@Brahmos007 Kuchh logon ne Sahi kaha hai ki ek umra ke bad aadami pagal type ka ho jata hai ya chacha ki shakal per mat jao yah dimag se hil chuke hain kuchh bhi aana afsana pahle ja rahe hain
@Currentreport1 Tell me, these people are also giving knowledge to Iran whose only job is to drink human blood. These enemies of humanity, what work have these people done apart from drinking human blood?
@Javedakhtarjadu उस चश्मे में आपको तालिबानी आतंकवादी नज़र आते हैं, लेकिन सिर्फ टेस्ट के लिए निहत्थे आम नागरिकों को कत्ल करने वाले ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे साम्राज्यवादी देशों पर आपकी ज़ुबान को ताला लग जाता है।जाइए! अब शर्म से झुका हुआ सर उठाइए। और जाकर उन मृतकों के लिए फातिहा पढ़ लीजिए!
@Javedakhtarjadu क्यों साहब? सर क्यों झुक गया? ऐसा क्या हो गया? आपके मुताबिक़ अपने देश की सत्ता खुद चलाना अपराध है? तालिबान का कसूर क्या है? यही कि उन्होंने अपने देश से साम्राज्यवादी ताकतों को बीस साल तक संघर्ष करके खदेड़ा है! चलिए आपको नया टास्क देता हूँ,
@Javedakhtarjadu अपने अपराध को छिपाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने मारे गये बेगुनाह अफ़ग़ान लोगों के आसपास जानबूझकर बंदूक़ें और अन्य हथियार रखे ताकि कहानी को बदला जा सके। यह सिर्फ एक घटना है। बीते दो दशक में उस ज़मीन पर ना जाने कितने निहत्थे लोगों का खून बहा है। लेकिन आपका चश्मा कमाल का hai
@Javedakhtarjadu पता है ये हत्याएं कैसे हुईं, तो सुनिए! ऑस्ट्रेलियाई सैन्य कमांडर ने नए भर्ती हुए सैनिकों को आदेश दिया था कि 'जिन जूनियर सैनिकों ने कभी किसी की हत्या नहीं की थी, वो क़ैदियों को गोली मारकर अपना हाथ साफ़ कर सकते हैं।’
अपने अपराध को छिपाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने मारे गये
@Javedakhtarjadu , अगर आप में रत्ती भर भी मानवता होगी तो आप सर शर्म से नहीं झुकाएंगे बल्कि मुखर होकर मानवता के हत्यारों की निंदा करेंगे।
तो सुनिए! साल 2009 से 2013 के बीच अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों ने 23 अलग-अलग घटनाओं में 39 आम अफ़ग़ान शहरियों की हत्या की थी।
@Vini__007 गोबर खाता है दिमाग में गोबर ही भरा है वह हक मेहर होता है उसे सिर्फ और सिर्फ लड़की का हक होता है उतना उसके बाप का ना उसके मन का ना उसके भाई का यहां तक की उसके शहर का भी हक नहीं होता वैसे तुम क्या जानो