.....इसलिए इस जाल में न फँसें।
सच को पहचानें।
सोचने की ज़रूरत है…
अब भी अगर नहीं जागे,
तो अगला हमला सिर्फ गोली से नहीं,
हमारी सोच पर होगा।
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
कृपया सभी जागरूक हों
और एकजुट हो जाइए ,
ताकि फिर कोई ऐसा ना कर सकें...!!
!! जय हिंद !!
पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों ने पुरुषों को मारा, लेकिन महिलाओं को छोड़ दिया।
क्यों?
क्या आतंकी कभी किसी को छोड़ते हैं?
नहीं।
तो फिर महिलाओं को क्यों छोड़ा गया?
क्योंकि वो लौटें… और बताएं कि कैसे धर्म पूछा गया, पहचान तय की गई… और फिर मर्दों को चुन-चुनकर सिर में गोली मारी गई।
आतंकी जानबूझकर ऐसा हमला करते हैं, ताकि हिन्दू-मुस्लिम के बीच वैमनस्य फैले,
लोग डरें, नफरत करें… और राजनीतिक लाभ उठाया जा सके।
हम सबको समझना होगा —
ये आतंकी घटना है, न कि किसी धर्म का चेहरा।
इसे हिन्दू बनाम मुस्लिम के रूप में देखना आतंकियों की जीत है।
हमारी हार.........