@DocRGM_ अटल जी ने एमर्जेन्सी के तुरंत बाद भाजपा बनाई थी देश से तानाशाही मिटाने के लिए |
अब फेंकू की बनिया-जैन-पार्टी (BJP) कहने को तो सात्विक शाकाहारी है, मगर आचरण मुर्दा-ख़ोर गिद्ध जैसा !
सैनिक, किसान, मजदूर, छात्रों की लाशें नोच नोचकर खा रहे हैं इनके नेता ! ग़रीबों के ख़ून पी रहे हैं !
@TheLallantop ये सब उसी विशेष प्रजाति के लोग हैं जो चोरी, डकैती, बेईमानी को अपना अधिकार समझते हैं।
और सवाल पूछने पर "हलाला की औलाद", पाकी एजेंट, आतंकी, प्रॉस्टीटूट जैसी गालियाँ देते हैं।
देश की रक्षा अब इन्हीं लोग कर रहे हैं |
केवल संस्कारी, शुद्ध, सात्त्विक भारत में ही ऐसा देखनेको मिलते हैं !
@advHansChanda पेपर एक बार नहीं, बार बार लीक हो रहा है। बोर्ड एक्साम में भी घोटाले। दर्जनों छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।
नेता 20/30 लाख देकर आंसर पेपर ख़रीद सकते हैं | मगर बाक़ी मेहनत करके कामयाब होना चाहते हैं।
अनपढ़ फेंकू के राज में छात्रा प्रॉस्टीटूट, सवाल करने वाले हलाला की औलाद, आतंकी !!!
@IndianGems_ बिलकुल सही बक रहा है फेंकू ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में भी SIT ने चोरों को तुरंत पकड़ लिया था l
गोदी मीडिया के अनुसार कुछ 2 लाख, 7 लाख, 20 लाख वाले छोटे मोटे पॉकेटमारों का काम था ... बस इतनी सी ही बात थी l
बाक़ी सब हालाला की औलाद, पाकी आतंकी, जो सवाल उठाते हैं !
@Imdineshpurohit रावण वंश मर्यादा से, विद्या, लोक बल, धन बल, शस्त्र बल ... हर एक मामले में रामचंद्र से ऊंचा था l
केवल एक ही कारण से मरा था - अहंकार !
फेंकू तो फिर एक अनपढ़ तेली बनिया है, प्लेटफॉर्म पर चाय बेचता था l
फेंकू अतीत भूल गया है अब !
कलयुग है l थोड़ी देर है, पर हिसाब ज़रूर देना पड़ेगा !
@Priyaa_Purohit अब अटल जी की भाजपा कहीं भी नज़र नहीं आती जहाँ योग्यता, ईमानदारी देखी जाती थी।
फेंकू की ये बनिया-जैन-पार्टी (BJP) मुर्दाख़ोर गिद्ध से भी बद्तर है !
कभी सैनिकों की लाश पर धंधा, कभी छात्रों की लाश पर राजनीति, कभी हम ग़रीबों के ख़ून चूसकर व्यापार।
सवाल करें तो हलाला की औलाद, आतंकी !
@DrLaxman_Yadav हरामख़ोर, रिश्वतख़ोर नेताओं को सिर्फ़ कुर्सी की चिंता है !!!
इनके घरों में भी तो बच्चे हैं ... शायद 20/30 लाख देकर अन्सार पेपर ख़रीद सकते हैं !
लेकिन आम आदमी के बच्चे मेहनत करके कामयाब होना चाहते हैं।
उससे भी बड़ी बात — ये बच्चे "हलाला की औलाद", पाकी एजेंट, आतंकी लग रहे हैं ???
@BoltaHindustan ऊपर से जैसा आदेश आता है पुलिस केवल उसीका पालन करती है।
आदेश किसने दिया इस तरह बेरहमी से छात्रों को पीटने का ?
जिस राक्षस के कारण दर्ज़नों छात्र आत्महत्या किए हैं, फेंकू ने उसको हटाया नहीं।
ऊपर से इस्तीफ़ा मांगने वालों को "हलाला की औलाद", पाकी, आतंकी जैसे सम्मान मिल रहे हैं !
@rautsanjay61 कल जब इन लाठी मारने वालों के बच्चे आत्महत्या करेंगे तब उनको लाठी की आवाज़ अच्छी लगेगी !
फेंकू को ये राक्षस इतना प्यारा लगता है तो उसे अयोध्या राम मंदिर का CEO बना दें !
धार्मिक है | भगवान् राम, प्रभु जगन्नाथ दोनों ही विष्णु के अवतार हैं |
पद ख़ाली है | उधर ईमानदारी से काम करेगा !
@mr_mayank Feku-3.0 BJP govt. is all about CORRUPTION, OPPRESSION, INHUMANITY, FORCING ON PEOPLE'S BASIC CHOICE.
What we see only TIP OF ICEBERG, Agencies SUPPRESS their crimes.
Students just want FAIR, LEAK-PROOF exams. But they have been tagged as Paki agents, Halala ki Aulad, DESHDROHI !
@NarundarM They are just asking (also 80 crore Indians asking) SACKING of the RAKSHASA who is responsible for the SUICIDE of dozens of students.
Matter is that SIMPLE.
But Gobar Bhakts are calling them Soros agents, Chinese agents, Halala ki Aulad, Paki terrorists, DESHDROHI, etc. etc. !!!
@PTI_News In the end our "NATIONAL CHAWKIDAR" is responsible for everything, both Credit & Discredit.
He has not yet sacked the RAKSHASA responsible for dozens of students' SUICIDE.
He was also SILENT on TEMPLE THEFT.
Is it only KNOWING the thieves or
CHAWKIDAR is also sharing the Loots ?
@RoshanKrRaii ऋषि-मुनि-अवतार की भविष्यवाणी व्यर्थ नहीं हो सकती l
कलयुग में पाखंडी को धार्मिक, ढोंगी को ईमानदार, धूर्त को ज्ञानी समझा जाएगा l
रामचंद्र कह गये सिया से ऐसा कलजुग आएगा
हंस चूगेगा दाना दुनका कव्वा मोती खाएगा !
@Priyaa_Purohit पंडित मुल्ला डाँटें पर हम सबका दुख बाँटें
सारे हैं अपने प्यारे बोलो किसका गला काटें ?
धर्म बाद में ! लेकिन जिस आदमी के कारण दर्ज़नों छात्र आत्महत्या किए हैं, उसको अभी तक हटाया नहीं गया l
और गोबर भक्त इस्तीफ़ा मांगने वालों को "हलाला की औलाद", पाकी, आतंकी जैसे सम्मान दे रहे हैं !
@NewsAlgebraIND हम भी चाहते हैं अर्जेंटीना जीते !
लेकिन हम और कब तक बेगाने शादी में नाचते रहेंगे ?
ये बिलकुल सच नहीं के सारे पैसे सिर्फ़ क्रिकेट में ही डाले जाते हैं l फुटबॉल में भी बड़े बड़े कॉर्पोरेट इनवेस्ट करते हैं l
तो फिर हम क्यों प्री क्वालिफायड लेवल तक भी नहीं जा पाते ?