैं .
मुंह में भगवा साफा लपेटे वो दरिंदा भी 'नाबालिग बच्चा ' है क्या ?
जब सम्राट चौधरी डिप्टी CM थे तब कहते थे
“बिहार में रात के 12 बजे भी अगर किसी ने आपको छू भी दिया तो सम्राट चौधरी सुबह अपना इस्तीफा दे देगा”
लेकिन अब मुख्यमंत्री बनकर धृतराष्ट्र बन गए हैं
जमुई की हैवानियत बिहार में ध्वस्त लॉ एंड ऑर्डर की गवाही है
मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।
👉 इस बारे में खुद दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है।
▪️ शिकायत में साफ कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी नहीं दी जाती। उनसे सलाह नहीं ली जाती। उनसे बिना पूछे या बताए हुए फैसले लिए जा रहे हैं।
▪️ ये 14 शिकायतें मुख्य तौर से - SIR, फॉर्म 6 में बदलाव, नए वोटर का रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाना और जोड़ना, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, वोटर लिस्ट की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है।
इन शिकायतों से साफ होता है कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ ज्ञानेश कुमार की चल रही है।
ज्ञानेश अपने बॉस मोदी की तरह तानाशाही कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए 'वोट चोरी' का काम कर रहे हैं।
हम पहले भी कहते आए हैं - मोदी ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर रखा है। ज्ञानेश कुमार मोदी के हाथ की कठपुतली है। इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट से ये बात साबित होती है।
मोदी और ज्ञानेश ने मिलकर देश के लोकतंत्र को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
लेकिन ये बात याद रखना - वक्त आने पर सबका हिसाब होगा, जवाबदेही तय होगी। इस अपराध की सजा जरूर मिलेगी।
#WATCH | Ranchi: 9th Battalion NDRF Commandant Md. Saleem Rayeem says, "...We rushed here as soon as we received information and retrieved a body. Five people were here and of them, three were rescued safely. One body was recovered by the civil administration earlier, and the second body was recovered now. The body has been handed over to the Police..."
पीएम द्वारा ख़ुद को गाली देने वाले छात्रों को माफ़ करने का वीडियो शेयर करते ही प्रसिद्ध गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी एक वीडियो जारी कर दिया।
उन्होंने व्यंगात्मक अंदाज में कहा कि बच्चों पर पैलेट गन चले तो क्या हुआ ? लाठियां पड़े तो क्या हुआ ? टीयर गैस छोड़े तो क्या हुआ ? लेकिन बच्चे यदि गालियाँ देंगे तो सोचिए देश के संस्कार कहाँ जा रहे है ?
@VishalDadlani@BJP4India@INCIndia
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।
एक युवक महाराष्ट्र से आएं हैं वह कार बुक करके 24 घंटे बाद जंतर मंतर पहुंचे हैं.
साथ में 3 साल की बेटी है.
वह यह कहते हुए भावुक हो गए कि मेरे भाइयों के साथ जो हुआ वो मैं नहीं देख सका👎
• भेड़िए
• पत्थरबाज
• भाड़े के टट्टू
• दहशतगर्द
ये शब्द मोदी के चहेते BJP नेताओं ने छात्रों के लिए कहे हैं। यही BJP की घटिया सोच है- छात्र विरोधी चेहरा है 👇