2014 में जब PM Narendra Modi Ji ने वाराणसी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो उन्हें हराने के लिए ऐसे चेहरों को भी सामने लाया गया, जिनकी भूमिका को लेकर आज तक कई दावे और विवाद होते रहे हैं।
2014 में कुछ लोग अध्यात्म से ज़्यादा चुनावी विश्लेषक नज़र आ रहे थे। 🤔
भगवा वस्त्र थे, लेकिन निशाना सिर्फ़ मोदी! 🎯
आलोचकों का आरोप है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने 2014 के चुनाव में मोदी जी के विरोध में दो ऐसे शंकराचार्यों को प्रमुखता से आगे किया, जिन्हें विरोधी "कांग्रेसाचार्य" तक कहने लगे।
सबसे पहले बात करते हैं अधोक्षजानन्द की।
आलोचकों का दावा है कि वे पुरी के पारंपरिक शंकराचार्य नहीं थे, लेकिन चुनाव से पहले उन्हें शंकराचार्य के रूप में व्यापक प्रचार मिला।
यह भी दावा किया जाता है कि 1994 में नरसिम्हा राव सरकार के समय रामालय ट्रस्ट बनाया गया था। उस समय पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती ने कथित तौर पर उससे सहमति नहीं दी। बाद में आरोप लगाए गए कि कांग्रेस समर्थित एक निजी ट्रस्ट के माध्यम से अधोक्षजानन्द को आगे बढ़ाया गया और उन्हें पारंपरिक प्रक्रिया से शंकराचार्य नहीं चुना गया।
आलोचकों के अनुसार उनके कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से निकट संबंध रहे। उनके कई सार्वजनिक बयान भी समय-समय पर विवादों में रहे। ⚠️
अब बात करते हैं द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानन्द सरस्वती की।
उनके आलोचक उन्हें गांधी परिवार का करीबी बताते रहे। यह भी कहा जाता है कि उन्होंने कई अवसरों पर कांग्रेस के पक्ष में सार्वजनिक रुख अपनाया और भाजपा, RSS तथा नरेंद्र मोदी की आलोचना की।
2004 में सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने के विवाद के दौरान भी उनके बयान चर्चा में रहे। आलोचक यह भी दावा करते हैं कि रामालय ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रमों में उनकी भूमिका रही तथा बाद में उनके शिष्य अविमुक्तेश्वरानन्द भी कई मौकों पर मोदी सरकार के आलोचक रहे।
2014 के चुनाव में इन धार्मिक चेहरों ने नरेंद्र मोदी का खुलकर विरोध किया। कभी 2002 के गुजरात दंगों का मुद्दा उठाया गया, तो कभी हिंदुत्व की आलोचना की गई।
लेकिन लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है। 🇮🇳
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 2014 का चुनाव ऐतिहासिक बहुमत से जीता और वाराणसी से भी शानदार विजय दर्ज की। इसके बाद भी भाजपा लगातार केंद्र की सत्ता में बनी रही।
जनता ने बहस नहीं, बैलेट से जवाब दिया। 🗳️🇮🇳
वाराणसी बोली, देश बोला... और इतिहास बन गया। 🚩
"काल क्या बिगाड़े उसका, जो भक्त हो महाकाल का। जब माँ गंगा का आशीर्वाद साथ हो, तो जनता का विश्वास ही सबसे बड़ी शक्ति बन जाता है।" 🚩🙏
#Modi #Varanasi #LokSabhaElections
Instagram reel by someone named salman allegedly gave the whole idea. This is how the stones were collected- wall of Jantar Mantar was attempted to be broken, police on the other side attacked and Nepal like call made viral.
CC @DelhiPolice
Even according to the UN, Sudan is the number one humanitarian crisis in the world.
Jihadists are slaughtering, enslaving, and displacing Sudanese by the millions, part of a nearly 1400 year-long legacy of Islam in Africa.
Saudi Arabia organised and financed this involvement, which brought financial resources to the RSF. In 2016–2017, RSF had 40,000 members participating in the Yemeni civil war. In October 2019, 10,000 members had returned to Sudan.
All of them are on camera, they hesitated knowing that they are breaking the law but they are egged on by a ring leader. This is the sad thing. The ring leader is usually connected, won’t get booked, the small guys get their background record tainted.
Apparently Cockroaches tried to lynch a police officer and then police used the force.
What were they supposed to do? Got killed by these jihadi-naxali mob?
While cockroaches are making reels,
Delhi Police saved a life of a protestor who lost consciousness during the protest.
However, international media won’t cover this.
In France, a Muslim migrant tells a young girl she should cover herself and not wear a cross necklace because it’s ‘haram.’
She responds: “I’m Christian. Leave me alone!”
Amen. Now let's deport them 🇫🇷
देखिए लोग कितना बड़ा खिलवाड़ करते हैं 😡
ये बच्चा जो कर रहा है अगर कुछ हो जाता तो बहुत लोगों का जान जा सकता है 😡।
ये Railway के Track पर बैठकर बहुत सारे लोहे की Clam खोल रहा है जो क्लेम ट्रैक को जोड़ता है।
सोचिए अगर कुछ हो जाता ट्रेन का इस लापरवाही की वजह से तो कितना बड़ा एक्सीडेंट हो सकता था।
ये वीडियो एक User ने इंस्टाग्राम पर छोड़ा है कहां का वीडियो है ये नहीं लिखा है।