बिहार में मार्च 1990 से कांग्रेस सत्ता (गठबंधन नहीं) से बाहर है। 34 साल हो गए। यहां भी वही कारण है। कांग्रेस पहले राजद को हराने के लड़ती थी, उसके बाद जदयू-भाजपा गठबंधन को। कभी अपनी जीत के लिए लड़ी ही नहीं। निकट भविष्य में सत्ता में आने की उम्मीद भी नहीं है।
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नकारात्मक सोच के कारण ही बंगाल, बिहार, यूपी में सत्ता (गठबंधन नहीं) से बाहर है। क्या कारण है कि बंगाल में 1977 के बाद से कांग्रेस सत्ता में नहीं आई है और कांग्रेस से निकली या निकाली गई ममता बनर्जी 2011 से सरकार चला रही है। क्योंकि कांग्रेस यहां जीतने के लिए नहीं हराने के लिए चुनाव लड़ती है, पहले वाम दलों और उसके बाद ममता को। हाल यह हो गया कि कथित सहयोगी ममता इस चुनाव में उसे सीट भी नहीं दी।
लखनऊ में पैथोलॉजी लैब के मालिक की 21 साल के बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव को कई टुकड़ों में काटा। फिर उसे ड्रम में भर दिया। पैथोलॉजी मालिक तीन दिन से लापता थे। बेटे ने ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मेरठ के 10वीं के छात्र कुशल जैन के पिता का शुक्रवार शाम निधन हुआ और शनिवार को बोर्ड की अंग्रेजी की परीक्षा थी। एक तरफ पिता का पार्थिव शरीर घर में पड़ा था और दूसरी तरफ परीक्षा। समाज और परिवार के फैसले पर कुशल ने पहले आंसुओं को रोककर परीक्षा दी और दोपहर में लौटकर पिता को मुखाग्नि।
प्रयागराज में बीएसएनएल के एक 'साहब' के प्रस्तावित दौरे के लिए 50 अफसरों की ड्यूटी लगाई गई। बाकायदा चार्ट बनाकर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई। अफसर के ब्रेकफास्ट, लंच से लेकर अंडरवियर तक अरेंज करने की जिम्मेदारी तय कर दी गई। वायरल होने के बाद आदेश कैंसिल कर दिया गया।
बाराबंकी में जयमाल के समय दूल्हे का पारा ऐसा चढ़ा कि उसने दुल्हन को ही 'किक' मार दी। वजह? दुल्हन और मेहमानों का हद से ज्यादा सेल्फी प्रेम। बीच-बचाव करने आए ससुर जी को भी धक्का दे दिया। अंत में बिना किसी FIR के 'लात-घूँसों' वाली शादी संपन्न हुई।
संभल में सरकार की उपलब्धियां जनता तक पहुँचने से पहले ही 'धुआं-धुआं' हो गईं। इसे 'जन-जन' तक पहुंचनी चाहिए थीं, लेकिन कार्यकर्ताओं ने शॉर्टकट अपनाया और 'अग्नि देव' तक पहुँचा दिया। पत्र पर मोदी-योगी की तस्वीर भी लगी थी। इसे कहते हैं विकास की रफ़्तार में अचानक 'शॉर्ट सर्किट' लग जाना।